{"_id":"da31d5294bf819a91ebb568485ab4d1b","slug":"sadar-village-growth-stalled-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सदर गांव में विकास की रफ्तार ठप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सदर गांव में विकास की रफ्तार ठप
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Mon, 06 Jul 2015 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राठ ब्लाक मुख्यालय से महोबा मार्ग पर 10 किमी दूर बसा सदर आज बुनियादी
विज्ञापन
सुविधाओं से जूझ रहा है। इस गांव में सबसे अधिक समस्या पीने के पानी की है।
वैसे तो गांव में 3 हैंडपंप लगे हैं। लेकिन सिर्फ एक हैंडपंप के भरोसे
पूरा गांव है।
सदर गांव में हैंडपंप पर पानी भरने के लिए सुबह से ग्रामीणों की लाइन लग जाती है। ग्रामीणों को पानी भरने के लिए घंटों खडे़ रहना पड़ता है। ग्राम पंचायत कैंथा से जुडे़ इस गांव के बाशिंदे बताते हैं कि पांच साल हो गए।
आज तक गांव में प्रधान ने कोई विकास कार्य नहीं कराया। महीने से गांव में सफाई कर्मी नहीं है। जिससे गांव की गलियों में कूडे़ का अंबार लगा है। पानी पीने के लिए जानवर यहां वहां भटकते है। गांव में जो छोटे छोटे तालाब है वह भी सूखे हैं।
करीब 2 हजार की आबादी वाले इस सदर गांव में विकास की रफ्तार पूरी तरह से ठप है। गांव में एक हैंडपंप कई सालों से खराब पडा हुआ है। दूसरा हैंडपंप से मटमैला पानी निकल रहा है।
गांव का प्रधान कल्लू और अधिकारी कभी कभार ही गांव में आते हैं। मुख्य सड़क से गांव तक जोड़ने वाली सड़क भी पूरी तरह से उखड़ गई है। गांव में ज्यादातर बिरादरी रैकवार और दलित हैं।
सदर गांव में हैंडपंप पर पानी भरने के लिए सुबह से ग्रामीणों की लाइन लग जाती है। ग्रामीणों को पानी भरने के लिए घंटों खडे़ रहना पड़ता है। ग्राम पंचायत कैंथा से जुडे़ इस गांव के बाशिंदे बताते हैं कि पांच साल हो गए।
आज तक गांव में प्रधान ने कोई विकास कार्य नहीं कराया। महीने से गांव में सफाई कर्मी नहीं है। जिससे गांव की गलियों में कूडे़ का अंबार लगा है। पानी पीने के लिए जानवर यहां वहां भटकते है। गांव में जो छोटे छोटे तालाब है वह भी सूखे हैं।
करीब 2 हजार की आबादी वाले इस सदर गांव में विकास की रफ्तार पूरी तरह से ठप है। गांव में एक हैंडपंप कई सालों से खराब पडा हुआ है। दूसरा हैंडपंप से मटमैला पानी निकल रहा है।
गांव का प्रधान कल्लू और अधिकारी कभी कभार ही गांव में आते हैं। मुख्य सड़क से गांव तक जोड़ने वाली सड़क भी पूरी तरह से उखड़ गई है। गांव में ज्यादातर बिरादरी रैकवार और दलित हैं।