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मजिस्ट्रेटी जांच पूरी पर हाथ डालने से कतरा रही पुलिस

Tue, 26 Sep 2017 12:04 AM IST
Updated Tue, 26 Sep 2017 12:04 AM IST
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मजिस्ट्रेटी जांच पूरी पर हाथ डालने से कतरा रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
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हमीरपुर।
नगर परिषद हमीरपुर में वित्तीय अनियमितता की मजिस्ट्रेटी जांच पूरी होने के बावजूद अनियमितता को अंजाम देने वालों को पकड़ने से पुलिस कतरा रही है। पुलिस ने बीते अगस्त माह में उपायुक्त हमीरपुर के आदेश पर नगर परिषद के खिलाफ वित्तीय अनियमितता का मुकदमा दर्ज किया था लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है। नगर परिषद हमीरपुर में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाते हुए शहर के कुछ लोगों ने एसडीएम हमीरपुर को एक शिकायत सौंपी थी। भाजयुमो ने भी नगर परिषद के पार्क में लगाए सजावटी पौधों की खरीद और बिजली तारों की खरीद समेत अन्य विकास कार्यों की शिकायत जिला प्रशासन से की थी। इसके बाद एसडीएम ने नगर परिषद हमीरपुर के कार्यालय में पहुंचकर रिकॉर्ड कब्जे में लिया था। रिकॉर्ड जांचने के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। एसडीएम की फैक्ट फाइडिंग रिपोर्ट में नगर परिषद की खरीदी सामग्री और खरीद-फरोख्त को लेकर अपनाई गई टेंडर प्रक्रिया को लेकर कई आपत्तियां लगाई थीं। जांच के बाद नगर परिषद में खूब हंगामा भी हुआ। नगर परिषद चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की अध्यक्षता में 31 अगस्त को पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम और उपायुक्त हमीरपुर से मिला। हालांकि मामला गंभीर होने पर उपायुक्त ने पुलिस अधीक्षक को मामले में आगामी कार्रवाई के निर्देश दिए। उपायुक्त के आदेशों के बाद पुलिस ने नगर परिषद के खिलाफ मामला दर्ज किया। इस मामले में आगामी कार्रवाई का जिम्मा पुलिस अधीक्षक ने एसएचओ सदर को सौंपा लेकिन अभी तक मामला फाइलों में बंद है। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर रमन कुमार ने कहा कि नगर परिषद के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज है। एसएचओ हमीरपुर को कार्रवाई का जिम्मा दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पर कोई दबाव नहीं है। शीघ्र पुलिस आगामी कार्रवाई करेगी।

भाजपा पार्षदों की बहुलता कार्रवाई में रोड़ा
लोग कयास लगा रहे हैं कि इस मामले में पुलिस यह सोच कर हाथ डालने से कतरा रही है कि नगर परिषद में भाजपा समर्थित पार्षदों की बहुलता है। वहीं विधानसभा चुनावों के बाद अपनी कुर्सी बचाने के लिए अधिकारी कोई कड़ी कार्रवाई नहीं करना चाह रहे। हालांकि, यह भी तथ्य है कि भाजयुमो ने भी इस अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाई है।
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