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फसल बर्बादी पर किसान ने खेत में जहर खाकर दी जान
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Tue, 14 Apr 2015 12:19 AM IST
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जलालपुर थानाक्षेत्र के मसीदन गांव में फसलों की तबाही व कर्ज चुकाने की चिंता में परेशान किसान ने खेत में जहर खा लिया। इलाज के लिए ले जाते समय उसकी मौत हो गई। परिजनों व ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग कर राठ बिवांर मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। बाद में डीएम ने मृतक किसान की पत्नी को पांच हजार रुपये की नकद आर्थिक सहायता भी दी है।
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मसीदन गांव के नन्ने केवट के चार बेटे दीनदयाल, दयाराम, बालादीन व कामता है। उसके चारों बेटे अलग-अलग रहते हैं। सबसे छोटे बेटे कामता (35) के पास दो एकड़ जमीन है। साथ ही उसने 15 बीघे जमीन जलालपुर के सिप्पू महाराज की ठेके पर (बलकट) लेकर खेती की। कामता ने अपनी दो एकड़ जमीन में चना बोया था, जो पहले ही 80 फीसदी नष्ट हो गया था। दो दिन से हो रही बारिश से बलकट की जमीन में बोया गेहूं भी तहस नहस हो गया।
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मृतक के पिता नन्ने केवट ने बताया कि उसके पुत्र ने पांच साल पहले स्वयं सहायता समूह के तहत बकरी पालन के लिए 22 हजार रुपये का ऋण बैंक से लिया था। लेकिन लगातार फसलें खराब होने से वह कर्ज नहीं चुका पाया। कर्ज की रकम अब 45 हजार हो चुकी है और धीरे-धीरे उसकी बकरियां भी मर गईं। चार दिन पहले यूपी ग्रामीण बैंक जलालपुर के शाखा प्रबंधक ने भी ऋण चुकाने का दबाव बना आरसी की धमकी दी थी। तभी से वह अधिक तनाव में था।
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साथ ही कामता पर जलालपुर गांव के एक व्यापारी का 20 हजार रुपये कर्ज था। रविवार को वह खेत पर गेहूं की फसल देखने गया था और परेशान होकर वहीं जहर खा लिया। परिजन सीएचसी सरीला ले गए। जहां से झांसी ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। उसके दो पुत्र नरेंद्र, रावेंद्र व पत्नी है। घटना के बाद पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए ग्रामीणों ने राठ बिवांर मार्ग पर जाम लगा दिया।
सूचना पर पहुंचे एसडीएम रामयश गौतम ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर थोड़ी ही देर में जाम खुलवा दिया। थानाध्यक्ष ताहिर हुसैन ने बताया कि किसान के शव को पोस्टमार्टम को भेजा है। मसीदन गांव में जहर खाकर मौत को गले लगाने वाले कामता के परिजनों से जिलाधिकारी संध्या तिवारी मिलीं। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया तथा किसान दुर्घटना बीमा व राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत आर्थिक सहायता दिलाने का भी आश्वासन दिया है।
डीएम ने मृतक किसान की पत्नी को पांच हजार रुपये की नकद सहायता भी दी है। एसडीएम रामयश गौतम को परिवार के भरण पोषण के लिए गांव के कोटेदार से एक बोरी चावल व एक बोरी गेहूं दिलाने के निर्देश दिए हैं।