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मनमाफिक रिश्ता तय नहीं हुआ तो दे दी जान
अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Fri, 23 Jun 2017 10:51 PM IST
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मनमाफिक रिश्ता तय नहीं होने से क्षुब्ध युवती ने केरोसिन डालकर आग लगा ली। जब तक ग्रामीण आग बुझाते उसकी मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। परिजन उसे मानसिक तौर पर परेशान बता रहे हैं।
थाना क्षेत्र के ग्राम बिहूनीखुर्द निवासी बाबूराम निषाद ने कक्षा 12 में पढ़ने वाली अपनी बेटी रामरती (20) की शादी कुछ दिन पहले जरिया थाने के ग्राम जमौड़ी जिटकिरी में तय की थी। 10 दिन पहले वह गोद भराई भी कर आए।
उनकी पत्नी की तीन साल पहले ही मौत हो गई थी। गुरुवार को पूरा परिवार भतीजे की बारात में गया था। शुक्रवार सुबह घर में अकेली रामरती ने केरोसिन डालकर आग लगा ली। घर से धुआं उठता देख पड़ोसी दौड़े।
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दरवाजा तोड़ कर आग बुझाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बाबूराम ने बताया कि मां की मौत के बाद से रामरती दुखी रहती थी। शादी तय करने के बाद वह ज्यादा परेशान रहने लगी। इसी के चलते उसने आग लगाकर जान दे दी।
प्रभारी निरीक्षक एमपी त्रिपाठी ने बताया कि जांच में पता चला है कि युवती के मनमुताबिक रिश्ता नहीं तय हुआ था। इस वजह से उसने आत्महत्या कर ली। तहसीलदार मौदहा राकेश कुमार मौर्य की मौजूदगी में एसआई दिलीप सिंह ने पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी राठ भेजा है।
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थाना क्षेत्र के ग्राम बिहूनीखुर्द निवासी बाबूराम निषाद ने कक्षा 12 में पढ़ने वाली अपनी बेटी रामरती (20) की शादी कुछ दिन पहले जरिया थाने के ग्राम जमौड़ी जिटकिरी में तय की थी। 10 दिन पहले वह गोद भराई भी कर आए।
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उनकी पत्नी की तीन साल पहले ही मौत हो गई थी। गुरुवार को पूरा परिवार भतीजे की बारात में गया था। शुक्रवार सुबह घर में अकेली रामरती ने केरोसिन डालकर आग लगा ली। घर से धुआं उठता देख पड़ोसी दौड़े।
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दरवाजा तोड़ कर आग बुझाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बाबूराम ने बताया कि मां की मौत के बाद से रामरती दुखी रहती थी। शादी तय करने के बाद वह ज्यादा परेशान रहने लगी। इसी के चलते उसने आग लगाकर जान दे दी।
प्रभारी निरीक्षक एमपी त्रिपाठी ने बताया कि जांच में पता चला है कि युवती के मनमुताबिक रिश्ता नहीं तय हुआ था। इस वजह से उसने आत्महत्या कर ली। तहसीलदार मौदहा राकेश कुमार मौर्य की मौजूदगी में एसआई दिलीप सिंह ने पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी राठ भेजा है।