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Hamirpur News: गलत वारंटी उठाना पड़ा भारी, दरोगा लाइन हाजिर
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हमीरपुर। सदर कोतवाली पुलिस के गलत व्यक्ति को वारंटी समझकर घर से उठाने और थाने में उसे पीटने का मामला तूल पकड़े है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ट्वीट कर चुके हैं। पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने पहली कार्रवाई कर दी है। मंगलवार को दरोगा सुरेंद्र पाल को लाइन हाजिर कर दिया।
यह कार्रवाई एएसपी अरविंद वर्मा की प्रारंभिक जांच में बिना स्पष्ट सत्यापन किए युवक को वारंटी मानकर थाने लाने में प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर की गई। मेरापुर मुहाल निवासी शिवराज को पकड़ने के लिए शनिवार शाम सदर कोतवाली के दरोगा सुरेंद्र पाल पुलिस टीम के साथ पहुंचे थे। मोहल्ले में एक ही नाम के दो लोगों के होने के कारण पुलिस गलत शिवराज को थाने ले आई। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पुलिस से वारंट और अन्य दस्तावेज दिखाने के लिए कहा, लेकिन उन्हें कोई कागजात नहीं दिखाए गए। आरोप है कि दरोगा और अन्य पुलिसकर्मियों ने युवक के साथ मारपीट करते हुए थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पिछड़ा आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति, डीएम अभिषेक गोयल, एसपी और नगर पालिका चेयरमैन कुलदीप निषाद से न्याय की गुहार लगाई थी। एसपी ने अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा को जांच सौंपी थी। पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि जांच चल रही है। वारंटी को पकड़ने गए दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई होगी। वहीं पीड़ित शिवराज का उपचार कहां चल रहा है। यह परिवार का कोई सदस्य बताने को तैयार नहीं है। पुलिस के खौफ की वजह से वह अभी तक एक्सरे वगैरह की जांच रिपोर्ट को भी सार्वजनिक नहीं किए है।
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यह कार्रवाई एएसपी अरविंद वर्मा की प्रारंभिक जांच में बिना स्पष्ट सत्यापन किए युवक को वारंटी मानकर थाने लाने में प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर की गई। मेरापुर मुहाल निवासी शिवराज को पकड़ने के लिए शनिवार शाम सदर कोतवाली के दरोगा सुरेंद्र पाल पुलिस टीम के साथ पहुंचे थे। मोहल्ले में एक ही नाम के दो लोगों के होने के कारण पुलिस गलत शिवराज को थाने ले आई। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पुलिस से वारंट और अन्य दस्तावेज दिखाने के लिए कहा, लेकिन उन्हें कोई कागजात नहीं दिखाए गए। आरोप है कि दरोगा और अन्य पुलिसकर्मियों ने युवक के साथ मारपीट करते हुए थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया।
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घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पिछड़ा आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति, डीएम अभिषेक गोयल, एसपी और नगर पालिका चेयरमैन कुलदीप निषाद से न्याय की गुहार लगाई थी। एसपी ने अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा को जांच सौंपी थी। पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि जांच चल रही है। वारंटी को पकड़ने गए दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई होगी। वहीं पीड़ित शिवराज का उपचार कहां चल रहा है। यह परिवार का कोई सदस्य बताने को तैयार नहीं है। पुलिस के खौफ की वजह से वह अभी तक एक्सरे वगैरह की जांच रिपोर्ट को भी सार्वजनिक नहीं किए है।
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