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बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर गोद लेंगे स्कूल
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Tue, 02 Jun 2015 11:07 PM IST
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परिषदीय स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता लाने के प्रयास सफल नहीं हो रहे है।
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इसे देखते हुए प्रत्येक खंड शिक्षाधिकारी एक-एक गांव गोद लेंगे। ताकि
संबंधित स्कूल में पंजीकृत बच्चों क ो पहुंचने के लिए प्रेरित किया जा सके।
वहीं प्रत्येक ब्लॉक में दो ऐसे टीचरों को चिह्नित किया जाएगा, जो मेहनत
से बच्चों को पढ़ाते हैं उन्हें सम्मानित किया जाएगा। ताकि अन्य टीचरों में
अच्छा संदेश जा सके।
जिले में 1177 परिषदीय स्कूल हैं। लेकिन ज्यादातर स्कूलों में पठन-पाठन भगवान भरोसे है। यही कारण है कि अभिभावक इन सरकारी स्कूलों में बच्चों का दाखिला नहीं करा रहे हैं। इस मामले में जिलाधिकारी ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है।
डीएम ने बेसिक शिक्षा के खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी ब्लॉकों में दो-दो ऐसे टीचर चिह्नित किए जाएं। जो वास्तव में शिक्षण कार्य करने में रुचि रखते हैं और बच्चों को मेहनत से पढ़ाते हैं।
ऐसे टीचरों को सम्मानित किया जाए ताकि अन्य टीचरों में इस बात का अच्छा संदेश जाए। साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि टीचर अपने आप में सुधार नहीं लाते है तो ऐसे टीचरों को चिह्नित कर उनकी स्थाई वेतन वृद्धि रोकी जाए।
निर्देशों में कहा कि सभी खंडशिक्षाधिकारी अपने क्षेत्र के किसी एक गांव को गोद लें। संबंधित विद्यालय में यह देखें कि पंजीकृत सभी बच्चे स्कूल आ रहे हैं या नहीं। जो स्कूल नहीं आते उनके अभिभावकों से मिलें और उन्हें बच्चों कोे स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें।
बीएसए डा. रामचंद्र ने कहा स्कूलों में शिक्षा में गुणवत्ता के प्रयास तेज हैं। इसके लिए खंड शिक्षाधिकारियों को डीएम के निर्देश पर एक-एक गांव गोद लेने को कहा है। इसके लिए पत्र भी जारी कर दिया है। स्कूलों में पानी की समस्या पर 119 हैंडपंपों को रिबोर की सूची जलनिगम को भेजी है। साथ ही अक्रियाशील व नए शौचालयों के निर्माण को समय से पूरा कराया जा रहा है।
जिले में 1177 परिषदीय स्कूल हैं। लेकिन ज्यादातर स्कूलों में पठन-पाठन भगवान भरोसे है। यही कारण है कि अभिभावक इन सरकारी स्कूलों में बच्चों का दाखिला नहीं करा रहे हैं। इस मामले में जिलाधिकारी ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है।
डीएम ने बेसिक शिक्षा के खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी ब्लॉकों में दो-दो ऐसे टीचर चिह्नित किए जाएं। जो वास्तव में शिक्षण कार्य करने में रुचि रखते हैं और बच्चों को मेहनत से पढ़ाते हैं।
ऐसे टीचरों को सम्मानित किया जाए ताकि अन्य टीचरों में इस बात का अच्छा संदेश जाए। साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि टीचर अपने आप में सुधार नहीं लाते है तो ऐसे टीचरों को चिह्नित कर उनकी स्थाई वेतन वृद्धि रोकी जाए।
निर्देशों में कहा कि सभी खंडशिक्षाधिकारी अपने क्षेत्र के किसी एक गांव को गोद लें। संबंधित विद्यालय में यह देखें कि पंजीकृत सभी बच्चे स्कूल आ रहे हैं या नहीं। जो स्कूल नहीं आते उनके अभिभावकों से मिलें और उन्हें बच्चों कोे स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें।
बीएसए डा. रामचंद्र ने कहा स्कूलों में शिक्षा में गुणवत्ता के प्रयास तेज हैं। इसके लिए खंड शिक्षाधिकारियों को डीएम के निर्देश पर एक-एक गांव गोद लेने को कहा है। इसके लिए पत्र भी जारी कर दिया है। स्कूलों में पानी की समस्या पर 119 हैंडपंपों को रिबोर की सूची जलनिगम को भेजी है। साथ ही अक्रियाशील व नए शौचालयों के निर्माण को समय से पूरा कराया जा रहा है।