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Hamirpur News: छोटे शहरों के तीर्थ स्थलों का होगा सुंदरीकरण, बजट से आस
Tue, 03 Feb 2026 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Tue, 03 Feb 2026 12:35 AM IST
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हमीरपुर। केंद्रीय बजट में छोटे शहरों के तीर्थ स्थलों को विकसित किए जाने की घोषणा से जिले में भी धार्मिक पर्यटन के विकास की आस बंधी है। यहां पर खंडेह का ऐतिहासिक शिव मंदिर, मरही माता मंदिर, शहर स्थिति पातालेश्वर मंदिर सहित सिंह महेश्वर आदि कई प्राचीन धार्मिक स्थल हैं। इसमें कइयों का धार्मिक पर्यटन विकास कराया जा चुका है तो कुछ का कराया जा रहा है।
शहर के यमुना पुल से उत्तर दिशा में दो किमी दूर नदी किनारे स्थिति सिंह महेश्वर मंदिर स्थिति है। इतिहासविदों के अनुसार, यह मंदिर गुप्त कालीन वास्तुकला की अनमोल धरोहर है। वहीं, शहर के डीएम आवास के पास चौरा देवी का सुप्रसिद्ध मंदिर स्थिति है। शहरवासियों की श्रद्धा व विश्वास का यह केंद्र सदियों पुराना है। हजारों भक्त रोजाना यहां दर्शन को आते हैं। धार्मिक संस्कार संपन्न होते हैं और नवरात्र में विशाल मेला का आयोजन होता है। इसी प्रकार हमीरपुर-कालपी हाईवे पर शहर के पश्चिमी छोर पर स्थिति एक चबूतरे पर गौरा देवी का मंदिर है। शहर स्थिति पातालेश्वर मंदिर भी प्राचीन धरोहर के रूप में विख्यात है। वहीं मुख्यालय से करीब 80 किमी दूर राठ के पूरब दिशा की ओर एक बड़ा तालाब है। इसे चोपरा कहते हैं। इसी के किनारे एक प्राचीन मंदिर है। इसमें भगवान शिव की मूर्ति विराजमान है। यह मंदिर चौपरेश्वर के नाम से विख्यात है। इसी परिसर में मार्कडेश्वर, रामलला, गणेश व बालाजी के प्राचीन मंदिर स्थिति हैं। सावन व शिवरात्रि में यहां विशाल मेला लगता है।
वरिष्ठ नागरिकों व पेंशनर्स की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा केंद्रीय बजट
हमीरपुर। वरिष्ठ नागरिकों व पेंशनर्स की अपेक्षाओं पर केंद्रीय बजट खरा नहीं उतरा। उन्हें 8वें वेतन आयोग का क्रियान्वयन एक जनवरी 2026 से लागू करने, कोरोना काल के 18 माह का महंगाई भत्ता, मूल आयकर में छूट की सीमा बढ़ाने, स्वास्थ्य सुरक्षा का विस्तार, इलाज के लिए सरल व कैशलेस व्यवस्था, रेलवे में छूट आदि की उम्मीदें थीं, लेकिन बजट आने के बाद अधिकांश उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
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बजट में न तो रेलवे संबंधी कोई छूट मिली और न ही पेंशन व बचत योजनाओं पर बेहतर रिटर्न मिल सका है। इलाज के लिए सरल और कैशलेस व्यवस्था पर भी कुछ नहीं हुआ। डायबिटीज व कैंसर जैसी बीमारियों की दवाएं सस्ती होने व इनकम टैक्स प्रक्रिया सरल होने से वरिष्ठ नागरिकों व पेंशनर्स को कुछ राहत है।
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शहर के यमुना पुल से उत्तर दिशा में दो किमी दूर नदी किनारे स्थिति सिंह महेश्वर मंदिर स्थिति है। इतिहासविदों के अनुसार, यह मंदिर गुप्त कालीन वास्तुकला की अनमोल धरोहर है। वहीं, शहर के डीएम आवास के पास चौरा देवी का सुप्रसिद्ध मंदिर स्थिति है। शहरवासियों की श्रद्धा व विश्वास का यह केंद्र सदियों पुराना है। हजारों भक्त रोजाना यहां दर्शन को आते हैं। धार्मिक संस्कार संपन्न होते हैं और नवरात्र में विशाल मेला का आयोजन होता है। इसी प्रकार हमीरपुर-कालपी हाईवे पर शहर के पश्चिमी छोर पर स्थिति एक चबूतरे पर गौरा देवी का मंदिर है। शहर स्थिति पातालेश्वर मंदिर भी प्राचीन धरोहर के रूप में विख्यात है। वहीं मुख्यालय से करीब 80 किमी दूर राठ के पूरब दिशा की ओर एक बड़ा तालाब है। इसे चोपरा कहते हैं। इसी के किनारे एक प्राचीन मंदिर है। इसमें भगवान शिव की मूर्ति विराजमान है। यह मंदिर चौपरेश्वर के नाम से विख्यात है। इसी परिसर में मार्कडेश्वर, रामलला, गणेश व बालाजी के प्राचीन मंदिर स्थिति हैं। सावन व शिवरात्रि में यहां विशाल मेला लगता है।
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वरिष्ठ नागरिकों व पेंशनर्स की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा केंद्रीय बजट
हमीरपुर। वरिष्ठ नागरिकों व पेंशनर्स की अपेक्षाओं पर केंद्रीय बजट खरा नहीं उतरा। उन्हें 8वें वेतन आयोग का क्रियान्वयन एक जनवरी 2026 से लागू करने, कोरोना काल के 18 माह का महंगाई भत्ता, मूल आयकर में छूट की सीमा बढ़ाने, स्वास्थ्य सुरक्षा का विस्तार, इलाज के लिए सरल व कैशलेस व्यवस्था, रेलवे में छूट आदि की उम्मीदें थीं, लेकिन बजट आने के बाद अधिकांश उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
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बजट में न तो रेलवे संबंधी कोई छूट मिली और न ही पेंशन व बचत योजनाओं पर बेहतर रिटर्न मिल सका है। इलाज के लिए सरल और कैशलेस व्यवस्था पर भी कुछ नहीं हुआ। डायबिटीज व कैंसर जैसी बीमारियों की दवाएं सस्ती होने व इनकम टैक्स प्रक्रिया सरल होने से वरिष्ठ नागरिकों व पेंशनर्स को कुछ राहत है।