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करंट से युवक की मौत
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राठ। खेत में भैंस चरा रहा युवक करंट की चपेट में आकर झुलस गया। परिजन इलाज के लिए उरई ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। एकलौते पुत्र का शव गांव पहुंचने पर कोहराम मचा गया।
जमौड़ी डांडा गांव निवासी तिजवा केवट ने बताया शुक्रवार शाम उनका एकलौता पुत्र महेश (28) खेतों में भैंस चरा रहा था। तभी तेज बारिश और बादलों की गड़गड़ाहट के बीच खेत की मेड़ पर खड़े हो गए। जहां हाईटेंशन विद्युत लाइन का खंभा लगा था। बारिश के दौरान महेश का हाथ बिजली के खंभे से छू गया। खंभे में उतर रहे करंट की चपेट में आकर वह छटपटाने लगे।
सूचना पर पहुंचे परिजनों ने सीएचसी में भर्ती कराया। जहां से उसे मेडिकल कॉलेज उरई रेफर किया गया। उरई में इलाज दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद महेश का शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। प्रधान हरनारायण केवट ने बताया तिजवा के नाम 2 बीघा कृषि योग्य भूमि है। जिस पर वह खेतीबाड़ी करते हैं। वृद्ध माता-पिता समेत अपने परिवार का भरण पोषण के लिए वही सहारा था। युवक की मौत पर मां श्यामकुंवर, पत्नी सुखवती, पुत्र हेमंत (8) और कीरत (6) रो रोकर बेहाल है।
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जमौड़ी डांडा गांव निवासी तिजवा केवट ने बताया शुक्रवार शाम उनका एकलौता पुत्र महेश (28) खेतों में भैंस चरा रहा था। तभी तेज बारिश और बादलों की गड़गड़ाहट के बीच खेत की मेड़ पर खड़े हो गए। जहां हाईटेंशन विद्युत लाइन का खंभा लगा था। बारिश के दौरान महेश का हाथ बिजली के खंभे से छू गया। खंभे में उतर रहे करंट की चपेट में आकर वह छटपटाने लगे।
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सूचना पर पहुंचे परिजनों ने सीएचसी में भर्ती कराया। जहां से उसे मेडिकल कॉलेज उरई रेफर किया गया। उरई में इलाज दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद महेश का शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। प्रधान हरनारायण केवट ने बताया तिजवा के नाम 2 बीघा कृषि योग्य भूमि है। जिस पर वह खेतीबाड़ी करते हैं। वृद्ध माता-पिता समेत अपने परिवार का भरण पोषण के लिए वही सहारा था। युवक की मौत पर मां श्यामकुंवर, पत्नी सुखवती, पुत्र हेमंत (8) और कीरत (6) रो रोकर बेहाल है।
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