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लखनऊ एसटीएफ ने जेल प्रकरण की जांच शुरू की
Updated Mon, 25 Jun 2018 11:16 PM IST
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हमीरपुर। जिला कारागार में बालाओं के डांस व जेल अधीक्षक के कक्ष में पांच बंदियों की बेल्टों से पिटाई के मामले की जांच करने सोमवार को एसटीएफ लखनऊ की टीम आई। एसटीएफ के डिप्टी एसपी व एक निरीक्षक ने तीन घंटे रुककर प्रकरण की जांच की। जांच के दौरान निलंबित जेल अधीक्षक हरिबख्श सिंह भी मौजूद रहे।
जिला कारागार में बालाओं के डांस करने व पांच बंदियों की पिटाई का वीडियो 11 जून को वायरल हुआ था। जिस पर जेल डीआईजी इलाहाबाद बीआर वर्मा ने जांच की थी। वहीं जिलाधिकारी ने भी मामले की जांच सदर एसडीएम राहुल यादव से कराकर जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
जिस पर शासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जेल अधीक्षक हरिबख्श सिंह व जेल के चिकित्सक डा. विक्रम सिंह को निलंबित कर वायरल वीडियो प्रकरण की जांच एसटीएफ से कराने का निर्णय लिया था। अभी यहां नए जेल अधीक्षक की तैनाती नहीं हुई है। एडीएम कुंजबिहारी अग्रवाल को जेल अधीक्षक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
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सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे एसटीएफ लखनऊ के डिप्टी एसपी ऋषिकेश यादव अपने साथ निरीक्षक व सुरक्षा गार्ड के साथ जिला कारागार पहुंचे। तीन घंटे की जांच के बाद एसटीएफ टीम जब कारागार के गेट से बाहर निकली तब उनसे मीडिया कर्मियों ने बात करने की कोशिश की।
मगर उन्होंने मीडिया से बात करने से मना कर दिया और वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए। जिला कारागार में जांच करने के बाद टीम जेल अधीक्षक के आवास के सामने रुक गई। तभी निलंबित जेल अधीक्षक अपने आवास से निकल गाड़ी की ओर बढ़े और एसटीएफ को उन्होंने कुछ अभिलेख उपलब्ध कराए।
एसटीएफ ने बंदियों के दर्ज किए बयान
सूत्रों की मानें तो एसटीएफ टीम ने जेल के अंदर उन बंदियों के बयान लिए जिनके वीडियो फुटेज वायरल हुए थे। इसके साथ ही बार बालाओं के वायरल वीडियो के फुटेज को भी एसटीएफ ने जेल में निरुद्घ बंदियों के चेहरों से मिलान किए।
मुकदमे की जांच कर रहे सीओ सदर
जेल डीआईजी इलाहाबाद की ओर से पिछले 15 जून को कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट करने व आईटीएक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मुकदमे की जांच सदर सीओ रजनीश उपाध्याय कर रहे हैं। सीओ ने बताया जांच गोपनीय है। जांच पूरी होने पर रिपोर्ट एसपी को दी जाएगी।
जिला कारागार में बालाओं के डांस व बंदियों की पिटाई का मामला
15 दिन पहले वायरल हुआ था वीडियो, निलंबित जेल अधीक्षक भी मौजूद रहे
अमर उजाला ब्यूरो
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जिला कारागार में बालाओं के डांस करने व पांच बंदियों की पिटाई का वीडियो 11 जून को वायरल हुआ था। जिस पर जेल डीआईजी इलाहाबाद बीआर वर्मा ने जांच की थी। वहीं जिलाधिकारी ने भी मामले की जांच सदर एसडीएम राहुल यादव से कराकर जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
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जिस पर शासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जेल अधीक्षक हरिबख्श सिंह व जेल के चिकित्सक डा. विक्रम सिंह को निलंबित कर वायरल वीडियो प्रकरण की जांच एसटीएफ से कराने का निर्णय लिया था। अभी यहां नए जेल अधीक्षक की तैनाती नहीं हुई है। एडीएम कुंजबिहारी अग्रवाल को जेल अधीक्षक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
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सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे एसटीएफ लखनऊ के डिप्टी एसपी ऋषिकेश यादव अपने साथ निरीक्षक व सुरक्षा गार्ड के साथ जिला कारागार पहुंचे। तीन घंटे की जांच के बाद एसटीएफ टीम जब कारागार के गेट से बाहर निकली तब उनसे मीडिया कर्मियों ने बात करने की कोशिश की।
मगर उन्होंने मीडिया से बात करने से मना कर दिया और वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए। जिला कारागार में जांच करने के बाद टीम जेल अधीक्षक के आवास के सामने रुक गई। तभी निलंबित जेल अधीक्षक अपने आवास से निकल गाड़ी की ओर बढ़े और एसटीएफ को उन्होंने कुछ अभिलेख उपलब्ध कराए।
एसटीएफ ने बंदियों के दर्ज किए बयान
सूत्रों की मानें तो एसटीएफ टीम ने जेल के अंदर उन बंदियों के बयान लिए जिनके वीडियो फुटेज वायरल हुए थे। इसके साथ ही बार बालाओं के वायरल वीडियो के फुटेज को भी एसटीएफ ने जेल में निरुद्घ बंदियों के चेहरों से मिलान किए।
मुकदमे की जांच कर रहे सीओ सदर
जेल डीआईजी इलाहाबाद की ओर से पिछले 15 जून को कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट करने व आईटीएक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मुकदमे की जांच सदर सीओ रजनीश उपाध्याय कर रहे हैं। सीओ ने बताया जांच गोपनीय है। जांच पूरी होने पर रिपोर्ट एसपी को दी जाएगी।
जिला कारागार में बालाओं के डांस व बंदियों की पिटाई का मामला
15 दिन पहले वायरल हुआ था वीडियो, निलंबित जेल अधीक्षक भी मौजूद रहे
अमर उजाला ब्यूरो