{"_id":"61e6ff860dc6e51f611741d2","slug":"hamirpur-news-hamirpur-news-knp6760578124","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच साल में नहीं दिला सके पानी, अब लेंगे हिसाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच साल में नहीं दिला सके पानी, अब लेंगे हिसाब
विज्ञापन
गोहांड कस्बे का रीबोर के इंतजार में बंद पड़ा पेयजल नलकूप।
- फोटो : HAMIRPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोहांड (हमीरपुर)। पांच साल में भी नेताजी पीने का साफ पानी नहीं दिला सके। इससे आजिज कस्बे के लोग अब विधानसभा चुनाव में नेताओं से हिसाब-किताब लेने का मूड बना चुके हैं। कई साल से कस्बे की एक चौथाई आबादी एक-एक बाल्टी पानी के लिए जूझ रही है। नगर पंचायत और जलसंस्थान के अफसर यह समस्या दूर कराने में नाकाम हैं। फेल पड़े नलकूपों को रिबोर नहीं कराया जा रहा। अस्थायी हल के लिए कांशीराम कालोनी में लगे नलकूप से पानी छोड़ा जा रहा है, जो ऊंट के मुंह में जीरा है। प्रभावित लोगों ने इस बार पानी नहीं तो वोट नहीं का नारा चलाना तय किया है। वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अफसरों से नाराज हैं। विधानसभा चुनाव में पेयजल को ही मुख्य मुद्दा बनाना लोगों ने तय किया है।
कमला नगर निवासी पूर्व चेयरमैन वीरपाल सिंह कहते हैं कि तीन साल से नल से पानी नहीं टपका। सरकार ने शौचालय तो बनवा दिए लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं की। विधानसभा चुनाव में पेयजल की मुद्दा रहेगा। जयप्रकाश मोहल्ला निवासी राजकुमार लोधी का कहना है कि वह सालों से पेयजल की किल्लत से जूझ रहे हैं। काफी दूर से पानी लाना पड़ता है। पेयजल सबसे बड़ी समस्या है। मतदान के समय अपना आक्रोश उचित जगह बटन दबाकर निकालेंगे।
गोपाल आचार्य का कहना है कि वह स्वयं खर्च वहन कर पिछले चार साल से ट्रैक्टर के सहारे टैंकर उपलब्ध कराकर लोगों को पेयजल उपलब्ध करा रहे हैं। इस समस्या को लेकर अफसर, नेता सभी से मिले लेकिन निदान नहीं हुआ। अबकी बार पानी नहीं तो वोट नहीं का नारा चलेगा। राजेंद्र नगर के आशाराम लोधी के मुताबिक कस्बे की बढ़ती आबादी के अनुपात में नगर पंचायत पेयजल उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। उन्होंने नगर पंचायत के साथ जन प्रतिनिधियों को भी इस समस्या का जिम्मेदार बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कमला नगर निवासी पूर्व चेयरमैन वीरपाल सिंह कहते हैं कि तीन साल से नल से पानी नहीं टपका। सरकार ने शौचालय तो बनवा दिए लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं की। विधानसभा चुनाव में पेयजल की मुद्दा रहेगा। जयप्रकाश मोहल्ला निवासी राजकुमार लोधी का कहना है कि वह सालों से पेयजल की किल्लत से जूझ रहे हैं। काफी दूर से पानी लाना पड़ता है। पेयजल सबसे बड़ी समस्या है। मतदान के समय अपना आक्रोश उचित जगह बटन दबाकर निकालेंगे।
विज्ञापन
गोपाल आचार्य का कहना है कि वह स्वयं खर्च वहन कर पिछले चार साल से ट्रैक्टर के सहारे टैंकर उपलब्ध कराकर लोगों को पेयजल उपलब्ध करा रहे हैं। इस समस्या को लेकर अफसर, नेता सभी से मिले लेकिन निदान नहीं हुआ। अबकी बार पानी नहीं तो वोट नहीं का नारा चलेगा। राजेंद्र नगर के आशाराम लोधी के मुताबिक कस्बे की बढ़ती आबादी के अनुपात में नगर पंचायत पेयजल उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। उन्होंने नगर पंचायत के साथ जन प्रतिनिधियों को भी इस समस्या का जिम्मेदार बताया।
विज्ञापन