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Hamirpur News: वार्ड आया के विरुद्ध प्राथिमिकी दर्ज कराने के निर्देश
Wed, 11 Feb 2026 11:39 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Wed, 11 Feb 2026 11:39 PM IST
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मौदहा (हमीरपुर)। झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने के बाद ढाई वर्षीय मासूम की कफ सिरप पीने से मौत के मामले में एसडीएम व स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार को गांव पहुंचकर मामले की गहनता से जांच की है। जांच के बाद सीएमओ ने आरोपी वार्ड आया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, तीन डॉक्टरों के पैनेल ने मासूम का पोस्टमार्टम किया और वीडियोग्राफी की गई। साथ ही विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है।
कोतवाली क्षेत्र के सिचौली पुरवा निवासी बृजेश कुमार के ढाई वर्षीय बेटा कार्तिक सर्दी, खांसी से पीड़ित था। पिता ने बताया कि उसकी दादी शोभारानी ने बीते सोमवार को गांव के ही एक निजी क्लीनिक जाकर नाती के लिए कफ सिरप लेकर आई थी। मंगलवार सुबह कफ सिरप पीने के बाद मासूम की हालत बिगड़ गई। शाम काे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने मासूम के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की।
बुधवार सुबह एसडीएम करनवीर सिंह और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और मामले की गहनता से छानबीन की। शिशु की मां के बयानों के आधार पर पाया गया कि उक्त कफ सीरप सरकारी आपूर्ति का नहीं है और न ही इसे सरकारी अस्पताल में दिया गया है। परिजनों के अनुसार उक्त कफ सीरप नवीन पीएचसी अरतरा में तैनात वार्ड आया उमा द्वारा दिए जाने का आरोप लगाया। जांच में आरोप सही मिलने पर सीएमओ ने वार्ड आया के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
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रात में ही क्लीनिक खाली, भर दिया गृहस्थी का सामान
मासूम के पिता के अनुसार, वह दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। घटना की सूचना पर वह बुधवार सुबह गांव पहुंचा। बताया कि झोलाछाप महिला एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वार्ड आया के पद पर तैनात है। वहीं, बीते तीन वर्ष से गांव स्थित अपने घर में निजी क्लीनिक का संचालन करती है। जांच टीम को भटकाने के लिए घटना वाली रात को ही क्लीनिक का सामान हटाकर उसमें घर गृहस्थी का सामान भर दिया है।
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परिजनों ने अभी प्राथमिक सूचना नहीं दी है। जानकारी मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष कुमार सिंह, कोतवाल मौदहा
वार्ड आया चिकित्सकीय कार्य करने व दवाएं देने के लिए अधिकृत नहीं है। जांच में इसकी पुष्टि होने पर उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। कहा कि सरकारी अस्पताल से कोई भी कफ सिरप नहीं दिया गया है।- डॉ. गीतम सिंह, सीएमओ
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कोतवाली क्षेत्र के सिचौली पुरवा निवासी बृजेश कुमार के ढाई वर्षीय बेटा कार्तिक सर्दी, खांसी से पीड़ित था। पिता ने बताया कि उसकी दादी शोभारानी ने बीते सोमवार को गांव के ही एक निजी क्लीनिक जाकर नाती के लिए कफ सिरप लेकर आई थी। मंगलवार सुबह कफ सिरप पीने के बाद मासूम की हालत बिगड़ गई। शाम काे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने मासूम के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की।
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बुधवार सुबह एसडीएम करनवीर सिंह और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और मामले की गहनता से छानबीन की। शिशु की मां के बयानों के आधार पर पाया गया कि उक्त कफ सीरप सरकारी आपूर्ति का नहीं है और न ही इसे सरकारी अस्पताल में दिया गया है। परिजनों के अनुसार उक्त कफ सीरप नवीन पीएचसी अरतरा में तैनात वार्ड आया उमा द्वारा दिए जाने का आरोप लगाया। जांच में आरोप सही मिलने पर सीएमओ ने वार्ड आया के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
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रात में ही क्लीनिक खाली, भर दिया गृहस्थी का सामान
मासूम के पिता के अनुसार, वह दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। घटना की सूचना पर वह बुधवार सुबह गांव पहुंचा। बताया कि झोलाछाप महिला एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वार्ड आया के पद पर तैनात है। वहीं, बीते तीन वर्ष से गांव स्थित अपने घर में निजी क्लीनिक का संचालन करती है। जांच टीम को भटकाने के लिए घटना वाली रात को ही क्लीनिक का सामान हटाकर उसमें घर गृहस्थी का सामान भर दिया है।
परिजनों ने अभी प्राथमिक सूचना नहीं दी है। जानकारी मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष कुमार सिंह, कोतवाल मौदहा
वार्ड आया चिकित्सकीय कार्य करने व दवाएं देने के लिए अधिकृत नहीं है। जांच में इसकी पुष्टि होने पर उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। कहा कि सरकारी अस्पताल से कोई भी कफ सिरप नहीं दिया गया है।- डॉ. गीतम सिंह, सीएमओ