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शिकारी कर रहे विदेशी पक्षियों का शिकार
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Mon, 02 Jan 2017 10:54 PM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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हर साल की तरह सर्दियों में इस साल भी मौदहा बांध पर बड़ी संख्या में विदेशी पक्षियों ने डेरा डाला है। लेकिन, अब इन पक्षियों की जान सांसत में है। मौदहा बांध पर शिकारी धड़ल्ले से इन मेहमान विदेशी पक्षियों का शिकार कर रहे हैं। वहीं, वन विभाग के अधिकारी भी सब कुछ देखते हुए आंखें मूंदे बैठे हैं। सर्दी शुरू होते हुए क्षेत्र के मौदहा बांध पर हजारों विदेशी
साइबेरियन लाल सार आदि पक्षी डेरा डाल लेते हैं। करीब तीन महीने रहने के बाद जैसे ही गर्मी पड़ने लगती है यह विदेशी पक्षी अपने वतन लौट जाते हैं। लेकिन, अब पक्षियों का शिकार करने वाले शिकारियों के कारण इन पक्षियों की जान की शामत आ गई है। शिकारी मौदहा बांध के किनारे जाल बांध देते हैं। जब यह पक्षी किलौल करते हुए यहां-वहां दौड़ते हैं
तो जाल में फंस जाते हैं। मौदहा बांध के किनारे बहगांव, बरदा, छानी, जखेड़ी, सरसैड़ा, छिरावल गांव के कई शिकारी हर रोज सैकड़ों की तादाद में विदेशी पक्षियों का शिकार कर रहे हैं। इन विदेशी पक्षियों को खाने के शौकीन इन पक्षियों को मंहगे दामों पर खरीदते हैं। वन विभाग के अधिकारी यह सब देखते हुए सोए हुए हैं। वन कर्मियों ने अभी तक एक भी शिकारी
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को नहीं पकड़ा। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी संजय शर्मा का कहना है कि विदेशी पक्षियों के शिकार की उन्हें जानकारी नहीं है। यदि कोई पकड़ा जाता है कि उसके विरुद्ध वन जीव अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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साइबेरियन लाल सार आदि पक्षी डेरा डाल लेते हैं। करीब तीन महीने रहने के बाद जैसे ही गर्मी पड़ने लगती है यह विदेशी पक्षी अपने वतन लौट जाते हैं। लेकिन, अब पक्षियों का शिकार करने वाले शिकारियों के कारण इन पक्षियों की जान की शामत आ गई है। शिकारी मौदहा बांध के किनारे जाल बांध देते हैं। जब यह पक्षी किलौल करते हुए यहां-वहां दौड़ते हैं
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तो जाल में फंस जाते हैं। मौदहा बांध के किनारे बहगांव, बरदा, छानी, जखेड़ी, सरसैड़ा, छिरावल गांव के कई शिकारी हर रोज सैकड़ों की तादाद में विदेशी पक्षियों का शिकार कर रहे हैं। इन विदेशी पक्षियों को खाने के शौकीन इन पक्षियों को मंहगे दामों पर खरीदते हैं। वन विभाग के अधिकारी यह सब देखते हुए सोए हुए हैं। वन कर्मियों ने अभी तक एक भी शिकारी
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को नहीं पकड़ा। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी संजय शर्मा का कहना है कि विदेशी पक्षियों के शिकार की उन्हें जानकारी नहीं है। यदि कोई पकड़ा जाता है कि उसके विरुद्ध वन जीव अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।