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चंदाकर पौथिया माइनर साफ करा रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो हमीरपुर।
Updated Mon, 19 Oct 2015 10:38 PM IST
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पौथिया (हमीरपुर)। लघु डाल नहर के अधिकारियों की उदासीनता से किसानों ने
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खुद ही नहर सफाई का जिम्मा उठा लिया है। किसानों का कहना है कि
शासन-प्रशासन किसानों को तमाम सहूलियतें देने का दावा करता है, लेकिन हकीकत
में किसानों को कुछ नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने जबसे सिंचाई का पैसा माफ
किया है, तबसे शासन विभाग नहरों की मरम्मत के लिए बजट नहीं दे रहा है।
फिलहाल नहर विभाग सफाई करा रहा है लेकिन काम बहुत ही धीमी गति से हो रहा
है।
लघु डाल नहर के अधिकारियों ने सहजना और सहुरापुर लिफ्ट कैनालों की कुछ माइनरों पर पानी छोड़ दिया है। इन नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। पौथिया माइनर सूखी पड़ी है। नहर में खांदियां होने से साथ पटी है। साथ ही झील झांकर भी हैं। इसी को देखते नरेशपुरा से पटी पुलिया तक की खुदाई किसानों ने कराई है। वहीं पटरी को दुरुस्त कराने का काम किसानों ने शुरू करा दिया है।
फिलहाल परेशान किसानों ने नहरों की सफाई करने का जिम्मा उठा लिया। पौथिया गांव के किसान अभय सिंह सचान का कहना है कि विभाग ने नरेशपुरा के पास खांदी पाटने का काम कराया है। इस काम में किसानों को तमाम अड़चन आएगी। कहा कि पटरी की मिट्टी खोदने से ट्रैक्टर या बैलगाड़ी नहीं निकल सकेंगी। इसी को देखते वह लोग नहर की पटरी का भी काम खुद करवा रहे हैं। सूर्यभान सिंह यादव, काशी, राजाराम, रामप्रकाश, रामऔतार, भिखारी आदि किसानों ने कहा कि वह लोग 15 दिन पूर्व भी चंदा एकत्र कर नहर सफाई करा चुके हैं।
किसानों ने अभी तक करीब चार किमी नहर की सफाई करा ली है। किसान सूर्यभान सिंह का कहना है कि 800 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से जेसीबी मशीन किराए पर ली है। उधर अवर अभियंता मुकेश वर्मा का कहना है कि विभाग को अभी तक बजट नहीं मिला है। इसके बावजूद ठेकेदारों के जरिए वह नहरों की मरंमत करवा रहे हैं। कहा कि किसानों को नहरों के मामले में परेशान होने की जरूरत नहीं है। समय के अंदर नहरों की सफाई करवा देंगे।
लघु डाल नहर के अधिकारियों ने सहजना और सहुरापुर लिफ्ट कैनालों की कुछ माइनरों पर पानी छोड़ दिया है। इन नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। पौथिया माइनर सूखी पड़ी है। नहर में खांदियां होने से साथ पटी है। साथ ही झील झांकर भी हैं। इसी को देखते नरेशपुरा से पटी पुलिया तक की खुदाई किसानों ने कराई है। वहीं पटरी को दुरुस्त कराने का काम किसानों ने शुरू करा दिया है।
फिलहाल परेशान किसानों ने नहरों की सफाई करने का जिम्मा उठा लिया। पौथिया गांव के किसान अभय सिंह सचान का कहना है कि विभाग ने नरेशपुरा के पास खांदी पाटने का काम कराया है। इस काम में किसानों को तमाम अड़चन आएगी। कहा कि पटरी की मिट्टी खोदने से ट्रैक्टर या बैलगाड़ी नहीं निकल सकेंगी। इसी को देखते वह लोग नहर की पटरी का भी काम खुद करवा रहे हैं। सूर्यभान सिंह यादव, काशी, राजाराम, रामप्रकाश, रामऔतार, भिखारी आदि किसानों ने कहा कि वह लोग 15 दिन पूर्व भी चंदा एकत्र कर नहर सफाई करा चुके हैं।
किसानों ने अभी तक करीब चार किमी नहर की सफाई करा ली है। किसान सूर्यभान सिंह का कहना है कि 800 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से जेसीबी मशीन किराए पर ली है। उधर अवर अभियंता मुकेश वर्मा का कहना है कि विभाग को अभी तक बजट नहीं मिला है। इसके बावजूद ठेकेदारों के जरिए वह नहरों की मरंमत करवा रहे हैं। कहा कि किसानों को नहरों के मामले में परेशान होने की जरूरत नहीं है। समय के अंदर नहरों की सफाई करवा देंगे।