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Hamirpur News: जेल की दीवारों के बीच पहुंचा राखी का प्यार...
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फोटो 28एचएएमपी- 07 जिला कारागार में बंदी भाई की कलाई पर राखी बांधती बहन। संवाद
= 239 बहनों ने जेल में भाइयों की कलाई पर बांधी राखी
= पांच पालियों में हुई मुलाकात, 90 बच्चे भी पहुंचे
फोटो 28एचएएमपी- 07 जिला कारागार में बंदी भाई की कलाई पर राखी बांधती बहन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। रक्षाबंधन पर्व पर जेल की चारदीवारी में भाइयों की कलाई सूनी नहीं रही। जेल में भी भाई बहनों का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही भाइयों से मिलने के लिए बहनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पांच पालियों में 178 बंदियों को 239 बहनों ने राखी बांधी।
रक्षाबंधन पर इस बार राखी बांधने वाली बहनों और उनके भाइयों के बीच घर का आंगन नहीं, बल्कि जेल की चारदीवारी थी। मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। भाइयों को मिठाई खिलाई और परिवार का हालचाल जाना। कुछ देर की इस मुलाकात में किसी ने घर-परिवार की बातें साझा कीं तो किसी ने भाई की कुशलता पूछी। जेल की चारदीवारी में भाइयों को बहनों की कमी नहीं खली। रक्षाबंधन पर परिवार के साथ उनका मेल मिलाप हुआ।
जेल अधीक्षक मंजीव विश्वकर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व पर बंदियों से उनकी बहनों की मुलाकात के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। मुख्य गेट पर टेंट लगाया गया था। सुबह नौ बजे से दोपहर 3:30 बजे तक पांच पालियों में मुलाकात कराई गई। पहली पाली में 61 महिलाएं और 28 बच्चे, दूसरी में 64 महिलाएं और 20 बच्चे, तीसरी में 62 महिलाएं और 19 बच्चे तथा चौथी में 41 महिलाएं और 12 बच्चे पहुंचे। पांचवीं पाली में 11 महिलाएं, 13 पुरुष और 11 बच्चों ने मुलाकात की।पांचों पालियों को मिलाकर 239 महिलाएं, 13 पुरुष और 90 बच्चे, कुल 342 परिजन जेल पहुंचे। इन परिजनों ने 178 बंदियों से मुलाकात की।
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जांच के बाद पैकेज्ड सामग्री ले जाने की अनुमति
रक्षाबंधन पर परिजन अपने साथ भाइयों के लिए मिठाई और अन्य सामग्री लेकर भी पहुंचे। जेल मैनुअल में अनुमन्य पैकेज्ड सामग्री को सघन जांच के बाद जेल के अंदर ले जाने की अनुमति दी गई। सुरक्षा जांच के बाद ही सामग्री परिजनों को बंदियों तक पहुंचाने दी गई।
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= पांच पालियों में हुई मुलाकात, 90 बच्चे भी पहुंचे
फोटो 28एचएएमपी- 07 जिला कारागार में बंदी भाई की कलाई पर राखी बांधती बहन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। रक्षाबंधन पर्व पर जेल की चारदीवारी में भाइयों की कलाई सूनी नहीं रही। जेल में भी भाई बहनों का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही भाइयों से मिलने के लिए बहनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पांच पालियों में 178 बंदियों को 239 बहनों ने राखी बांधी।
रक्षाबंधन पर इस बार राखी बांधने वाली बहनों और उनके भाइयों के बीच घर का आंगन नहीं, बल्कि जेल की चारदीवारी थी। मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। भाइयों को मिठाई खिलाई और परिवार का हालचाल जाना। कुछ देर की इस मुलाकात में किसी ने घर-परिवार की बातें साझा कीं तो किसी ने भाई की कुशलता पूछी। जेल की चारदीवारी में भाइयों को बहनों की कमी नहीं खली। रक्षाबंधन पर परिवार के साथ उनका मेल मिलाप हुआ।
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जेल अधीक्षक मंजीव विश्वकर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व पर बंदियों से उनकी बहनों की मुलाकात के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। मुख्य गेट पर टेंट लगाया गया था। सुबह नौ बजे से दोपहर 3:30 बजे तक पांच पालियों में मुलाकात कराई गई। पहली पाली में 61 महिलाएं और 28 बच्चे, दूसरी में 64 महिलाएं और 20 बच्चे, तीसरी में 62 महिलाएं और 19 बच्चे तथा चौथी में 41 महिलाएं और 12 बच्चे पहुंचे। पांचवीं पाली में 11 महिलाएं, 13 पुरुष और 11 बच्चों ने मुलाकात की।पांचों पालियों को मिलाकर 239 महिलाएं, 13 पुरुष और 90 बच्चे, कुल 342 परिजन जेल पहुंचे। इन परिजनों ने 178 बंदियों से मुलाकात की।
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जांच के बाद पैकेज्ड सामग्री ले जाने की अनुमति
रक्षाबंधन पर परिजन अपने साथ भाइयों के लिए मिठाई और अन्य सामग्री लेकर भी पहुंचे। जेल मैनुअल में अनुमन्य पैकेज्ड सामग्री को सघन जांच के बाद जेल के अंदर ले जाने की अनुमति दी गई। सुरक्षा जांच के बाद ही सामग्री परिजनों को बंदियों तक पहुंचाने दी गई।