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युवती के नाबालिग होने का प्रमाण पत्र निकला फर्जी 18-00-33
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:31 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। अदालत में विचाराधीन प्रेमी के साथ गई युवती के मामले में दो आयु प्रमाणपत्र होने की जांच कराई गई। खंड शिक्षाधिकारी से प्रमाणपत्रों की कराई गई जांच में विवेचक की ओर से अदालत में पेश किया गया प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया। लड़की के बालिग होने वाला प्रमाणपत्र सत्य साबित हुआ।
इसके आधार पर आरोपी को अदालत ने पिछली तारीख में ही जमानत दे दी। युवक ने युवती को साथ रखने के प्रार्थना पत्र अदालत में दिया है। इस पर सुनवाई के लिए अदालत ने 20 जुलाई को उसके मां-बाप को भी तलब किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता देव सिंह यादव ने बताया कि जरिया थानाक्षेत्र के एक गांव की लड़की को भगाकर ले जाने के मामले में गांव के ही भागीरथ उर्फ भग्गू के खिलाफ लड़की के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ दिनों बाद पकड़े जाने पर लड़की ने न्यायालय में दिए बयान में बताया कि वह मर्जी से प्रेमी के साथ गई थी और शादी रचाई है।
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लड़की के पिता ने दर्ज कराई रिपोर्ट में उसकी उम्र 16 वर्ष दिखाई। मामले की विवेचना कर रहे एसआई रावेंद्र कुमार ने केस डायरी में गोहांड विकास खंड क्षेत्र के किसान मजदूर पूर्व माध्यमिक विद्यालय से जारी आयु प्रमाण पत्र संलग्न किया। इसमें उसकी आयु 13 वर्ष बताई गई।
आरोपी पक्ष के अधिवक्ता राजकुमार सिंह ने गांव के ही प्राथमिक विद्यालय का प्रमाणपत्र अदालत में संलग्न किया। इसमें लड़की की आयु 18 वर्ष छह माह पाई गई। आयु से संबंधित अलग-अलग दो प्रमाणपत्रों पर अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक सैय्यद वाइज मियां ने खंड शिक्षा अधिकारी गोहांड को जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए।
खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा ने जांच में किसान मजदूर पूर्व माध्यमिक विद्यालय से जारी प्रमाणपत्र को फर्जी पाया। इसकी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की। लड़की के बालिग पाए जाने पर आरोपी भागीरथ को कोर्ट से 28 जून को जमानत मिल गई, जबकि युवती नारी निकेतन में रह रही है। जमानत के बाद भागीरथ ने कोर्ट में उसे अपने साथ रखने का प्रार्थना पत्र दिया है। इस पर शनिवार को सुनवाई होगी।
अदालत ने युवती के मां-बाप को तलब किया है। अधिवक्ता राजकुमार सिंह ने बताया कि दोनों ने घर से भागने के बाद 15 नवंबर 2016 को अहमदाबाद में शादी कर ली थी। युवती ने न्यायालय में बयान देकर भी अपनी मर्जी से युवक के साथ जाने व शादी करने की बात कही थी। बताया कि प्रमाण पत्रों के आधार पर युवती के बालिग होने का सबूत भी न्यायालय में दे दिया गया है। अब न्यायालय से आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
-खंड शिक्षाधिकारी के प्रमाणपत्र में लड़की वयस्क निकली
-नारी निकेतन में बंद युवती के मामले की सुनवाई 20 को
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हमीरपुर। अदालत में विचाराधीन प्रेमी के साथ गई युवती के मामले में दो आयु प्रमाणपत्र होने की जांच कराई गई। खंड शिक्षाधिकारी से प्रमाणपत्रों की कराई गई जांच में विवेचक की ओर से अदालत में पेश किया गया प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया। लड़की के बालिग होने वाला प्रमाणपत्र सत्य साबित हुआ।
इसके आधार पर आरोपी को अदालत ने पिछली तारीख में ही जमानत दे दी। युवक ने युवती को साथ रखने के प्रार्थना पत्र अदालत में दिया है। इस पर सुनवाई के लिए अदालत ने 20 जुलाई को उसके मां-बाप को भी तलब किया है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता देव सिंह यादव ने बताया कि जरिया थानाक्षेत्र के एक गांव की लड़की को भगाकर ले जाने के मामले में गांव के ही भागीरथ उर्फ भग्गू के खिलाफ लड़की के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ दिनों बाद पकड़े जाने पर लड़की ने न्यायालय में दिए बयान में बताया कि वह मर्जी से प्रेमी के साथ गई थी और शादी रचाई है।
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लड़की के पिता ने दर्ज कराई रिपोर्ट में उसकी उम्र 16 वर्ष दिखाई। मामले की विवेचना कर रहे एसआई रावेंद्र कुमार ने केस डायरी में गोहांड विकास खंड क्षेत्र के किसान मजदूर पूर्व माध्यमिक विद्यालय से जारी आयु प्रमाण पत्र संलग्न किया। इसमें उसकी आयु 13 वर्ष बताई गई।
आरोपी पक्ष के अधिवक्ता राजकुमार सिंह ने गांव के ही प्राथमिक विद्यालय का प्रमाणपत्र अदालत में संलग्न किया। इसमें लड़की की आयु 18 वर्ष छह माह पाई गई। आयु से संबंधित अलग-अलग दो प्रमाणपत्रों पर अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक सैय्यद वाइज मियां ने खंड शिक्षा अधिकारी गोहांड को जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए।
खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा ने जांच में किसान मजदूर पूर्व माध्यमिक विद्यालय से जारी प्रमाणपत्र को फर्जी पाया। इसकी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की। लड़की के बालिग पाए जाने पर आरोपी भागीरथ को कोर्ट से 28 जून को जमानत मिल गई, जबकि युवती नारी निकेतन में रह रही है। जमानत के बाद भागीरथ ने कोर्ट में उसे अपने साथ रखने का प्रार्थना पत्र दिया है। इस पर शनिवार को सुनवाई होगी।
अदालत ने युवती के मां-बाप को तलब किया है। अधिवक्ता राजकुमार सिंह ने बताया कि दोनों ने घर से भागने के बाद 15 नवंबर 2016 को अहमदाबाद में शादी कर ली थी। युवती ने न्यायालय में बयान देकर भी अपनी मर्जी से युवक के साथ जाने व शादी करने की बात कही थी। बताया कि प्रमाण पत्रों के आधार पर युवती के बालिग होने का सबूत भी न्यायालय में दे दिया गया है। अब न्यायालय से आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
-खंड शिक्षाधिकारी के प्रमाणपत्र में लड़की वयस्क निकली
-नारी निकेतन में बंद युवती के मामले की सुनवाई 20 को