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नमामि गंगे की दो परियोजनाओं से पानी के लिए अभी करना होगा इंतजार
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पत्योरा में नमामि गंगे परियोजना से निर्माणधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट।
- फोटो : HAMIRPUR
हमीरपुर। जिले में नमामि गंगे परियोजना की रफ्तार धीमी होने से इस साल भी सैकड़ों गांवों के ग्रामीणों को साफ पानी के लिए इंतजार करना पडे़गा। परियोजना का अभी तक मात्र 50 फीसदी ही काम पूरा हो सका है।
मौदहा ब्लाक के गांवों में गर्मी में पानी का संकट गहराता जाता है। ग्रामीण कुएं और नदी का पानी पीने को मजबूर हैं। जलनिगम और जलसंस्थान की वर्षों पुरानी पेयजल योजनाएं भी यहां ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा सकीं। क्षेत्र के बक्छा, खैर, कपसा, गुसियारी सहित डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों के सर्वाधिक पानी की समस्या हैं। इसी परेशानी को देखते यमुना नदी पर जल जीवन मिशन के तहत दो स्थानों पत्योरा व हरौलीपुर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य निर्माणाधीन हैं।
पत्योरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट 336.98 करोड़ व हरौलीपुर में 242 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। इनके चालू होने से सुमेरपुर, मौदहा व कुरारा ब्लाकों के 127 गांवों में पाइप के जरिए पानी उपलब्ध होगा। इन दोनों ब्लाकों के गांवों में जलापूर्ति कराए जाने के लिए परियोजना के सभी कार्य पिछले साल 31 दिसंबर तक विधानसभा चुनाव से पहले पूरे कराए जाने थे, लेकिन परियोजना में आधा काम हो सका है।
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पत्योरा में हुआ 55 फीसदी कार्य
पत्योरा में कार्यदायी संस्था जेडब्लूआईएल (जिंदल) को हर हाल में दिसंबर 2022 तक योजना पूरी करनी है। अभी इसमें 55 फीसदी कार्य पूरा हुआ है। वहीं 46 जलाशयों में 40 का निर्माण जारी है। एक जलाशय बनकर तैयार है। 306.36 किमी मेन पाइप लाइन में 134.15 किमी का कार्य पूरा हुआ है। वहीं छोटी वितरण पाइप लाइन कुल 908.88 किमी में 353.83 किमी बिछाई गई है। इसी के साथ 2100 घरों को कनेक्शन देने का दावा किया जा रहा है।
242 करोड़ से तैयार हो रही हरौलीपुर पेयजल योजना
कुरारा ब्लाक के हरौलीपुर गांव में यमुना नदी किनारे 242 करोड़ की लागत से वाटर प्लांट निर्माणाधीन है। जिसमें डब्लूटीपी का 60 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं इंटेकवेल सिंकिंग का कार्य पूरा हो चुका है। 12 जलाशयों में नौ का कार्य पूरा हो चुका है। 83.37 किमी मेन पाइप लाइन में 45.152 किमी बिछाई जा चुकी हैं। वहीं छोटी वितरण पाइप लाइन में 126.739 किमी बिछाई जा चुकी है। कुल 184.37 किमी बिछाई जानी हैं। 10358 घरों में कनेक्शन दिए जाने के कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
पत्योरा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य कार्यदाई संस्थाओं ने करीब 55 फीसदी पूरा कर लिया है। वहीं डब्लूटीपी व इन्टेकवेल का भी आधे से अधिक कार्य हो चुका है। बड़ी पाइप लाइन का 50 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। गांवों में कनेक्शन देने का भी कार्य किया जा रहा है। कहा कि दिसंबर 2022 तक दोनों परियोजनाओं को शुरू करा दिया जाएगा।
-राजेश कुमार यादव, एडीएम नमामि गंगे मिशन
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मौदहा ब्लाक के गांवों में गर्मी में पानी का संकट गहराता जाता है। ग्रामीण कुएं और नदी का पानी पीने को मजबूर हैं। जलनिगम और जलसंस्थान की वर्षों पुरानी पेयजल योजनाएं भी यहां ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा सकीं। क्षेत्र के बक्छा, खैर, कपसा, गुसियारी सहित डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों के सर्वाधिक पानी की समस्या हैं। इसी परेशानी को देखते यमुना नदी पर जल जीवन मिशन के तहत दो स्थानों पत्योरा व हरौलीपुर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य निर्माणाधीन हैं।
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पत्योरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट 336.98 करोड़ व हरौलीपुर में 242 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। इनके चालू होने से सुमेरपुर, मौदहा व कुरारा ब्लाकों के 127 गांवों में पाइप के जरिए पानी उपलब्ध होगा। इन दोनों ब्लाकों के गांवों में जलापूर्ति कराए जाने के लिए परियोजना के सभी कार्य पिछले साल 31 दिसंबर तक विधानसभा चुनाव से पहले पूरे कराए जाने थे, लेकिन परियोजना में आधा काम हो सका है।
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पत्योरा में हुआ 55 फीसदी कार्य
पत्योरा में कार्यदायी संस्था जेडब्लूआईएल (जिंदल) को हर हाल में दिसंबर 2022 तक योजना पूरी करनी है। अभी इसमें 55 फीसदी कार्य पूरा हुआ है। वहीं 46 जलाशयों में 40 का निर्माण जारी है। एक जलाशय बनकर तैयार है। 306.36 किमी मेन पाइप लाइन में 134.15 किमी का कार्य पूरा हुआ है। वहीं छोटी वितरण पाइप लाइन कुल 908.88 किमी में 353.83 किमी बिछाई गई है। इसी के साथ 2100 घरों को कनेक्शन देने का दावा किया जा रहा है।
242 करोड़ से तैयार हो रही हरौलीपुर पेयजल योजना
कुरारा ब्लाक के हरौलीपुर गांव में यमुना नदी किनारे 242 करोड़ की लागत से वाटर प्लांट निर्माणाधीन है। जिसमें डब्लूटीपी का 60 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं इंटेकवेल सिंकिंग का कार्य पूरा हो चुका है। 12 जलाशयों में नौ का कार्य पूरा हो चुका है। 83.37 किमी मेन पाइप लाइन में 45.152 किमी बिछाई जा चुकी हैं। वहीं छोटी वितरण पाइप लाइन में 126.739 किमी बिछाई जा चुकी है। कुल 184.37 किमी बिछाई जानी हैं। 10358 घरों में कनेक्शन दिए जाने के कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
पत्योरा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य कार्यदाई संस्थाओं ने करीब 55 फीसदी पूरा कर लिया है। वहीं डब्लूटीपी व इन्टेकवेल का भी आधे से अधिक कार्य हो चुका है। बड़ी पाइप लाइन का 50 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। गांवों में कनेक्शन देने का भी कार्य किया जा रहा है। कहा कि दिसंबर 2022 तक दोनों परियोजनाओं को शुरू करा दिया जाएगा।
-राजेश कुमार यादव, एडीएम नमामि गंगे मिशन