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Hamirpur News: बीमा कंपनी को 45 दिन में दो लाख का भुगतान करने का आदेश
Wed, 19 Mar 2025 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Wed, 19 Mar 2025 12:20 AM IST
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हमीरपुर। जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवादी को दो लाख की क्षतिपूर्ति दिए जाने के लिए बीमा कंपनी को आदेशित किया है। साथ ही आयोग ने मानसिक कष्ट व वाद व्यय का भुगतान 45 दिन के अंदर दिए जाने को कहा है।
सुमेरपुर क्षेत्र के पारा रैपुरा गांव निवासी खलील ने जिला उपभोक्ता आयोग में 22 फरवरी 2022 को वाद दायर किया। इसमें बताया कि उसकी पत्नी आसिया बेगम का एक संयुक्त खाता यूपी इलाहाबाद ग्रामीण बैंक की शाखा सुमेरपुर में खुला था। वह मौजूदा समय में आर्यावर्त बैंक के नाम से जाना जाता है। उसके खाते से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत प्रतिवर्ष 12 रुपये प्रीमियम भी कटता था।
बीमा के अनुसार खाताधारक की मौत होने पर उसके आश्रित को दो लाख रुपये का भुगतान संबंधित बीमा कंपनी को देय था। उसके संयुक्त खाते से अंतिम बार बीमा प्रीमियम 26 मई 2016 से 28 मई 2017 तक का बैंक ने काटा है। उनकी पत्नी की मोटर दुर्घटना में 23 फरवरी 2017 को मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट सजेती थाना में दर्ज कराई थी और शव का पोस्टमार्टम भी किया गया था। उसने दस्तावेज बैंक में प्रस्तुत कर क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की मांग की थी, लेकिन उसे कोई क्षतिपूर्ति नहीं दी गई।
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28 जनवरी 2022 को बैंक ने उसे सूचित किया गया कि संबंधित त्रुटि बीमा कंपनी की है। पीड़ित ने आयोग से क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की मांग की थी। मामले की सुनवाई करते हुए जिला आयोग के अध्यक्ष महेश कुमार कुशवाहा, सदस्य राम प्रताप व स्वर्णलता जायसवाल ने आदेश जारी किया। इसमें संबंधित बीमा कंपनी न्यू इंडिया इंश्योरेंस लिमिटेड सिविल लाइन कानपुर को आदेशित कर क्षतिपूर्ति के रूप में परिवादी को 45 दिन के अंदर नौ फीसदी साधारण ब्याज सहित दो लाख का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मानसिक कष्ट का 25 हजार व वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये का भुगतान देना होगा।
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सुमेरपुर क्षेत्र के पारा रैपुरा गांव निवासी खलील ने जिला उपभोक्ता आयोग में 22 फरवरी 2022 को वाद दायर किया। इसमें बताया कि उसकी पत्नी आसिया बेगम का एक संयुक्त खाता यूपी इलाहाबाद ग्रामीण बैंक की शाखा सुमेरपुर में खुला था। वह मौजूदा समय में आर्यावर्त बैंक के नाम से जाना जाता है। उसके खाते से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत प्रतिवर्ष 12 रुपये प्रीमियम भी कटता था।
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बीमा के अनुसार खाताधारक की मौत होने पर उसके आश्रित को दो लाख रुपये का भुगतान संबंधित बीमा कंपनी को देय था। उसके संयुक्त खाते से अंतिम बार बीमा प्रीमियम 26 मई 2016 से 28 मई 2017 तक का बैंक ने काटा है। उनकी पत्नी की मोटर दुर्घटना में 23 फरवरी 2017 को मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट सजेती थाना में दर्ज कराई थी और शव का पोस्टमार्टम भी किया गया था। उसने दस्तावेज बैंक में प्रस्तुत कर क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की मांग की थी, लेकिन उसे कोई क्षतिपूर्ति नहीं दी गई।
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28 जनवरी 2022 को बैंक ने उसे सूचित किया गया कि संबंधित त्रुटि बीमा कंपनी की है। पीड़ित ने आयोग से क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की मांग की थी। मामले की सुनवाई करते हुए जिला आयोग के अध्यक्ष महेश कुमार कुशवाहा, सदस्य राम प्रताप व स्वर्णलता जायसवाल ने आदेश जारी किया। इसमें संबंधित बीमा कंपनी न्यू इंडिया इंश्योरेंस लिमिटेड सिविल लाइन कानपुर को आदेशित कर क्षतिपूर्ति के रूप में परिवादी को 45 दिन के अंदर नौ फीसदी साधारण ब्याज सहित दो लाख का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मानसिक कष्ट का 25 हजार व वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये का भुगतान देना होगा।