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Hamirpur News: लक्ष्य बुंदेलखंड जन सेवा समिति ने लगाया एक करोड़ के घोटाले का आरोप
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भरुआ सुमेरपुर। लक्ष्य बुंदेलखंड जन सेवा समिति के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री सहित जिलाधिकारी आदि को शपथ पत्र देकर नगर पंचायत अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी के खिलाफ एक करोड़ से अधिक की हेराफेरी करने का आरोप लगाकर मजिस्ट्रेटियल जांच कराने की मांग की है। जिलाधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
समिति के अध्यक्ष रविंद्र कुमार भारतवंशी ने मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त सहित जिलाधिकारी को दिए गए शपथ पत्र में आरोप लगाया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी ने जैम पोर्टल के माध्यम से 1000 एलईडी स्ट्रीट लाइटें खरीदी है।
जिसमें 120 वाट की कीमत 1,23,00 रुपये, 90 वाट की 10,350 रुपये, 72 वाट की 6800 रुपये के हिसाब से 95,19,875 रुपये की खरीदी हैं। समिति ने आपूर्तिकर्ता करने वाली फर्म से आरटीआई के माध्यम से मूल्यों की जानकारी ली गई। जिसमें 3000 से 3500 रुपये कीमत बताई गई है। इस तरह से अध्यक्ष एवं अधिशाषी अधिकारी ने स्ट्रीट लाइट खरीद में 50-60 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है।
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दूसरी शिकायत में आरोप है कि तपोभूमि के पास बने महिला मंडल के भवन में का निर्माण दानदाता ने कराया है। इसमें टेंडर बीते 23 नवंबर को निकालकर 15.40 लाख लागत दिखाई गई है। इसकी पुष्टि नगर पंचायत अवर अभियंता रमेश गुप्ता भी कर चुके है। इस तरह नई कार्य योजना में काम दिखाकर हेरा फेरी का प्रयास किया है। इसी तरह कान्हा पशु आश्रय स्थल के अंदर अतिरिक्त टीन शेड निर्माण का टेंडर निकाला गया है। जिसका भी पूर्व से ही निर्माण है। इसकी लागत भी 15.40 लाख दिखाकर हेराफेरी की साजिश रची गई है। कुल मिलाकर 1,26,39,000 से अधिक की धनराशि को ठिकाने लगाने की रूपरेखा तैयार की गई है।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी कुमकमल सिंह ने बताया कि महिला मंडल एवं कान्हा पशु आश्रय स्थल के टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं। स्ट्रीट लाइट खरीद में कोई घोटाला नहीं हुआ है। नियमानुसार टेंडर कराकर आपूर्ति कराई गई है।
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समिति के अध्यक्ष रविंद्र कुमार भारतवंशी ने मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त सहित जिलाधिकारी को दिए गए शपथ पत्र में आरोप लगाया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी ने जैम पोर्टल के माध्यम से 1000 एलईडी स्ट्रीट लाइटें खरीदी है।
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जिसमें 120 वाट की कीमत 1,23,00 रुपये, 90 वाट की 10,350 रुपये, 72 वाट की 6800 रुपये के हिसाब से 95,19,875 रुपये की खरीदी हैं। समिति ने आपूर्तिकर्ता करने वाली फर्म से आरटीआई के माध्यम से मूल्यों की जानकारी ली गई। जिसमें 3000 से 3500 रुपये कीमत बताई गई है। इस तरह से अध्यक्ष एवं अधिशाषी अधिकारी ने स्ट्रीट लाइट खरीद में 50-60 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है।
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दूसरी शिकायत में आरोप है कि तपोभूमि के पास बने महिला मंडल के भवन में का निर्माण दानदाता ने कराया है। इसमें टेंडर बीते 23 नवंबर को निकालकर 15.40 लाख लागत दिखाई गई है। इसकी पुष्टि नगर पंचायत अवर अभियंता रमेश गुप्ता भी कर चुके है। इस तरह नई कार्य योजना में काम दिखाकर हेरा फेरी का प्रयास किया है। इसी तरह कान्हा पशु आश्रय स्थल के अंदर अतिरिक्त टीन शेड निर्माण का टेंडर निकाला गया है। जिसका भी पूर्व से ही निर्माण है। इसकी लागत भी 15.40 लाख दिखाकर हेराफेरी की साजिश रची गई है। कुल मिलाकर 1,26,39,000 से अधिक की धनराशि को ठिकाने लगाने की रूपरेखा तैयार की गई है।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी कुमकमल सिंह ने बताया कि महिला मंडल एवं कान्हा पशु आश्रय स्थल के टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं। स्ट्रीट लाइट खरीद में कोई घोटाला नहीं हुआ है। नियमानुसार टेंडर कराकर आपूर्ति कराई गई है।