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भगवान ओंकारेश्वर की पालकी निकाली
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Tue, 25 Aug 2015 12:05 AM IST
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सावन के आखिरी सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक के
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लिए भीड़ उमड़ी। वहीं कसबे में भगवान ओंकारेश्वर की भव्य पालकी शोभा यात्रा
निकाली गई। बाद में भंडारे में लोगों ने प्रसाद छका।
सोमवार को भटियाना मोहल्ला निवासी परतोष महाराज के घर से भगवान ओंकारेश्वर की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। पालकी पर भगवान शिव की फूलों से सजी प्रतिमा रखी हुई थी। कहार पालकी को लेकर चल रहे थे।
पालकी यात्रा खुशीपुरा, भटियाना, चौबटटा, स्टेट बैंक चौराहा, पडाव, कोटबाजार, दीवानपुरा, उरई बस स्टैंड़ से होकर वापस पहुंची। यात्रा में सबसे आगे हाथी, घोडे़ और स्वांग तमाशे चल रहे थे।
यात्रा के दौरान नवयुवक डीजे की धुन पर थिरक रहे थे। पालकी यात्रा में नगर के लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। जगह-जगह आस्थावानों ने पालकी में विराजमान भगवान औंकरेश्वर की पूजा अर्चना की।
वहीं शिवालयों में सारा दिन बम बम भोले की गूंज रही। ब्रह्म बेला में ही भक्तों का शिवालयों में जलाभिषेक और बेल पत्र चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया।
सावन का आखिरी सोमवार होने के कारण शिव भक्तों की सबसे ज्यादा भीड़ ऐतिहासिक चौपरेश्वर मंदिर में उमड़ी। महिलाओं और कुंवारी कन्याओं ने शिवलिंग की पूजा अर्चना कर मनौती मांगी।
कहा जाता है कि इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग की स्थापना राजा विराट की पुत्री उत्तरा ने की थी। तब से इस मंदिर का विशेष महत्व है। मंदिरों में पूजा अर्चना का दौर देर रात तक चलता रहा।
सोमवार को भटियाना मोहल्ला निवासी परतोष महाराज के घर से भगवान ओंकारेश्वर की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। पालकी पर भगवान शिव की फूलों से सजी प्रतिमा रखी हुई थी। कहार पालकी को लेकर चल रहे थे।
पालकी यात्रा खुशीपुरा, भटियाना, चौबटटा, स्टेट बैंक चौराहा, पडाव, कोटबाजार, दीवानपुरा, उरई बस स्टैंड़ से होकर वापस पहुंची। यात्रा में सबसे आगे हाथी, घोडे़ और स्वांग तमाशे चल रहे थे।
यात्रा के दौरान नवयुवक डीजे की धुन पर थिरक रहे थे। पालकी यात्रा में नगर के लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। जगह-जगह आस्थावानों ने पालकी में विराजमान भगवान औंकरेश्वर की पूजा अर्चना की।
वहीं शिवालयों में सारा दिन बम बम भोले की गूंज रही। ब्रह्म बेला में ही भक्तों का शिवालयों में जलाभिषेक और बेल पत्र चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया।
सावन का आखिरी सोमवार होने के कारण शिव भक्तों की सबसे ज्यादा भीड़ ऐतिहासिक चौपरेश्वर मंदिर में उमड़ी। महिलाओं और कुंवारी कन्याओं ने शिवलिंग की पूजा अर्चना कर मनौती मांगी।
कहा जाता है कि इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग की स्थापना राजा विराट की पुत्री उत्तरा ने की थी। तब से इस मंदिर का विशेष महत्व है। मंदिरों में पूजा अर्चना का दौर देर रात तक चलता रहा।