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...और पलट दी अधिशासी अभियंता की मेज
अमर उजाला ब्यूरो हमीरपुर
Updated Wed, 19 Aug 2015 11:58 PM IST
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अघोषित विद्युत कटौती के विरोध में बुधवार को डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। अधिवक्तागण पावर हाउस स्थिति अधिशासी अभियंता कार्यालय में जा घुसे और वहां रखी कुर्सियों और मेज आदि को पलटना शुरू कर दिया। हंगामे से डरे विभागीय कर्मचारी सीट छोड़ भाग निकले। विभाग पूरी तरह खाली हो गया।
इसके बाद अधिवक्ता यहां से बस स्टैंड की ओर रवाना हुए जहां उन्होंने जाम लगा दिया। घंटों तक यहां धरना प्रदर्शन जारी रहा। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर रोस्टर बदलवाने का आश्वासन दिया। तब जाकर अधिवक्ताओं ने जाम खोला।
बिजली की अघोषित कटौती व नए रोस्टर से लोगों का जीना मुहाल है। शाम की कटौती से घराें में अंधेरा छाया रहता है। साथ ही व्यापार भी प्रभावित होता है। वहीं छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। पेयजल की समस्या भी खड़ी हो गई है। अराजक तत्व भी सक्रिय हैं। इन समस्याओं को देखते हुए लोगों में विद्युत विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है।
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बुधवार को डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश सिंह गौतम की अगुवाई में बड़ी संख्या में अधिवक्ता पावर हाउस पहुंचे। वहां विरोध प्रदर्शन करते हुए वे अधिशासी अभियंता कार्यालय में जा घुसे जहां उन्हें अधिशासी अभियंता नहीं मिले। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने कार्यालय में पड़ी कुर्सियां व मेजों को पलटना शुरू कर दिया।
इस दौरान अधिवक्ता विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी करने लगे। यहां से अधिवक्ता बस स्टैड पहुंचे जहां सड़क जाम कर दिया। यही अधिवक्तागण धरना प्रदर्शन करने लगे। इसी बीच मीटर जेई नरेंद्र कुमार जैसे ही बस स्टैंड से गुजरे, अधिवक्ताओं ने उन्हें वहीं घेर लिया और धरने पर बैठा लिया। अधिवक्ताओं की मांग थी कि जब तक पावर कॉरपोरेशन के उच्चाधिकारी मौके पर आकर उन्हें रोस्टर बदलने व अघोषित बिजली की समस्या को दूर करने का आश्वासन नहीं देते, जाम व धरना जारी रहेगा।
इसकी सूचना पर अपर जिलाधिकारी कुंजबिहारी अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं को समझाने बुझाने का प्रयास किया लेकिन वह अपनी बात पर अड़े रहे। बाद में बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बैठकर समस्या पर वार्ता किए जाने का आश्वासन दिया। तब जाकर अधिवक्ताओं ने जाम खोला।
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इसके बाद अधिवक्ता यहां से बस स्टैंड की ओर रवाना हुए जहां उन्होंने जाम लगा दिया। घंटों तक यहां धरना प्रदर्शन जारी रहा। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर रोस्टर बदलवाने का आश्वासन दिया। तब जाकर अधिवक्ताओं ने जाम खोला।
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बिजली की अघोषित कटौती व नए रोस्टर से लोगों का जीना मुहाल है। शाम की कटौती से घराें में अंधेरा छाया रहता है। साथ ही व्यापार भी प्रभावित होता है। वहीं छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। पेयजल की समस्या भी खड़ी हो गई है। अराजक तत्व भी सक्रिय हैं। इन समस्याओं को देखते हुए लोगों में विद्युत विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है।
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बुधवार को डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश सिंह गौतम की अगुवाई में बड़ी संख्या में अधिवक्ता पावर हाउस पहुंचे। वहां विरोध प्रदर्शन करते हुए वे अधिशासी अभियंता कार्यालय में जा घुसे जहां उन्हें अधिशासी अभियंता नहीं मिले। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने कार्यालय में पड़ी कुर्सियां व मेजों को पलटना शुरू कर दिया।
इस दौरान अधिवक्ता विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी करने लगे। यहां से अधिवक्ता बस स्टैड पहुंचे जहां सड़क जाम कर दिया। यही अधिवक्तागण धरना प्रदर्शन करने लगे। इसी बीच मीटर जेई नरेंद्र कुमार जैसे ही बस स्टैंड से गुजरे, अधिवक्ताओं ने उन्हें वहीं घेर लिया और धरने पर बैठा लिया। अधिवक्ताओं की मांग थी कि जब तक पावर कॉरपोरेशन के उच्चाधिकारी मौके पर आकर उन्हें रोस्टर बदलने व अघोषित बिजली की समस्या को दूर करने का आश्वासन नहीं देते, जाम व धरना जारी रहेगा।
इसकी सूचना पर अपर जिलाधिकारी कुंजबिहारी अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं को समझाने बुझाने का प्रयास किया लेकिन वह अपनी बात पर अड़े रहे। बाद में बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बैठकर समस्या पर वार्ता किए जाने का आश्वासन दिया। तब जाकर अधिवक्ताओं ने जाम खोला।