फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   People suffering from waterlogging

जलभराव से जूझ रहे लोग

Wed, 20 Jul 2016 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर Updated Wed, 20 Jul 2016 11:10 PM IST
विज्ञापन
People suffering from waterlogging
गांव के पाठशाला के पास भरा जलभराव।। - फोटो : अमर उजाला

हमीरपुर। बारिश ने शहर से लेकर गांवों तक की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। गंदगी की वजह से संक्रामक रोग भी फैल रहे हैं। गांवों में तैनात सफाई कर्मचारी तो नजर ही नहीं आते हैं।   गहरौली लोहिया ग्राम में साफ-सफाई नदारद है। जगह-जगह कूड़ों के ढेर लगे है। नालियां कीचड़ से बजबजाने के  साथ साथ चोक हो गई हैं। यही कारण है कि हल्की बारिश से ही गांव के हरिजन पाठशाला से कन्या जूनियर हाईस्कूल तक के मार्ग में जलभराव हो जाता है। साथ ही गंदा पानी विद्यालय परिसरों में भर जाता है। छात्र-छात्राओं को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। बीते दिनों गांव आए डीपीआरओ इंद्रपाल सोनकर से ग्रामीणों ने शिकायत की जिस पर उन्होंने गांव में दो सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाने का आश्वासन दिया था। मगर एक माह बीतने के बाद न ही सफाईकर्मियों की नियुक्ति हुई और न ही नाली व नालों की सफाई कराई गई।

विज्ञापन


जलालपुर बस स्टैंड के साथ गांव को जोड़ने वाली सड़के पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। यहां से निकलने वाले ओवरलोड ट्रकों से ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। गांव को जोड़ने वाले रहटिया से बेतवा नदी तक व धौहल से जलालपुर मार्ग पूरी तरह जर्जर हो गया है। मार्ग में एक से दो दो फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं जिससे बारिश में यहां जलभराव हो जाता है। यहां से गुजरने वालों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ना है। इस संबध में ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से कई बार शिकायत की मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। बड़ी देवी मंदिर होते हुए गांधी इंटर कालेज तक मार्ग जाता है। नगर पालिका की उदासीनता से मार्ग में जगह-जगह मिट्टी व कूड़े कचरे के ढेर पड़े हैं। इससे बारिश में जलभराव हो जाता है। इसके पीछे नागरिक भी कम जिम्मेदार नहीं है। मकान निर्माण के दौरान निकले मलबे को सड़क किनारे फिंकवा दिया है।   डीपीआरओ इंद्रपाल सोनकर ने कहा कि  गांवों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को सौंपी गई है। वह सफाईकर्मियों के माध्यम से नाली, नालों व गांव की गलियों की सफाई कराए। यदि सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारी कम पड़ रहे है तो प्रधान मजदूर लगाकर कूड़े करकट के ढेरों को हटवा सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed