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घर में लगी आग, वृद्ध जिंदा जला
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पौथिया (हमीरपुर)। ललपुरा थाना क्षेत्र के सहुरापुर गांव में शुक्रवार की रात एक घर में आग लग गई। आग की चपेट में आकर घर में सो रहे बुजुर्ग की मौत हो गई। गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। एक बकरी की भी जान चली गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर आग पर काबू पाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सहुरापुर गांव निवासी सुखलाल निषाद (60) मजदूरी करता था। उसके दो बेटे ग्वालियर में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। घर में उसके साथ बड़े लड़के रंजीत की बेटी काजल (11) रहती है। वह रोजाना खाना बनाने के बाद शाम को परिवार के भूरा के घर सोने चली जाती थी। शुक्रवार की शाम भी वह खाना बनाकर चली गई थी। घर में सुखलाल निषाद अकेले था।
रात में लगभग डेढ़ बजे घर में अचानक आग लग गई। आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। पड़ोसी की सूचना पर फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर आग बुझाई। इस बीच घर के अंदर सो रहे सुखलाल निषाद आग की चपेट में आकर मौत हो गई।
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बताया जा रहा है कि वृद्ध होने पैर में फैक्चर होने की वजह से सुखलाल आग लगने पर भाग नहीं सका। झुलसने से एक बकरी की भी जान चली गई। गृहस्थी का सारा सामान राख हो गया। उधर, इस हृदय विदारक घटना को देख पड़ोसी सीमा बेहोश हो गई। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है।
सुखलाल के भाई शिवलाल ने बताया कि ल़गभग दो महीने पहले बड़े भाई के पैर का फैक्चर हो गया था। आर्थिक अभाव के चलते वह इलाज नहीं करा सके। गांव में ही जड़ी बूटी से इलाज कर रहे थे। उनके दोनों बेटे रंजीत और राममिलन मप्र के ग्वालियर में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं।
पड़ोसी राजबहादुर ने बताया कि बेतवा नदी के उस पार क्योटरा गांव में माइक की तेज आवाज के कारण कुछ सुनाई नहीं दिया। घर के अंदर से आग की तेज लपटें उठने पर उन लोगों को जानकारी हुई। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड व पुलिस को सूचना दी।
नगर पालिका के चेयरमैन कुलदीप निषाद ने परिवार को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी है। पूर्व विधायक शिवचरन प्रजापति ने पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया। कानूनगो रामप्रकाश एवं लेखपाल शुसप्ता परवीन ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की।
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सहुरापुर गांव निवासी सुखलाल निषाद (60) मजदूरी करता था। उसके दो बेटे ग्वालियर में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। घर में उसके साथ बड़े लड़के रंजीत की बेटी काजल (11) रहती है। वह रोजाना खाना बनाने के बाद शाम को परिवार के भूरा के घर सोने चली जाती थी। शुक्रवार की शाम भी वह खाना बनाकर चली गई थी। घर में सुखलाल निषाद अकेले था।
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रात में लगभग डेढ़ बजे घर में अचानक आग लग गई। आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। पड़ोसी की सूचना पर फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर आग बुझाई। इस बीच घर के अंदर सो रहे सुखलाल निषाद आग की चपेट में आकर मौत हो गई।
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बताया जा रहा है कि वृद्ध होने पैर में फैक्चर होने की वजह से सुखलाल आग लगने पर भाग नहीं सका। झुलसने से एक बकरी की भी जान चली गई। गृहस्थी का सारा सामान राख हो गया। उधर, इस हृदय विदारक घटना को देख पड़ोसी सीमा बेहोश हो गई। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है।
सुखलाल के भाई शिवलाल ने बताया कि ल़गभग दो महीने पहले बड़े भाई के पैर का फैक्चर हो गया था। आर्थिक अभाव के चलते वह इलाज नहीं करा सके। गांव में ही जड़ी बूटी से इलाज कर रहे थे। उनके दोनों बेटे रंजीत और राममिलन मप्र के ग्वालियर में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं।
पड़ोसी राजबहादुर ने बताया कि बेतवा नदी के उस पार क्योटरा गांव में माइक की तेज आवाज के कारण कुछ सुनाई नहीं दिया। घर के अंदर से आग की तेज लपटें उठने पर उन लोगों को जानकारी हुई। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड व पुलिस को सूचना दी।
नगर पालिका के चेयरमैन कुलदीप निषाद ने परिवार को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी है। पूर्व विधायक शिवचरन प्रजापति ने पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया। कानूनगो रामप्रकाश एवं लेखपाल शुसप्ता परवीन ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की।