{"_id":"5797a6ab4f1c1b890221edf9","slug":"in-the-current-form-of-the-death-of-a-worker","type":"story","status":"publish","title_hn":"करंट से मजदूर की मौत ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
करंट से मजदूर की मौत
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:36 PM IST
विज्ञापन
मृतक के परिजनों से जानकारी लेते सीओ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौदहा कोतवाली क्षेत्र के रमना गांव के निकट राठ मार्ग स्थित एक फार्म हाउस में करंट लगने से मौत हो गई। एकत्र ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। सूचना पाकर पहुंचे क्षेत्राधिकारी उमरदराज खां मृतक के परिजनों से जानकारी लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
विज्ञापन
राठ मार्ग में कस्बा निवासी पोपट गुप्ता का फार्म हाउस है। जिसमें चकदाहा गांव के गड़रिया खेड़ा निवासी बब्बू (45) पुत्र भूरा कुशवाहा लंबे समय से मजदूरी कर रहा था। मंगलवार को हुई घटना के संबंध में बब्बू के पिता भूरा, पत्नी देवरती व पुत्र गोविंदा ने सीओ उमरदराज खां को बताया कि सुबह फार्म हाउस के मालिक के पुत्र व नाती बाइक से बिजली खराब होने पर बिगहना गांव निवासी पावर कारपोरेशन के संविदा कर्मी इलियास को लेकर आए।
विज्ञापन
जब वह बिजली की लाइन ठीक कर रहा था तो तार बब्बू को पकड़ा दिया। अंदर टीनशेड में कहीं अर्थ मिलने से उस तार में करंट उतर आया और उसकी चपेट में आने से बब्बू की मौत हो गई। ग्रामीणों का रोष बिजली संविदा कर्मी पर था। लेकिन पता चला कि वह फार्म हाउस की टीनशेड के ऊपर था और बिजली कर्मी ने लाइन की केबिल ठीक करने के लिए शटडाउन लिया था। शटडाउन वापस कर दिया गया।
विज्ञापन
अंदर टीनशेड में कहीं अर्थ मिलने से करंट उतर आया और उसकी चपेट में आने से बब्बू की मौत हो गई। पावर कारपोरेशन के अवर अभियंता मनोज सोनी ने बताया कि फार्म हाउस की बिजली पोल से खराब थी। जिस पर संविदा कर्मी इलियास को फार्म हाउस के मालिकों ने बुलाया था। उसने सुबह 7:27 बजे बाकायदा शटडाउन लिया और यह लाइन ठीक करने के बाद तुरंत 7:33 बजे शटडाउन वापस कर दिया, जिससे लाइन चालू हो गई।
उन्होंने कहा कि करंट से मौत की घटना से बिजली विभाग व कर्मी की कोई गलती नहीं है। टीन में करंट आने की जानकारी न तो कर्मी को थी और न किसी अन्य को। बब्बू अपने पांच पुत्रों व चार लड़कियां की परवरिश मजदूरी के सहारे ही करता था, उनका रो-रोकर बुरा हाल है। हालांकि फार्म हाउस मालिक ने परिजनों को सहयोग का आश्वासन दिया है।