फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Crop insurance scam in dam, drain, barren and ravine

Hamirpur News: बांध, नाला, बंजर और बीहड़ में फसल बीमा घोटाला

Fri, 05 Sep 2025 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Updated Fri, 05 Sep 2025 12:20 AM IST
विज्ञापन
Crop insurance scam in dam, drain, barren and ravine
राठ। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं। बीमा कंपनी (एग्रीकल्चरल इश्योरेंस कंपनी) ने बांध, नाला, बंजर और बीहड़ की जमीन को कृषि भूमि दिखाकर क्लेम ले लिया। वहीं पात्र किसान मुआवजा के लिए एक साल से चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापन

किसान फसल बीमा में धांधली की शिकायत पर एसडीएम न्यायिक अभिषेक कुमार की जांच में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। जांच में पाया गया कि रौरो क्षेत्र में मौदहा बांध के कई गाटा फसली दिखाकर बीमा राशि का बंदरबांट हुआ है। इसका कुल क्षेत्रफल 102 हेक्टेयर है। इसके अलावा नाला, बंजर, बीहड़, आबादी आदि खातों में दर्ज गाटा भी बीमा कंपनियों की सूची में दर्ज हैं। जिनका कुल रकबा 21 हेक्टेयर है। कुल 526 हेक्टेयर रकबे पर बीमित किसान और खतौनी में दर्ज खातेदार अलग अलग मिले। रौरो गांव में कृषि भूमि 687 हेक्टेयर है और बीमा कंपनी ने 822.60 हेक्टेयर क्षेत्रफल का बीमा कर दिया।
विज्ञापन

टोला के किसान शंकरलाल ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड से बीमा का प्रीमियम कट गया था। फसल नष्ट होने पर आज तक मुआवजा नहीं मिला। चिल्ली के सुरेंद्र राजपूत ने बताया कि उड़द की फसल का बीमा कराया था। अतिवृष्टि में फसल नष्ट हो गई पर बीमा क्लेम नहीं मिला। सरसई गांव के अनीष त्रिपाठी, हरी सिंह राजपूत व जगदीश प्रसाद ने बताया कि उन्हें भी फसल बीमा का लाभ नहीं मिला। जिसकी शिकायत टोल फ्री नंबर पर भी की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------------
एक साल से भटक रहा मलखान
सदर गांव निवासी जनसेवक मलखान सिंह निषाद ने बताया कि 2024 में उरद व मूंग की फसल का बीमा कराया था। फसल नष्ट हो गई थी। बीमा क्लेम नहीं मिला। आठ बार समाधान दिवस में गुहार लगाई। 21 जून को एसडीएम ने बीमा कंपनी के कर्मचारियों को फटकार लगाई थी जिसके बाद भी क्लेम नहीं मिला।

-----------------
भटकते रहे अब टूट गई उम्मीद
गोहांड के अमरचंद्र ने बताया कि 2024 में उरद की फसल बोई थी। जिसका बीमा भी कराया था। अधिक बारिश होने से फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। बीमा कंपनी ने कोई राहत नहीं दी। काफी प्रयास करने के बाद थक कर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि पात्र किसान बीमा की राशि पाने के लिए भटक रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed