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दलहनी व तिलहनी फसलों पर संकट
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बारिश से मटर की फसल खराब हो जाएगी खराब।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। गुरुवार को अचानक से मौसम का फिर मिजाज बदल गया। रिमझिम बरसात से होने से किसान अपनी फसलों को लेकर एक बार फिर से चिंतित हो उठे हैं।
गुरुवार सुबह से ही अचानक तेज पुरवा हवाएं चलने व शाम को रिमझिम बारिश होने से किसानों की मटर, मसूर, सरसों, राई आदि फसलें खराब होने का डर सता रहा है। हरौलीपुर गांव निवासी किसान संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि 40 बीघे में मटर की फसल बोई है। जिसमें फूल व फली लगने लगी है। लेकिन अचानक से मौसम बिगड़ गया है। बरसात व पुरवा हवाएं चलने से मटर की फसल खराब होने का डर सता रहा है।
वहीं, पारा गांव के किसान प्रेम कुमार तिवारी ने बताया कि 35 बीघे में मटर फसल खड़ी है। लेकिन मौसम के बदलते मिजाज के चलते फसल खराब होने की आशंका बढ़ती जा रही है। जखेला गांव के किसान अनुराग पाठक ने बताया कि 10 बीघा में मसूर की फसल है। जो जनवरी में हुई बरसात से पीली पड़ गई थी। दवा डाली जिससे फसल का रंग बदला था। लेकिन गुरुवार रिमझिम बरसात होने व पुरवा हवाएं चलने से फसल में रोग लगने व खराब होने का भय सता रहा है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि बारिश से मसूर, मटर, चना, सरसों आदि फसलों में नुकसान हो सकता है। कहा कि पुरवा हवाएं चलने से फसलों में रोग लगने की ज्यादा संभावना बढ़ जाती है। जिसके लिए किसान भाई कीटनाशक दवाओं का छिड़काव अवश्य करें।
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गुरुवार सुबह से ही अचानक तेज पुरवा हवाएं चलने व शाम को रिमझिम बारिश होने से किसानों की मटर, मसूर, सरसों, राई आदि फसलें खराब होने का डर सता रहा है। हरौलीपुर गांव निवासी किसान संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि 40 बीघे में मटर की फसल बोई है। जिसमें फूल व फली लगने लगी है। लेकिन अचानक से मौसम बिगड़ गया है। बरसात व पुरवा हवाएं चलने से मटर की फसल खराब होने का डर सता रहा है।
वहीं, पारा गांव के किसान प्रेम कुमार तिवारी ने बताया कि 35 बीघे में मटर फसल खड़ी है। लेकिन मौसम के बदलते मिजाज के चलते फसल खराब होने की आशंका बढ़ती जा रही है। जखेला गांव के किसान अनुराग पाठक ने बताया कि 10 बीघा में मसूर की फसल है। जो जनवरी में हुई बरसात से पीली पड़ गई थी। दवा डाली जिससे फसल का रंग बदला था। लेकिन गुरुवार रिमझिम बरसात होने व पुरवा हवाएं चलने से फसल में रोग लगने व खराब होने का भय सता रहा है।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि बारिश से मसूर, मटर, चना, सरसों आदि फसलों में नुकसान हो सकता है। कहा कि पुरवा हवाएं चलने से फसलों में रोग लगने की ज्यादा संभावना बढ़ जाती है। जिसके लिए किसान भाई कीटनाशक दवाओं का छिड़काव अवश्य करें।
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