फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Hundreds of farmers stood in line for hours in the rain for fertilizer.

Hamirpur News: बारिश में खाद के लिए घंटों लाइन में खड़े सैकड़ों किसान

Tue, 28 Oct 2025 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Updated Tue, 28 Oct 2025 12:19 AM IST
विज्ञापन
Hundreds of farmers stood in line for hours in the rain for fertilizer.
फोटो 27 एमएएचपी 19 परिचय-बारिश के बीच छतरी व पॉलिथीन ढककर लाइन में खड़े किसान। संवाद - फोटो : संयुक्त चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया बदमाश। स्रोत पुलिस
महोबा। कोई हाथ में छाता थामे तो कोई सिर के ऊपर पॉलिथीन लगा रहा। जिसके पास बारिश से बचाव का कोई साधन नहीं वह इस उम्मीद में पानी में भींगते हुए भी लाइन में लगा कि कृषि कार्य के लिए खाद मिले। यह नजारा था सोमवार को पचपहरा बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति का।
विज्ञापन

खाद के लिए बारिश के बीच जद्दोजहद करने के बाद भी कई किसानों को लौटना पड़ा। खाद न मिलने से आक्रोशित किसानों ने समिति कर्मचारियों पर मनमानी के आरोप लगाए। कहा कि खाद वितरण में अव्यवस्था से वह परेशान हैं।
विज्ञापन

पचपहरा बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति में सोमवार को सुबह से हो रही बारिश के बावजूद सैकड़ों किसान खाद के लिए घंटों लाइन में खड़े रहे। किसानों को डीएपी खाद के साथ नैनो यूरिया की बोतल लेने के लिए मजबूर किया गया। किसानों ने सोसायटी सचिव पर खाद कालाबाजारी का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान हरप्रसाद, विमल, सुरेंद्र, रोहित आदि का कहना है कि समिति के कर्मचारी उन्हें बेवजह लाइन में खड़ा रखते हैं और जब बारी आती है, तो हर दो बोरी डीएपी खाद के साथ 600 रुपये कीमत की नैनो यूरिया की एक बोतल जबरन दी जा रही है। आरोप है कि यदि कोई किसान नैनो यूरिया खरीदने से मना करता है, तो समिति सचिव उसे डीएपी खाद देने से साफ इंकार कर देता है।
पचपहरा के किसान मुकेश और सुगंध राजपूत आदि ने बताया कि उन्हें खेतों के लिए डीएपी खाद की जरूरत थी। इसलिए वह सुबह से लाइन में लगे हैं। बारिश में भीगते हुए भी वह खाद लेने की उम्मीद में खड़े रहे लेकिन खाद नहीं मिली। किसान जगतरानी, जितेंद्र, महेश आदि ने बताया कि पिछले एक माह से खाद पाने के लिए सोसायटी के चक्कर लगा रहे है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी एक बोरी खाद नहीं मिल पाती। टोकन वितरण के बाद भी खाद नहीं दी जाती।

गोदाम में भरपूर खाद होने के दावे हैं लेकिन बोआई के समय खाद नहीं मिल रही। बेमौसम बारिश से बोआई पिछड़ रही है। खाद की कमी सबसे अधिक परेशान कर रही है। सुबह से बारिश में लंबी लाइन लगने के बावजूद भी खाद नहीं मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed