हमीरपुर। युवक की हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास व 10,100 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। तीन आरोपियों को साक्ष्यों के आधार पर दोषमुक्त किया गया है। फैसला विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) अनिल कुमार शुक्ल की अदालत ने सुनाया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मणि कर्ण शुक्ल ने बताया कि जरिया थानाक्षेत्र के खेड़ा शिलाजीत निवासी पीड़ित भूप सिंह लोधी के मुताबिक उसका भाई राम सिंह (24) तीजी मेला देखने बौखर गांव अपने मामा राजेंद्र सिंह के यहां 27 अगस्त 2006 को गया था। मेले में नौटंकी देखने के बाद रामसिंह घर लौट आया। अगले दिन 28 अगस्त की सुबह गांव के परशुराम, लल्लू, जयसिंह ठाकुरदास के मकान से लाइसेंसी बंदूक लिए निकले और रास्ते में जा रहे रामसिंह को रोककर बोले कि यही है जो रात में नौटंकी पर गाली गलौज कर रहा था। इसके बाद परशुराम ने फायर कर दिया। गोली रामसिंह के पेट में जा लगी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने आरोपी परशुराम को हत्या के मामले में आजीवन कारावास व 10,100 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं तीन आरोपियों लल्लू, जय सिंह व ठाकुरदास को साक्ष्यों के आधार पर दोषमुक्त कर दिया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।