{"_id":"2b991b16a32ce69768f9c7f10fff3d16","slug":"the-team-visited-five-villages-waste-of-crops-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच गांवों में टीम ने देखी फसलों की बर्बादी ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पांच गांवों में टीम ने देखी फसलों की बर्बादी
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Fri, 10 Apr 2015 12:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फसलों की बर्बादी देखने आई केंद्रीय टीम ने पांच
विज्ञापन
गांवों में फसलों का जायजा लिया। फसलों की हालत देख उनकी आंखें हैरत से फटी
रह गई। बर्बाद खेतों को देख अधिकारी कहते देखे गए कि किसानों का सब कुछ
चौपट हो चुका है। उन्हें धैर्य से काम लेना चाहिए। टीम ने किसानों को
मुआवजे का भरोसा दिया।
बुधवार की शाम केंद्रीय टीम के डा.शांतनु विश्वास (डिप्टी डायरेक्टर सीईए), अनीसुर्रहमान (कंसलटेंट एमओ ड्रिंकिंग वाटर एडं सेनीटेशन) और डा.एमसी दिवाकर (डायरेक्टर डीटीई ऑफ शुगरकेन डेवपलपमेंट) आए और रात डाक बंगले में बिताई। सुबह 9 बजे टीम पाराओझी गांव के निकट रुकी। सड़क किनारे पड़े गेहूं के गठ्ठर को पलटा, उससे बाली निकाली और मसलकर देखा तो उसमें भूसा अधिक और दाना बेहद पतला निकला।
खेत मालिक राजेश कुमार सचान से भी टीम के अधिकारियों ने फसल बर्बादी पर जानकारी ली। इस बीच किसानों ने बगल के खेत में खड़ी अरहर की फसल देखने को कहा तो टीम के अधिकारियों ने कहा कि वह देख चुके हैं। दूर से हरी दिख रही है पर दाने नहीं हैं। साथ में मौजूद जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने टीम को बताया कि क्राप कटिंग के दौरान गेहूं के काले दाने निकले हैं।
इस बीच डा.शांतनु ने किसानों से पूछा कि क्या वह जायद की फसल पैदा नहीं कर सकते, इस पर किसानों का कहना था कि सिंचाई की सुविधा नहीं है साथ ही अन्ना जानवर फसलों को बर्बाद कर देते हैं। डीएम ने कहा कि अन्ना छोड़ने वाले मवेशी मालिकों पर शांति भंग की कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद अधिकारी सिडरा गांव पहुंची।
टिकरौली मार्ग पर खेत में मसूर की फसल देखी, मौके पर मौजूद किसानों ने बताया कि फसल सड़ जाने पर इसकी कटाई नहीं कराई है। अधिकारियों ने अलसी और चना के साथ लाही, मटर, जौ की फसलों को देखने के बाद कहते देखे गए यह तो पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। मौदहा प्रतिनिधि के अनुसार मवईया गांव पहुंची टीम खेतों की ओर गई।
पहले रामसेवक के चने का खेत देखा जिसमें दाने नदारत मिले। वहीं जौ व गेहूं की फसलों के दाने देखे मौके पर अधिकारियों ने कहा कि यह इतना पतला है कि हवा में उड़ जाएगा। बाद में लहलहाती अरहर की फसल देखी तो उसमें दाने नहीं मिले। इसके बाद टीम के अधिकारी गहबरा और भवानी गांवों में भी जायजा लेने पहुंची।
अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी संध्या तिवारी, एडीएम डा.राजेश प्रजापति, सीडीओ एबी सिंह, एसडीएम सदर रामसुरेश वर्मा, मौदहा एसडीएम प्रवीणा अग्रवाल, इलाहाबाद बैंक के एलडीएम एसके साहू, उप कृषि निदेशक चौधरी अरुण कुमार, जिला कृषि अधिकारी अभयराज सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बुधवार की शाम केंद्रीय टीम के डा.शांतनु विश्वास (डिप्टी डायरेक्टर सीईए), अनीसुर्रहमान (कंसलटेंट एमओ ड्रिंकिंग वाटर एडं सेनीटेशन) और डा.एमसी दिवाकर (डायरेक्टर डीटीई ऑफ शुगरकेन डेवपलपमेंट) आए और रात डाक बंगले में बिताई। सुबह 9 बजे टीम पाराओझी गांव के निकट रुकी। सड़क किनारे पड़े गेहूं के गठ्ठर को पलटा, उससे बाली निकाली और मसलकर देखा तो उसमें भूसा अधिक और दाना बेहद पतला निकला।
खेत मालिक राजेश कुमार सचान से भी टीम के अधिकारियों ने फसल बर्बादी पर जानकारी ली। इस बीच किसानों ने बगल के खेत में खड़ी अरहर की फसल देखने को कहा तो टीम के अधिकारियों ने कहा कि वह देख चुके हैं। दूर से हरी दिख रही है पर दाने नहीं हैं। साथ में मौजूद जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने टीम को बताया कि क्राप कटिंग के दौरान गेहूं के काले दाने निकले हैं।
इस बीच डा.शांतनु ने किसानों से पूछा कि क्या वह जायद की फसल पैदा नहीं कर सकते, इस पर किसानों का कहना था कि सिंचाई की सुविधा नहीं है साथ ही अन्ना जानवर फसलों को बर्बाद कर देते हैं। डीएम ने कहा कि अन्ना छोड़ने वाले मवेशी मालिकों पर शांति भंग की कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद अधिकारी सिडरा गांव पहुंची।
टिकरौली मार्ग पर खेत में मसूर की फसल देखी, मौके पर मौजूद किसानों ने बताया कि फसल सड़ जाने पर इसकी कटाई नहीं कराई है। अधिकारियों ने अलसी और चना के साथ लाही, मटर, जौ की फसलों को देखने के बाद कहते देखे गए यह तो पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। मौदहा प्रतिनिधि के अनुसार मवईया गांव पहुंची टीम खेतों की ओर गई।
पहले रामसेवक के चने का खेत देखा जिसमें दाने नदारत मिले। वहीं जौ व गेहूं की फसलों के दाने देखे मौके पर अधिकारियों ने कहा कि यह इतना पतला है कि हवा में उड़ जाएगा। बाद में लहलहाती अरहर की फसल देखी तो उसमें दाने नहीं मिले। इसके बाद टीम के अधिकारी गहबरा और भवानी गांवों में भी जायजा लेने पहुंची।
अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी संध्या तिवारी, एडीएम डा.राजेश प्रजापति, सीडीओ एबी सिंह, एसडीएम सदर रामसुरेश वर्मा, मौदहा एसडीएम प्रवीणा अग्रवाल, इलाहाबाद बैंक के एलडीएम एसके साहू, उप कृषि निदेशक चौधरी अरुण कुमार, जिला कृषि अधिकारी अभयराज सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।