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मौरंग के अभाव में नहीं बन सकीं पशुशालाएं
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Thu, 25 May 2017 11:24 PM IST
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गोहांड कस्बे की इसी जमीन पर बनेगी गोशाला।
- फोटो : अमर उजाला
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मौरंग के अभाव में विकास कार्य ठप पड़े हैं। इधर अन्ना मवेशियों के निजात दिलाने के लिए चार कस्बों में बनने वाली कान्हा पशु आश्रय (गोशाला) का निर्माण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में किसानों को अन्ना मवेशियों से छुटकारा नहीं मिल रहा है। जिले में मौरंग पट्टे बंद होने से विकास कार्यों पर ग्रहण लग गया है। इधर मौरंग की नई नीति लागू हुई लेकिन जिले में मौरंग के पट्टे जारी करने संबंधी काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में निकट भविष्य में मौरंग का संकट दूर होता नहीं दिख रहा है। यही कारण है कि मौरंग के अभाव में लोग मकान नहीं बना रहे हैं। वहीं सरकारी भवनों का निर्माण करीब आठ माह से रुका पड़ा है। भवन निर्माण की प्रगति जीरो है। पुलियों का काम भी रुका पड़ा है। जिले में करीब एक लाख 20 हजार मवेशी अन्ना मवेशी हैं। पिछले डेढ़ साल से अन्ना मवेशियों से परेशान किसानों ने पिछले 15 दिसंबर को मुख्यालय आए पूर्व सीएम अखिलेश यादव से गोशाला खोलने की मांग की। इस पर चार निकायों को शासन स्तर से बजट जारी कर किया गया। निकायों को पहली किस्त भी जारी कर दी। इस पर टेंडर प्रक्रिया कर ली गई। मगर मौरंग की कमी के चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सके हैं।
कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत कुरारा नगर पंचायत को एक करोड़ 54 लाख 40 हजार रुपये स्वीकृत हुआ। 30 लाख रुपये रिलीज भी चुके हैं। सुमेरपुर को एक करोड़ 56 लाख 44 हजार रुपये स्वीकृत करते हुए 30 लाख अवमुक्त किए हैं। सरीला में एक करोड़ 29 लाख और गोहांड नगर पंचायत को एक करोड़ 40 लाख रुपये कान्हा पशु आश्रय योजना में स्वीकृति मिली है। वहीं दोनों नगर पंचायतों को 60-60 लाख रुपये अवमुक्त किए गए हैं। योजना में अधिकृत भूमि पर 0.0360 हेक्टेयर पर बाउंड्रीवाल, टीनशेड, भूसा स्टोर, पानी की चरही, हैंडपंप आदि का निर्माण प्रस्तावित है।
मौरंग की कमी से जिले में विकास कार्य प्रभावित हैं। शासन की नई नीति लागू हो चुकी है। मौरंग के पट्टे होने पर मौरंग की निकासी होने के बाद ही निर्माण कार्यों में गति आएगी।-अवधेश बहादुर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
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कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत कुरारा नगर पंचायत को एक करोड़ 54 लाख 40 हजार रुपये स्वीकृत हुआ। 30 लाख रुपये रिलीज भी चुके हैं। सुमेरपुर को एक करोड़ 56 लाख 44 हजार रुपये स्वीकृत करते हुए 30 लाख अवमुक्त किए हैं। सरीला में एक करोड़ 29 लाख और गोहांड नगर पंचायत को एक करोड़ 40 लाख रुपये कान्हा पशु आश्रय योजना में स्वीकृति मिली है। वहीं दोनों नगर पंचायतों को 60-60 लाख रुपये अवमुक्त किए गए हैं। योजना में अधिकृत भूमि पर 0.0360 हेक्टेयर पर बाउंड्रीवाल, टीनशेड, भूसा स्टोर, पानी की चरही, हैंडपंप आदि का निर्माण प्रस्तावित है।
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मौरंग की कमी से जिले में विकास कार्य प्रभावित हैं। शासन की नई नीति लागू हो चुकी है। मौरंग के पट्टे होने पर मौरंग की निकासी होने के बाद ही निर्माण कार्यों में गति आएगी।-अवधेश बहादुर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
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