{"_id":"bf2233c4642aac854af4cd1b7d6f6443","slug":"shriram-story-began-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलश यात्रा के साथ शुरू हुई श्रीराम कथा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कलश यात्रा के साथ शुरू हुई श्रीराम कथा
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Tue, 07 Jul 2015 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार से कस्बे के ऐतिहासिक चौपरेश्वर मंदिर में श्रीराम कथा का शुभारंभ
विज्ञापन
हो गया। कथा के पहले दिन क स्बे में भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
मान्यता है कि मलमास के महीने में किया गया धार्मिक अनुष्ठान हजार गुना ज्यादा फल प्रदान करता है।
इसी के तहत कस्बे में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में कस्बे के धर्मपरायण नीरज गुप्ता ने प्रसिद्ध चौपरेश्वर मंदिर में श्रीराम कथा का आयोजन किया। कथा के पहले दिन कस्बे में भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
स्टेट बैंक तिराहे से प्रारंभ हुई कलश यात्रा नगर भ्रमण करते हुए चौपरेश्वर मंदिर पहुंची। कथा यात्रा में आगे आगे ढोल की थाप पर थिरकते घोड़े चल रहे थे।
इसके बाद रथों पर सवार भगवान श्रीराम लक्ष्मण की मनोरम झांकी लोगों का मन मोह रही थी। वहीं भक्तजन डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों पर मस्ती में झूमते हुए जा रहे थे। शोभा यात्रा के साथ सैकड़ों की संख्या में महिलाएं अपने सिर पर कलश रख मंगल गीत गाती चल रही थीं।
मान्यता है कि मलमास के महीने में किया गया धार्मिक अनुष्ठान हजार गुना ज्यादा फल प्रदान करता है।
इसी के तहत कस्बे में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में कस्बे के धर्मपरायण नीरज गुप्ता ने प्रसिद्ध चौपरेश्वर मंदिर में श्रीराम कथा का आयोजन किया। कथा के पहले दिन कस्बे में भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
स्टेट बैंक तिराहे से प्रारंभ हुई कलश यात्रा नगर भ्रमण करते हुए चौपरेश्वर मंदिर पहुंची। कथा यात्रा में आगे आगे ढोल की थाप पर थिरकते घोड़े चल रहे थे।
इसके बाद रथों पर सवार भगवान श्रीराम लक्ष्मण की मनोरम झांकी लोगों का मन मोह रही थी। वहीं भक्तजन डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों पर मस्ती में झूमते हुए जा रहे थे। शोभा यात्रा के साथ सैकड़ों की संख्या में महिलाएं अपने सिर पर कलश रख मंगल गीत गाती चल रही थीं।