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छह साल बाद भी सीएचसी को नहीं मिला पूरा स्टाफ

Fri, 07 Jan 2022 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jan 2022 11:21 PM IST
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इमिलिया का भारी भरकम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पसरा सन्नाटा। - फोटो : HAMIRPUR
गहरौली (हमीरपुर)। बड़ी आबादी के इमिलिया गांव में ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की मंशा से करीब छह साल पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निर्माण किया गया। लेकिन आज तक विशेषज्ञ डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती नहीं की जा सकी है। नतीजतन लोगों को गंभीर रोगों के इलाज के लिए जिला अस्पताल व निजी डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है।
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सीएचसी में इमिलिया गांव समेत आसपास के सात गांवों के ग्रामीण इलाज कराने आते हैं। सीएचसी में महिला रोग विशेषज्ञ, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ, पांच फिजीशियन, दो फार्मासिस्ट एक लैब टेक्नीशियन सहित डेढ़ दर्जन पद स्वीकृत हैं। हाल यह है कि 30 बेड का अस्पताल एक एमओसीएच चिकित्सक, दो पैरामेडिकल स्टाफ के भरोसे संचालित है।
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डॉ. शरद विश्वकर्मा सीएचसी प्रभारी हैं। इनकी ड्यूटी शनिवार और शुक्रवार को मुस्करा सीएचसी में लगाई गई है। मरीजों का इलाज एमओसीएच डॉ. अशोक कुमार के भरोसे हो रहा है, लेकिन बुधवार को वह अवकाश पर मिले। पैरा मेडिकल स्टाफ मरीजों का इलाज कर रहे हैं। टेक्नीशियन अनुराग गुप्ता ने बताया कि बुधवार को 15 मरीजों को दवाएं दी गईं हैं।
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बाउंड्रीवाल टूटी, सोलर प्लेट भी चोरी
शाम होती ही सीएचसी में ताला पड़ जाता है। करीब 300 मीटर लंबी बाउंड्रीवाल टूटी पड़ी है। हाल यह है कि अस्पताल में लगा सौर ऊर्जा प्लांट की सोलर प्लेट चोर चुरा ले गए हैं।
नहीं लग रहा मुख्यमंत्री आरोग्य मेला
स्थानीय निर्दोष कुमार राजपूत ने बताया कि सीएचसी प्रभारी इंचार्ज शुक्रवार और शनिवार को सीएचसी मुस्करा में ड्यूटी करते हैं। यहां बहुत कम आते-जाते देखा है। सीएचसी होने के बाद भी रविवार को आयोजित होने वाला मुख्यमंत्री आरोग्य मेला भी नहीं लगता है।
नहीं मिल रही इमरजेंसी सेवाएं
रामजी यादव ने बताया कि अस्पताल में कोई स्टाफ रुकता नहीं है। सीएचसी होते हुए भी रात में इमरजेंसी सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मजबूरन गंभीर हालत में मरीज को रात में यहां से करीब 10 किमी. दूर मुस्करा लेकर जाना पड़ता है।
नहीं मालूम सीएचसी है या पीएचसी
मुस्करा सीएचसी प्रभारी डॉ. बीएस राजपूत ने कहा उन्हें नहीं मालूम कि इमिलिया स्थित अस्पताल सीएचसी या पीएचसी दर्जा प्राप्त है। डॉ. शरद विश्वकर्मा को मुस्करा में चिकित्सकों की कमी को देखते अटैच किया गया है। शुक्रवार और शनिवार को छोड़कर बाकी दिन वह इमिलिया सीएचसी में बैठते हैं।

इमिलिया सीएचसी में डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी चल रही है। इसकी जानकारी है। डॉक्टर की तैनाती के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। प्रयास यह है कि कोई अस्पताल चिकित्सक विहीन न हो।
-डॉ. एके रावत, सीएमओ
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