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कर्जदार 18 किसानों की ट्रैक्टर नीलामी निरस्त

Fri, 17 Apr 2015 12:24 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर Updated Fri, 17 Apr 2015 12:24 AM IST
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18 debtor farmers tractor auction canceled
बुंदेलखंड के 18 कर्जदार किसानों के ट्रैक्टरों की ऑनलाइन हुई नीलामी
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निरस्त कर दी गई है। एसबीआई के इलाहाबाद स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने जिले की अधीनस्त शाखा को पत्र जारी कर नीलामी निरस्त होने की सूचना दी। अब कर्जदार इन 18 किसानों के ट्रैक्टर वापस मिल सकेंगे। इसके साथ ही अमर उजाला की मुहिम रंग लाई और कर्जदार किसानों ने राहत की सांस ली।

किसानों से कर्ज वसूली में सख्ती न करने के केंद्र और राज्य सरकारों के फरमान की बुंदेलखंड में खुली धज्जियां उड़ाते हुए भारतीय स्टेट बैंक ने 13 अप्रैल को 18 कर्जदार किसानों के ट्रैक्टरों की ऑनलाइन नीलामी कर दी थी। फसल बर्बादी के सदमे में मौत के शिकार हो रहे किसानों के हित में अमर उजाला ने पूरे प्रकरण को प्रमुखता से प्रकाशित किया।

सिर्फ हमीरपुर के 16 कर्जदार किसानों पर गिरी गाज की खबरों को केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और जिलाधिकारी संध्या तिवारी को पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया। डीएम ने कमिश्नर से हस्ताक्षेप करने को पत्राचार किया तो केंद्रीय राज्यमंत्री ने अग्रणी बैंक के जिला प्रबंधक को निर्देशित किया।

गुरुवार को अग्रणी बैंक मैनेजर ने एसबीआई के इलाहाबाद स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से पत्राचार किया। फिर इलाहाबाद से मिले निर्देशों के मुताबिक एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेंद्र कुमार वर्मा ने ट्रैक्टरों की हुई नीलामी निरस्त कर दी।
बुंदेलखंड में मची तबाही के बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने किसानों का किसी भी तरह का उत्पीड़न न किए जाने की घोषणा की थी। प्रदेश सरकार ने आरसी, रिकवरी, नीलामी आदि पर सख्ती से रोक लगा रखी है।

बावजूद इसके स्टेट बैंक ने अपने सरफेसी अधिनियम 2002 का हवाला देकर पहले 12 मार्च को नोटिस प्रकाशित किया और फिर 13 अप्रैल को 18 कर्जदार किसानों के ट्रैक्टर नीलाम कर दिए। यहां तक की नीलामी इतनी हाईटेक हुई कि इंटरनेट के जरिए लोगों ने बोली लगाई। बैंक ने इन किसानों पर लगभग 70 लाख रुपया बकाया सहित ब्याज व अन्य खर्च होना बताया। नीलाम किए गए ट्रैक्टर बैंक के फ्रैंचाइजी ने किसानों से पहले ही खींच लिए थे।

अमर उजाला ने 18 कर्जदार किसानों के ट्रैक्टर नीलाम करने की खबर बीते 14 अप्रैल को प्रमुखता से प्रकाशित की। खबर के जरिए ही किसान यह जान पाए कि उनके ट्रैक्टर नीलाम हो चुके हैं। किसान संगठनों के साथ जनप्रतिनिधि सरकार व प्रशासन तथा बैंक को घेरने लगे। चारों तरफ फसल बर्बादी पर किसानों के  साथ हुई इस कार्रवाई की लोगों ने भर्र्त्सना की। जिलाधिकारी ने बीते 14 अप्रैल को ट्रैक्टरों की नीलामी पर अग्रणी बैंक प्रबंधक एसके साहू से रिपोर्ट ली।

इसके बाद ट्रैक्टरों की जोनल कार्यालय से ई-नीलामी के मामले में मंडलायुक्त को पत्र भेजा। पत्र में कहा है कि नीलामी किए जाने से किसानों में रोष उत्पन्न है। साथ ही कानून व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने मंडलायुक्त से प्रश्नगत नीलामी पर रोक लगाए जाने के लिए संबंधित बैंक को निर्देश देने की बात कही।

वहीं मुख्यालय आईं केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने किसानों के ट्रैक्टर नीलामी के मामले में एलडीएम को सर्किट हाउस में बुलाकर सख्त निर्देश दिए कि जब सरकार ने किसानों की वसूली व उत्पीड़न करने पर रोक लगा रखी है तो किसानों के ट्रैक्टर क्यों नीलाम किए जा रहे हैं।

इसे तत्काल रोका जाए। फिलहाल केंद्रीय मंत्री और जिलाधिकारी के द्वारा किए गए प्रयास सार्थक साबित हुए। एलडीएम ने बताया कि देर शाम स्टेट बैंक के इलाहाबाद स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से पत्र आया है। इसमें ट्रैक्टरों की हुई नीलामी प्रक्रिया को पूर्णतया निरस्त कर दिया है।

साथ ही अपने अधीनस्त समस्त शाखाओं को प्रशासन के निर्देशों से अवगत कराते हुए वसूली से संबंधित कोई भी कार्रवाई न करने को निर्देश कर दिया है। इस संबंध में चित्रकूटधाम मंडल आयुक्त, तीन जनपदों के जिलाधिकारियों सहित अपने उच्चाधिकारियों को भी सूचित कर दिया है। 
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