{"_id":"587e4e554f1c1b3403effd25","slug":"villagers-found-the-bodies-of-the-young-man-fell-into-the-river","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदी में गिरे दूसरे युवक का शव ग्रामीणों ने खोजा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नदी में गिरे दूसरे युवक का शव ग्रामीणों ने खोजा
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Tue, 17 Jan 2017 10:33 PM IST
विज्ञापन
घाटमपुर सीओ व एसडीएम ग्रामीणों से वार्ता करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देर शाम सोमवार को बोलेरो से टकराकर यमुना नदी में गिरे दूसरे बाइक सवार युवक का शव ग्रामीणों ने मंगलवार की सुबह करीब सात बजे नदी से निकाला। इस मामले में पुलिस की लापरवाही से नाराज परिजनों ने ग्रामीणों के साथ कानपुर-सागर नेशनल हाइवे 86 में पुल के जनपद कानपुर सीमा
पर शव रखकर जाम लगा दिया। मुआवजा दिए जाने व थानाध्यक्ष सजेती के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के भरोसे के बाद लोगों ने जाम खोला। जाम से करीब पांच घंटे हाइवे पूरी तरह से बंद रहा। सजेती पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए हमीरपुर कोतवाल को सौंपा है।
दोनों शवों का पोस्टमार्टम मुख्यालय में कराया गया है।जनपद कानपुर नगर के सजेती थानाक्षेत्र के लहुरीमऊ गांव निवासी धर्मराज (22) पुत्र रामयश अपने साथी संजय (21) पुत्र मानसिंह के साथ सोमवार की शाम करीब साढ़े बजे बाइक से बिना हेलमेट लगाए मुख्यालय आ रहे थे। तभी कानपुर की
विज्ञापन
ओर से आ रही एक अनियंत्रित बोलेरो कार ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। जिसमें दोनों बाइक सवार यमुना नदी में जा गिरे। घटना के कुछ देर बाद ही मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने दमकल कर्मियों व मछुवारों की मदद से धर्मराज को नदी से बाहर निकाला। धर्मराज की सांस चलने पर उसे
जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में स्थानीय पुलिस बाइक में एक ही व्यक्ति के सवार होने की बात कहती रही। इसकेबावजूद स्थानीय पुलिस व थाना सजेती पुलिस ने रात में दूसरे युवक को ढूंढने में कोई पहल नहीं की। गांव के ही कुछ लोग रात
में टार्च की मदद से उसे ढूंढते रहे। मंगलवार की सुबह लहुरीमऊ के ग्रामीणों ने नदी में दूसरे लापता संजय का शव निकाला। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से नाराज लोगों व परिजनों ने संजय के शव को हाइवे में यमुना पुल उस पार जाम लगा दिया। जाम लगाए लोग पीड़ित के परिजनों को मुआवजा व
थानाध्यक्ष सजेती के एसओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। हाइवे में लगे जाम के चार घंटे बाद सीओ घाटमपुर राजेश पांडेय व तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया मगर वह नहीं माने। दोपहर करीब एक बजे कानुपर के एएसपी आए जिन्होंने
पीड़ितों की बात सुन उन्हें भरोसा दिया कि वह दोनों मृतकों के परिजनों को पंाच-पांच लाख रुपये आर्थिक मदद दिए जाने व थानाध्यक्ष सजेती के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। तब कहीं लोगों ने जाम खोला। जाम खुलते ही सजेती पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। परिजनों ने संजय के शव का भी
पोस्टमार्टम मुख्यालय हमीरपुर में कराए जाने कोे कहा इस पर कोतवाली पुलिस को शव सुपुर्द कर दिया गया। कोतवाल पीके सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम मुख्यालय में कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं। बताया कि घटना स्थल सजेती थानाक्षेत्र है। इसके चलते दुर्घटना का मुकदमा सजेती थाने में दर्ज किया गया है।
दूधिया का काम करता था धर्मराज
दुर्घटना में मृत धर्मराज अपने पिता का इकलौता पुत्र था। वह दूध का कारोबार करता था। पिता ने बताया कि वह उसका कमाऊ पूत था वहीं पूरे घर का भरण-पोषण करता था। दुर्घटनाग्रस्त बाइक भी धर्मराज की है। जबकि मृतक संजय पेंटिग का कार्य करता था।
जाम से आवागमन में हुई कठिनाई
हमीरपुर। हाईवे में पांच घंटे तक चले जाम से आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर कई किमी जाम लगा रहा। कानपुर से आने वाली बसों को यमुना पुल उस पार ही जाम के कारण रोकना पड़ा। जिससे यात्री वहां से पैदल मुख्यालय पहुंचे। जबकि मुख्यालय, महोबा, राठ आदि स्थानों से कानपुर की ओर जाने वाली बस व अन्य वाहन पुल के पहले ही रोके गए। हाइवे में जाम से लोग पैदल तक नहीं निकल सके। जाम लगाए लोगों ने पुलिस के मोबाइल बैरियरों को बांस से बांधकर व किनारे किनारे बड़े बड़े पत्थर लगा दिए थे। जिससे पैदल निकलना तक दूभर रहा। वहीं बांध, लहुरीमऊ आदि गांव से दूध लेकर मुख्यालय आने वाले दूधिए भी नहीं आ सके। जाम खुलने के बाद ही दूधिए मुख्यालय आए। जाम लगा होने के कारण कोतवाल ने इस ओर से एक भी वाहन आगे की ओर नहीं जाने दिया।
विज्ञापन
पर शव रखकर जाम लगा दिया। मुआवजा दिए जाने व थानाध्यक्ष सजेती के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के भरोसे के बाद लोगों ने जाम खोला। जाम से करीब पांच घंटे हाइवे पूरी तरह से बंद रहा। सजेती पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए हमीरपुर कोतवाल को सौंपा है।
विज्ञापन
दोनों शवों का पोस्टमार्टम मुख्यालय में कराया गया है।जनपद कानपुर नगर के सजेती थानाक्षेत्र के लहुरीमऊ गांव निवासी धर्मराज (22) पुत्र रामयश अपने साथी संजय (21) पुत्र मानसिंह के साथ सोमवार की शाम करीब साढ़े बजे बाइक से बिना हेलमेट लगाए मुख्यालय आ रहे थे। तभी कानपुर की
विज्ञापन
ओर से आ रही एक अनियंत्रित बोलेरो कार ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। जिसमें दोनों बाइक सवार यमुना नदी में जा गिरे। घटना के कुछ देर बाद ही मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने दमकल कर्मियों व मछुवारों की मदद से धर्मराज को नदी से बाहर निकाला। धर्मराज की सांस चलने पर उसे
जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में स्थानीय पुलिस बाइक में एक ही व्यक्ति के सवार होने की बात कहती रही। इसकेबावजूद स्थानीय पुलिस व थाना सजेती पुलिस ने रात में दूसरे युवक को ढूंढने में कोई पहल नहीं की। गांव के ही कुछ लोग रात
में टार्च की मदद से उसे ढूंढते रहे। मंगलवार की सुबह लहुरीमऊ के ग्रामीणों ने नदी में दूसरे लापता संजय का शव निकाला। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से नाराज लोगों व परिजनों ने संजय के शव को हाइवे में यमुना पुल उस पार जाम लगा दिया। जाम लगाए लोग पीड़ित के परिजनों को मुआवजा व
थानाध्यक्ष सजेती के एसओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। हाइवे में लगे जाम के चार घंटे बाद सीओ घाटमपुर राजेश पांडेय व तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया मगर वह नहीं माने। दोपहर करीब एक बजे कानुपर के एएसपी आए जिन्होंने
पीड़ितों की बात सुन उन्हें भरोसा दिया कि वह दोनों मृतकों के परिजनों को पंाच-पांच लाख रुपये आर्थिक मदद दिए जाने व थानाध्यक्ष सजेती के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। तब कहीं लोगों ने जाम खोला। जाम खुलते ही सजेती पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। परिजनों ने संजय के शव का भी
पोस्टमार्टम मुख्यालय हमीरपुर में कराए जाने कोे कहा इस पर कोतवाली पुलिस को शव सुपुर्द कर दिया गया। कोतवाल पीके सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम मुख्यालय में कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं। बताया कि घटना स्थल सजेती थानाक्षेत्र है। इसके चलते दुर्घटना का मुकदमा सजेती थाने में दर्ज किया गया है।
दूधिया का काम करता था धर्मराज
दुर्घटना में मृत धर्मराज अपने पिता का इकलौता पुत्र था। वह दूध का कारोबार करता था। पिता ने बताया कि वह उसका कमाऊ पूत था वहीं पूरे घर का भरण-पोषण करता था। दुर्घटनाग्रस्त बाइक भी धर्मराज की है। जबकि मृतक संजय पेंटिग का कार्य करता था।
जाम से आवागमन में हुई कठिनाई
हमीरपुर। हाईवे में पांच घंटे तक चले जाम से आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर कई किमी जाम लगा रहा। कानपुर से आने वाली बसों को यमुना पुल उस पार ही जाम के कारण रोकना पड़ा। जिससे यात्री वहां से पैदल मुख्यालय पहुंचे। जबकि मुख्यालय, महोबा, राठ आदि स्थानों से कानपुर की ओर जाने वाली बस व अन्य वाहन पुल के पहले ही रोके गए। हाइवे में जाम से लोग पैदल तक नहीं निकल सके। जाम लगाए लोगों ने पुलिस के मोबाइल बैरियरों को बांस से बांधकर व किनारे किनारे बड़े बड़े पत्थर लगा दिए थे। जिससे पैदल निकलना तक दूभर रहा। वहीं बांध, लहुरीमऊ आदि गांव से दूध लेकर मुख्यालय आने वाले दूधिए भी नहीं आ सके। जाम खुलने के बाद ही दूधिए मुख्यालय आए। जाम लगा होने के कारण कोतवाल ने इस ओर से एक भी वाहन आगे की ओर नहीं जाने दिया।