फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Not even in the delivery of 12 health sub Centres

12 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में एक भी नहीं हुए प्रसव

Sat, 22 Aug 2015 12:21 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर Updated Sat, 22 Aug 2015 12:21 AM IST
विज्ञापन
Not even in the delivery of 12 health sub Centres

स्वास्थ्य विभाग में तैनात आधी से अधिक एएनएम डिलेवरी

विज्ञापन
कराना नहीं जानतीं या फिर वह संबंधित प्रसव सेंटर पर रहती ही नहीं हैं। यही कारण है कि जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे प्रसव केंद्रों की स्थिति चिंताजनक है। संविदा के आधार पर नियुक्त नई एएनएम की बात तो दूर है, वर्षों से काम कर रहीं स्थायी एएनएम भी नई पद्धति से प्रसव कराने में पारंगत नहीं हैं। विभाग की डिलेवरी रिपोर्ट पर नजर डालें तो स्थिति खुद व खुद उजागर हो जाएगी। 12 उपकेंद्रों में तो प्रसव कार्य जीरो है, वहीं 14 सेंटरों पर सिर्फ एक-एक ही प्रसव हुए हैं।

गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही संस्थागत प्रसव की सुविधा दिलाने के लिए जिले में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अतिरिक्त 81 उप स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं।

इन सभी उपकेंद्रों में एएनएम को तैनात करके प्रसव की सुविधा दिलाने का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाएं संस्थागत प्रसव को प्रेरित हों।

उन्हें अपने गांव में ही बेहतर चिकित्सीय सेवाएं मिल जाएं, उन्हें रात या खराब मौसम के समय शहर की ओर न भागना पड़े। जिले में एएनएम की कुल 328 पद स्वीकृत हैं लेकिन लक्ष्य पदों के सापेक्ष 231 की तैनाती हैं।

इनमें 193 स्थायी व 38 संविदा पर तैनात हैं। संविदा में 79 पद स्वीकृत हैं इसी तरह स्थायी एएनएम के 249 पद स्वीकृत हैं।

बीते दो वर्ष की तुलना की जाए तो वर्ष 2014-15 में जून माह तक ग्रामीण क्षेत्र के प्रसव केंद्रों में 687 प्रसव कराए गए। वहीं चालू वर्ष के जून माह तक 504 प्रसव हुए हैं।

इसके पीछे देखा जाए तो ज्यादातर एएनएम गांवों के प्रसव केंद्रों पर निवास नहीं कर रहीं हैं। साथ ही प्रसव सेंटरों पर रहने की व्यवस्था भी नहीं है। वहीं गांव से दूर सेंटर भवन होने से रात में रुकने से डरतीं हैं।

कुल मिलाकर पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में झलोखर गांव स्थित प्रसव सेंटर में दो साल में एक भी प्रसव नहीं हुआ है।

मुख्य चिकित्साधिकारी श्रीराम सोनी ने कहा कि जिन स्थानों पर कम प्रसव हो रहे हैं वहां की एएनएम सक्रिय नहीं हैं। ऐसी एएनएम को प्रेरित किया जा रहा है।

कुछ प्रसव केंद्र गांव से बाहर बने हैं लेकिन उसके लिए वह क्या कर सकते हैं। सीएचसी/पीएचसी के डिमांड लेकर एएनएम को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रयास करेंगे कि प्रसव के लिए गर्भवती को शहर न आना पड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed