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Hamirpur News: दीदियां कैसे उड़ाएं ड्रोन, नहीं मिला प्रशिक्षण
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हमीरपुर। जिले में ड्रोन दीदी योजना रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। इससे चयनित महिलाओं का स्वरोजगार शुरू नहीं हो सका है। पिछले वर्ष एक ब्लॉक से दो महिलाओं का चयन हुआ था। उन्हें अभी तक ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण नहीं मिला है।
योजना का उद्देश्य महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण मिलेगा। इसके बाद उन्हें कृषि कार्यों के लिए ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे। वे खेतों में उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव जैसी सेवाएं देकर आय अर्जित कर सकेंगी। सुमेरपुर क्षेत्र के टेढ़ा गांव की सुलेखा और शिप्रा का चयन एक साल से अधिक समय पहले हुआ था। प्रशिक्षण की तिथि अभी तय नहीं हुई है। इस कारण उन्हें न बजट मिला है और न ही ड्रोन मिल सका है।
एक ड्रोन की कीमत करीब 10 लाख रुपये
एनआरएलएम के माध्यम से प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को करीब 10 लाख रुपये लागत का कृषि ड्रोन उपलब्ध कराया जाना है। इसी ड्रोन के माध्यम से वे किसानों को छिड़काव सेवाएं देकर नियमित आय अर्जित कर सकती हैं।
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यह है ड्रोन दीदी योजना
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कृषि ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद कृषि ड्रोन उपलब्ध कराया जाता है। ड्रोन से उर्वरक, कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव कम समय में किया जा सकता है। इससे किसानों की लागत और समय दोनों की बचत होती है, जबकि प्रशिक्षित महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलता है।
प्रशिक्षण पूरा होते ही ड्रोन दीदी योजना में चयनित महिला किसानों को ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे कृषि सेवाएं शुरू कर सकें। अभी तक शासन से प्रशिक्षण की तिथि तय नहीं हुई है। - ज्ञानप्रकाश, उपायुक्त एनआरएलएम।
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योजना का उद्देश्य महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण मिलेगा। इसके बाद उन्हें कृषि कार्यों के लिए ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे। वे खेतों में उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव जैसी सेवाएं देकर आय अर्जित कर सकेंगी। सुमेरपुर क्षेत्र के टेढ़ा गांव की सुलेखा और शिप्रा का चयन एक साल से अधिक समय पहले हुआ था। प्रशिक्षण की तिथि अभी तय नहीं हुई है। इस कारण उन्हें न बजट मिला है और न ही ड्रोन मिल सका है।
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एक ड्रोन की कीमत करीब 10 लाख रुपये
एनआरएलएम के माध्यम से प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को करीब 10 लाख रुपये लागत का कृषि ड्रोन उपलब्ध कराया जाना है। इसी ड्रोन के माध्यम से वे किसानों को छिड़काव सेवाएं देकर नियमित आय अर्जित कर सकती हैं।
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यह है ड्रोन दीदी योजना
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कृषि ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद कृषि ड्रोन उपलब्ध कराया जाता है। ड्रोन से उर्वरक, कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव कम समय में किया जा सकता है। इससे किसानों की लागत और समय दोनों की बचत होती है, जबकि प्रशिक्षित महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलता है।
प्रशिक्षण पूरा होते ही ड्रोन दीदी योजना में चयनित महिला किसानों को ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे कृषि सेवाएं शुरू कर सकें। अभी तक शासन से प्रशिक्षण की तिथि तय नहीं हुई है। - ज्ञानप्रकाश, उपायुक्त एनआरएलएम।