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Hamirpur News: लोकेटर गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पांच धरे गए
Mon, 01 Dec 2025 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Mon, 01 Dec 2025 12:20 AM IST
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हमीरपुर। खनन और ओवरलोडिंग की सूचना माफिया को देने वाले लोकेटर नेटवर्क पर पुलिस ने रविवार को बड़ा वार किया। कोतवाली नगर पुलिस ने कालपी तिराहा से पांच वांछित अभियुक्तों सईद उर्फ मुन्ना, नासिर, दिलशाद उर्फ़ आमिर, फैयाज बेग और अमन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
आरोपियों के कब्जे से स्कार्पियो व दो क्रेटा कारें, पांच मोबाइल, सात सिम कार्ड और 53,200 नकद बरामद कर मोटर वाहन अधिनियम 207 में सीज किए गए। मुकदमे में बीएनएस की धारा 61 व 338 भी बढ़ाई गई है।
कोतवाली प्रभारी पवन कुमार पटेल ने बताया कि लोकेटर गिरोह सरकारी निरीक्षण टीम, खनन विभाग और पुलिस की लोकेशन लगातार ट्रैक कर माफिया तक पहुंचाते थे। इससे जांच टीमें कई बार मौके पर कार्रवाई नहीं कर पाती थीं। पहले भी पुलिस दो लोकेटरों को जेल भेज चुकी है और जांच के दौरान एक कार भी सीज की जा चुकी है, जिससे यह नेटवर्क पहले ही निगरानी में था।
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कोतवाली प्रभारी ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से इनकी भूमिका पुष्टि हुई है। आरोपियों से पूछताछ में और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आगे जो भी नए नाम सामने आएंगे, उन पर भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अब लोकेशन चैट, कॉल रिकॉर्ड, जीपीएस डेटा और नेटवर्क की डिजिटल परतों की गहराई से जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन व लोकेटर तंत्र को जड़ से खत्म करने तक अभियान जारी रहेगा। पुलिस मीडिया सेल ने भी कार्रवाई की पुष्टि की है।
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आरोपियों के कब्जे से स्कार्पियो व दो क्रेटा कारें, पांच मोबाइल, सात सिम कार्ड और 53,200 नकद बरामद कर मोटर वाहन अधिनियम 207 में सीज किए गए। मुकदमे में बीएनएस की धारा 61 व 338 भी बढ़ाई गई है।
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कोतवाली प्रभारी पवन कुमार पटेल ने बताया कि लोकेटर गिरोह सरकारी निरीक्षण टीम, खनन विभाग और पुलिस की लोकेशन लगातार ट्रैक कर माफिया तक पहुंचाते थे। इससे जांच टीमें कई बार मौके पर कार्रवाई नहीं कर पाती थीं। पहले भी पुलिस दो लोकेटरों को जेल भेज चुकी है और जांच के दौरान एक कार भी सीज की जा चुकी है, जिससे यह नेटवर्क पहले ही निगरानी में था।
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कोतवाली प्रभारी ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से इनकी भूमिका पुष्टि हुई है। आरोपियों से पूछताछ में और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आगे जो भी नए नाम सामने आएंगे, उन पर भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अब लोकेशन चैट, कॉल रिकॉर्ड, जीपीएस डेटा और नेटवर्क की डिजिटल परतों की गहराई से जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन व लोकेटर तंत्र को जड़ से खत्म करने तक अभियान जारी रहेगा। पुलिस मीडिया सेल ने भी कार्रवाई की पुष्टि की है।