पेट्रोलपंपों पर भी होती रही चकचक
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हमीरपुर। पांच सौ व एक हजार रुपये के नोटों का अचानक चलन बंद होने से मध्यम वर्ग के लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग रोजमर्रा की वस्तुओं को खरीदने के लिए भटकते रहे। मुख्यालय में सुभाष बाजार में सन्नाटे जैसा माहौल रहा। दुकानदार हाथ में हाथ धरे बैठे रहे।पांच सौ व एक हजार रुपये का नोट लेकर दुकान गए लोगों को लौटना पड़ा। हालांकि बाजार में कुछ ग्राहक सौभाग्यशाली रहे कि उनके साथी दुकानदार होने पर उधारी में जहां सामान पा गए वहीं 100 रुपये के नोट भी मिल गए। ज्यादातर दुकानदारों की दोपहर 12 बजे तक बोहनी तक नहीं हुई। शहर में लक्ष्मीबाई तिराहे पर एक पेट्रोल पंप पर पांच सौ रुपये के लेन-देन को लेकर हाथापाई भी हो गई। यहां लगी पुलिस ने मामले को सुलटाया। प्रबुद्ध व शिक्षित वर्ग के लोगों ने इस एतिहासिक कदम के लिए प्रधानमंत्री की तारीफ की। कहा कि कुछ दिनों के लिए परेशानी जरूर होगी पर काला धन रखने वालों के खिलाफ अच्छा कदम है। गौरतलब हो कि मंगलवार की रात प्रधानमंत्री ने काले धन व नकली करेंसी पर लगाम लगाने के लिए पांच सौ व एक हजार रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया। इसका असर बुधवार को सामान्य जनजीवन पर क्या रहा प्रस्तुत है रिपोर्ट-
वकीलों ने की सराहना
जिला बार संघ अध्यक्ष रामसिंह राजपूत व वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन स्वरूप पाठक ने कहा कि नोटों के बंद होने से अभी कुछ दिनों तक मध्यम वर्ग के लोगों को परेशानी जरूर उठानी पड़ेगी। मगर आने वाले समय में काफी हद तक काले धन पर लगाम लगेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस ऐतिहासिक फै सले की सराहना की। यहां बार संघ के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश द्विवेदी, रमेश चंद्र मिश्रा आदि मौजूद थे।
बाइक सवार और पंप कर्मचारी में झड़प
पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट बंद होने की खबर के बाद सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ लगी रही। पेट्रोल पंप संचालकों ने भी पांच सौ या फिर एक हजार के पूरे रुपये का पेट्रोल भरा। पंप मालिकों से ग्राहकों की मुंहा चांही हुई। रानी लक्ष्मीबाई तिराहा स्थित पंप पर 500 के नोट को लेकर बाइक सवार और पंप के कर्मचारी एक दूसरे से उलझ गए। मौके पर मौजूद होमगार्ड को कोतवाली फोन करना पड़ा।