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सदमे से किसान की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Sun, 12 Mar 2017 12:15 AM IST
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रिगवारा खुर्द गांव में रोते बिलखते मृतक किसान के परिजन ।
- फोटो : अमर उजाला
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जरिया थाना क्षेत्र के रिगवारा खुर्द गांव में खराब मौसम को देखकर 65 वर्षीय एक किसान की सदमा लगने से मौत हो गई। उसके ऊपर साढ़े पांच लाख का कर्ज बताया जा रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। रिगवारा खुर्द गांव के देवीदीन (65) के पास चार एकड़ पैतृक जमीन है।
जिसमें करीब दो एकड़ में गेहूं तथा बाकी जमीन पर मटर व मसूर बोया था। खेत में निजी सिंचाई का साधन भी है। इस वर्ष उसकी अच्छी फसलें लगी हैं। रोज की तरह अन्ना जानवरों से खेत की रखवाली करने वह शुक्रवार की देर शाम खाना खाकर खेत की तरफ रखवाली करने गया और वहीं लेटा था। रात में बदले
मौसम ने उसकी चिंता बढ़ा दी थी। सुबह वह खेताें से गांव वापस आया। तो गांव के बाहर बने कुएं पर बैठे प्रदीप, सुरेंद्र, देवीदीन, मंगल, निर्दोष, विक्रम आदि से ऐन वक्त पर मौसम के बदलते तेवरों को लेकर चर्चा करते करते अचेत होकर गिर गया। आनन फानन में परिजन उसे सीएचसी सरीला ले आए। यहा
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डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के इकलौते बेटे विपत सिंह (16) ने बताया कि पिछले तीन दिन से हो रहे खराब मौसम के कारण उसका पिता परेशान थे। एक दो दिन में मटर व मसूर की कटाई शुरू करनी थी। इसी सदमे में उसके पिता की मौत हो गई है। उसने बताया कि इलाहाबाद बैंक सरीला का
लगभग दो लाख तथा भूमि विकास बैंक राठ का एक लाख 80 हजार, नाते रिश्तेदारों व गांव के लोगों का मिलाकर उसके पिता पर साढे़ पांच लाख रुपये का कर्जा था। जिसके चुकाने की चिंता में उसका पिता परेशान रहता था। जरिया थाने के उपनिरीक्षक सत्यबिजय सिंह ने बताया कि मृतक के बेटे की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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जिसमें करीब दो एकड़ में गेहूं तथा बाकी जमीन पर मटर व मसूर बोया था। खेत में निजी सिंचाई का साधन भी है। इस वर्ष उसकी अच्छी फसलें लगी हैं। रोज की तरह अन्ना जानवरों से खेत की रखवाली करने वह शुक्रवार की देर शाम खाना खाकर खेत की तरफ रखवाली करने गया और वहीं लेटा था। रात में बदले
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मौसम ने उसकी चिंता बढ़ा दी थी। सुबह वह खेताें से गांव वापस आया। तो गांव के बाहर बने कुएं पर बैठे प्रदीप, सुरेंद्र, देवीदीन, मंगल, निर्दोष, विक्रम आदि से ऐन वक्त पर मौसम के बदलते तेवरों को लेकर चर्चा करते करते अचेत होकर गिर गया। आनन फानन में परिजन उसे सीएचसी सरीला ले आए। यहा
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डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के इकलौते बेटे विपत सिंह (16) ने बताया कि पिछले तीन दिन से हो रहे खराब मौसम के कारण उसका पिता परेशान थे। एक दो दिन में मटर व मसूर की कटाई शुरू करनी थी। इसी सदमे में उसके पिता की मौत हो गई है। उसने बताया कि इलाहाबाद बैंक सरीला का
लगभग दो लाख तथा भूमि विकास बैंक राठ का एक लाख 80 हजार, नाते रिश्तेदारों व गांव के लोगों का मिलाकर उसके पिता पर साढे़ पांच लाख रुपये का कर्जा था। जिसके चुकाने की चिंता में उसका पिता परेशान रहता था। जरिया थाने के उपनिरीक्षक सत्यबिजय सिंह ने बताया कि मृतक के बेटे की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।