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सुमेरपुर से गहरा लगाव रखते हैं राजनाथ सिंह
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भरुआसुमेरपुर। सदर विधानसभा सीट पर क्षत्रिय समाज की मतदान में अहम भूमिका होती है। देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह क्षत्रिय समाज को भाजपा से जोड़ने के लिए पिछले दो दशक के चुनावों में सुमेरपुर आते रहे हैं और इसका फायदा भी भाजपा को हुआ है। लेकिन इस बार की जनसभा से भाजपा प्रत्याशी को कितना फायदा होगा यह चुनाव परिणाम ही बताएंगे।
पिछले दो दशक का इतिहास देखा जाए तो राजनाथ सिंह ने कस्बे में आधा दर्जन जनसभाएं की। चार अगस्त 2005 को किसान नेता रणधीर सिंह की इमिलिया थोक में हुई हत्या को राजनाथ सिंह ने गंभीरता के साथ लिया था और यहां आकर पहली बार क्षत्रिय समाज के मध्य पैठ बनाई थी। उस हत्याकांड के बाद यहां का क्षत्रिय समाज राजनाथ सिंह का मुरीद हो गया था। इस हत्याकांड में सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा जिला सत्र न्यायालय से हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने भाजपा के टिकट से चुनाव मैदान में आने वाले सभी प्रत्याशियों के लिए कस्बे में आकर जनसभा की है। इस बार प्रत्याशी डॉ. मनोज प्रजापति के समर्थन में आए। प्रत्येक सभा में इमिलिया कांड की बात रखने वाले राजनाथ सिंह इस बार कुछ भी नहीं बोले और समाज की नाराजगी भांपकर यह कहकर आक्रोश कम करने का प्रयास किया कि पार्टी में परिवर्तन होता रहता है। लेकिन किसी की उपयोगिता खत्म नहीं होती है। उनका यह बयान क्षत्रिय समाज के दिलों में कितना मरहम लगाएगा। यह तो भविष्य के गर्त में छिपा है।
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पिछले दो दशक का इतिहास देखा जाए तो राजनाथ सिंह ने कस्बे में आधा दर्जन जनसभाएं की। चार अगस्त 2005 को किसान नेता रणधीर सिंह की इमिलिया थोक में हुई हत्या को राजनाथ सिंह ने गंभीरता के साथ लिया था और यहां आकर पहली बार क्षत्रिय समाज के मध्य पैठ बनाई थी। उस हत्याकांड के बाद यहां का क्षत्रिय समाज राजनाथ सिंह का मुरीद हो गया था। इस हत्याकांड में सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा जिला सत्र न्यायालय से हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने भाजपा के टिकट से चुनाव मैदान में आने वाले सभी प्रत्याशियों के लिए कस्बे में आकर जनसभा की है। इस बार प्रत्याशी डॉ. मनोज प्रजापति के समर्थन में आए। प्रत्येक सभा में इमिलिया कांड की बात रखने वाले राजनाथ सिंह इस बार कुछ भी नहीं बोले और समाज की नाराजगी भांपकर यह कहकर आक्रोश कम करने का प्रयास किया कि पार्टी में परिवर्तन होता रहता है। लेकिन किसी की उपयोगिता खत्म नहीं होती है। उनका यह बयान क्षत्रिय समाज के दिलों में कितना मरहम लगाएगा। यह तो भविष्य के गर्त में छिपा है।
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