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नाग पंचमी पर्व पर महिलाओं ने नाग की पूजा की
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गौरा गांव में लगे मेले में उमड़ी लोगों की भीड़।
- फोटो : HAMIRPUR
हमीरपुर। शुक्रवार को नाग पंचमी का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। महिलाओं ने घरों के दरवाजों पर गोबर व घी के नाग बनाकर उनकी पूजा की। वहीं बच्चों ने यमुना नदी में गुड़िया प्रवाहित कर छड़ी से उनको कूटा।
नाग पंचमी पर्व में महिलाओं ने घरों के दरवाजों पर गाय के गोबर व घी से नाग की आकृति बनाकर उनको गुड़, गेहूं, चना आदि से पूजन किया। जलेबी खाने की भी परंपरा निभाई गई। दुकानों पर जलेबी खरीदने की लोगों की भीड़ एकत्र रही। जलेबी 120 से लेकर 200 रुपये प्रति किलो बिकी। शहर के मेरापुर निवासी बच्चों ने सिंहमहेश्वर मंदिर के किनारे यमुना नदी में गुड़िया प्रवाहित कर उनको छड़ी से कूटा।
गहरौली संवाद के अनुसार क्षेत्र के गौरा गांव में नाग पंचमी पर मेला लगा। पहाड़ के ऊपर नाग देवता का विशाल मंदिर है। मान्यता है कि नागपंचमी के दिन कालसर्प दोष से संबंधित जितनी व्याधियों जन्मांग में होती हैं। मंदिर में पूजा करने से सभी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं।
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दूरदराज से लोग पान बताशा चढ़ाकर पूजा अर्चना करने आए। महिलाओं ने मेले में जमकर खरीदारी की। कुरारा संवाद के अनुसार टोडरपुर गांव में वासुखदेव मंदिर में नाग पंचमी पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गांव निवासी कृष्ण कुमार कुशवाहा ने बताया कि यहां सर्प के काटने व कंठमाला, कैंसर फोड़ा आदि के मरीज मंदिर के पुजारी द्वारा ठीक किए जाते हैं। पुजारी लाखन प्रजापति ने बताया कि ईश्वरी विश्वास मानते हुए लोगों को दुआ दी जाती है।
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नाग पंचमी पर्व में महिलाओं ने घरों के दरवाजों पर गाय के गोबर व घी से नाग की आकृति बनाकर उनको गुड़, गेहूं, चना आदि से पूजन किया। जलेबी खाने की भी परंपरा निभाई गई। दुकानों पर जलेबी खरीदने की लोगों की भीड़ एकत्र रही। जलेबी 120 से लेकर 200 रुपये प्रति किलो बिकी। शहर के मेरापुर निवासी बच्चों ने सिंहमहेश्वर मंदिर के किनारे यमुना नदी में गुड़िया प्रवाहित कर उनको छड़ी से कूटा।
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गहरौली संवाद के अनुसार क्षेत्र के गौरा गांव में नाग पंचमी पर मेला लगा। पहाड़ के ऊपर नाग देवता का विशाल मंदिर है। मान्यता है कि नागपंचमी के दिन कालसर्प दोष से संबंधित जितनी व्याधियों जन्मांग में होती हैं। मंदिर में पूजा करने से सभी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं।
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दूरदराज से लोग पान बताशा चढ़ाकर पूजा अर्चना करने आए। महिलाओं ने मेले में जमकर खरीदारी की। कुरारा संवाद के अनुसार टोडरपुर गांव में वासुखदेव मंदिर में नाग पंचमी पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गांव निवासी कृष्ण कुमार कुशवाहा ने बताया कि यहां सर्प के काटने व कंठमाला, कैंसर फोड़ा आदि के मरीज मंदिर के पुजारी द्वारा ठीक किए जाते हैं। पुजारी लाखन प्रजापति ने बताया कि ईश्वरी विश्वास मानते हुए लोगों को दुआ दी जाती है।

रमेड़ी मोहल्ले में घर के दरवाजे पर गाय के गोवर से नाग आकृति बनाती महिला।- फोटो : HAMIRPUR

नाग पंचमी के अवसर पर दुकान में जलेबी खरीदते लोग।- फोटो : HAMIRPUR

संगमहेश्वर मंदिर के पास यमुना नदी में गुड़िया कूटते बच्चें।- फोटो : HAMIRPUR