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शहर मे गूंजे गणपति बप्पा के जयकारे
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हमीरपुर। शहर में शुक्रवार को गणपति बप्पा के जयकारे गूंजे। लोगों ने घरों और मंदिरों में गणेश जी की प्रतिमा पूरे विधि विधान से स्थापित की। इसी के साथ 10 दिन तक चलने वाले गणेश महोत्सव की शुरुआत हो गई।
भगवान गणेश प्रथम पूजनीय देव हैं। गणपति महाराज की कृपा से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। गणेश चतुर्थी के पावन दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा- अर्चना की जाती है। श्री गणेश हिंदुओं के आदि अराध्या देव होने के साथ प्रथम पूज्यनीय, विघ्नहर्ता, शुभता के प्रतीक और प्रकृति के रक्षक भी हैं। गणेश चतुर्थी का दिवस बहुत ही महत्वपूर्ण है।
इसी दिन महर्षि वेदव्यास ने महाभारत जैसे विशाल महाग्रंथ की रचना की थी। गणेश चतुर्थी पर होने वाले गणेश उत्सव की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है। शहर के केतकी स्कूल के सामने सिद्धिविनायक गणेश जी की मूर्ति की स्थापना की जाती रही है। इसके चलते गणेश नव युवक संघ के अध्यक्ष आस्तिक द्विवेदी ने बताया कि प्रशासन से अनुमति न मिलने पर भोले बाबा के मंदिर में गणेश जी की मूर्ति स्थापित कराई है।
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संघ के उपाध्यक्ष अनुराग तिवारी, सागर, सौरभ यादव, अंकित तिवारी ने बताया कि छोटी मूर्ति रखकर परंपरा निभाकर पूजन अर्चन की अनुमति पुलिस ने दी है। मेहरपुरी स्थित लिटल स्कॉलर किडजी स्कूल में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की गई। बच्चों ने गणपति बप्पा की शोभा यात्रा निकाल फूल बरसाते हुए जयकारा लगा स्वागत किया। नाचते, गाते, अबीर गुलाल उड़ाते बप्पा को विराजमान किया गया।
बप्पा का प्रिय मोदक का भोग चढ़ा कर प्रसाद वितरित किया गया। विद्यालय संस्थापक मेहर कुमार निगम, नीता निगम, अमित निगम, प्रधानाचार्य पूजा ओमर, अध्यापिका आराधना निषाद, श्रेया ओमर, सुषमा तिवारी तथा उदित तिवारी का सहयोग रहा। कार्यक्रम में कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भाजयुमो शिवेंद्र सिंह मानू, विधानसभा विस्तारक विनोद, आईटी के जिला संयोजक सिद्धार्थ पाठक शामिल हुए।
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भगवान गणेश प्रथम पूजनीय देव हैं। गणपति महाराज की कृपा से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। गणेश चतुर्थी के पावन दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा- अर्चना की जाती है। श्री गणेश हिंदुओं के आदि अराध्या देव होने के साथ प्रथम पूज्यनीय, विघ्नहर्ता, शुभता के प्रतीक और प्रकृति के रक्षक भी हैं। गणेश चतुर्थी का दिवस बहुत ही महत्वपूर्ण है।
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इसी दिन महर्षि वेदव्यास ने महाभारत जैसे विशाल महाग्रंथ की रचना की थी। गणेश चतुर्थी पर होने वाले गणेश उत्सव की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है। शहर के केतकी स्कूल के सामने सिद्धिविनायक गणेश जी की मूर्ति की स्थापना की जाती रही है। इसके चलते गणेश नव युवक संघ के अध्यक्ष आस्तिक द्विवेदी ने बताया कि प्रशासन से अनुमति न मिलने पर भोले बाबा के मंदिर में गणेश जी की मूर्ति स्थापित कराई है।
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संघ के उपाध्यक्ष अनुराग तिवारी, सागर, सौरभ यादव, अंकित तिवारी ने बताया कि छोटी मूर्ति रखकर परंपरा निभाकर पूजन अर्चन की अनुमति पुलिस ने दी है। मेहरपुरी स्थित लिटल स्कॉलर किडजी स्कूल में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की गई। बच्चों ने गणपति बप्पा की शोभा यात्रा निकाल फूल बरसाते हुए जयकारा लगा स्वागत किया। नाचते, गाते, अबीर गुलाल उड़ाते बप्पा को विराजमान किया गया।
बप्पा का प्रिय मोदक का भोग चढ़ा कर प्रसाद वितरित किया गया। विद्यालय संस्थापक मेहर कुमार निगम, नीता निगम, अमित निगम, प्रधानाचार्य पूजा ओमर, अध्यापिका आराधना निषाद, श्रेया ओमर, सुषमा तिवारी तथा उदित तिवारी का सहयोग रहा। कार्यक्रम में कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भाजयुमो शिवेंद्र सिंह मानू, विधानसभा विस्तारक विनोद, आईटी के जिला संयोजक सिद्धार्थ पाठक शामिल हुए।