{"_id":"6ac4f3fce7f4736dcb044d3b","slug":"fraudster-arrested-from-jhansi-for-sending-an-apk-file-under-the-guise-of-the-pm-awas-scheme-which-drained-bank-accounts-immediately-upon-installation-and-for-swindling-rs1-lakh-and-rs96501-in-two-separate-cases-in-kabirdham-kabirdham-news-c-1-1-noi1482-4803819-2026-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीजी: फर्जी एपीके से बैंक खाते खाली करने वाला साइबर ठग झांसी से गिरफ्तार, सरकारी योजनाओं के नाम पर करता था ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीजी: फर्जी एपीके से बैंक खाते खाली करने वाला साइबर ठग झांसी से गिरफ्तार, सरकारी योजनाओं के नाम पर करता था ठगी
Tue, 06 Oct 2026 08:53 PM IST
कबीरधाम ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: कबीरधाम ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2026 08:53 PM IST
सार
आरटीओ लंबित, प्रधानमंत्री आवास योजना और सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी एपीके भेजकर बैंक खाता खाली करने वाले साइबर ठग को कबीरधाम साइबर पुलिस ने झांसी से गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कबीरधाम जिले में आरटीओ चालान, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी एपीके फाइल भेजकर लोगों के बैंक खाते खाली करने वाले एक शातिर साइबर ठग को कबीरधाम साइबर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के झांसी से गिरफ्तार किया है। आरोपी मोबाइल में फर्जी एपीके स्थापित करवाने के बाद बैंकिंग और यूपीआई से जुड़ी जानकारी हासिल कर खातों से रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित कर देता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, दूसरे व्यक्ति के नाम की सिम, बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। मामले में पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
फर्जी एपीके के जरिए खातों से उड़ाए पैसे
साइबर पुलिस के अनुसार, पिछले महीने पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी जानकारी के बिना उनके बैंक खातों से यूपीआई के जरिए रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित कर दी गई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की।
विज्ञापन
जांच में दो अलग-अलग मामलों में 1 लाख रुपये और 96,501 रुपये की साइबर ठगी सामने आई। पीड़ितों के मोबाइल फोन की जांच करने पर दोनों उपकरणों में आरटीओ चालान, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के नाम से भेजी गई फर्जी एपीके फाइल मिली।
पीड़ितों ने जानकारी के अभाव में इन फाइलों को अपने मोबाइल में स्थापित कर लिया था। पुलिस के मुताबिक, इसी के जरिए साइबर ठगों तक बैंकिंग और यूपीआई से संबंधित जानकारी पहुंची और बाद में बैंक खातों से रकम निकाल ली गई।
बैंकिंग जानकारी से झांसी तक पहुंची पुलिस
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने बताया कि मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंकिंग लेन-देन, खातों की जानकारी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर सौरभ कुशवाहा (24 वर्ष) पिता नरेंद्र कुशवाहा, निवासी करेरा, जिला शिवपुरी (मध्यप्रदेश) की पहचान की गई। इसके बाद कबीरधाम साइबर पुलिस की टीम झांसी पहुंची। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने आरोपी को एक किराये के मकान से हिरासत में लिया।
पूछताछ में एपीके ठगी का खुलासा
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने फर्जी एपीके फाइल के जरिए साइबर ठगी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, दूसरे व्यक्ति के नाम की सिम, बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
दो महीने में पांच साइबर अपराधी गिरफ्तार
कबीरधाम साइबर पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले दो महीनों में पुलिस टीम ने पांच अलग-अलग मामलों में मुख्य साइबर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान एपीके फाइल या लिंक को मोबाइल में डाउनलोड अथवा स्थापित न करें। साथ ही ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, सीवीवी और बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। अगर साइबर ठगी हो जाती है तो तत्काल 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, दूसरे व्यक्ति के नाम की सिम, बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। मामले में पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
विज्ञापन
फर्जी एपीके के जरिए खातों से उड़ाए पैसे
साइबर पुलिस के अनुसार, पिछले महीने पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी जानकारी के बिना उनके बैंक खातों से यूपीआई के जरिए रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित कर दी गई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की।
विज्ञापन
जांच में दो अलग-अलग मामलों में 1 लाख रुपये और 96,501 रुपये की साइबर ठगी सामने आई। पीड़ितों के मोबाइल फोन की जांच करने पर दोनों उपकरणों में आरटीओ चालान, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के नाम से भेजी गई फर्जी एपीके फाइल मिली।
पीड़ितों ने जानकारी के अभाव में इन फाइलों को अपने मोबाइल में स्थापित कर लिया था। पुलिस के मुताबिक, इसी के जरिए साइबर ठगों तक बैंकिंग और यूपीआई से संबंधित जानकारी पहुंची और बाद में बैंक खातों से रकम निकाल ली गई।
बैंकिंग जानकारी से झांसी तक पहुंची पुलिस
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने बताया कि मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंकिंग लेन-देन, खातों की जानकारी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर सौरभ कुशवाहा (24 वर्ष) पिता नरेंद्र कुशवाहा, निवासी करेरा, जिला शिवपुरी (मध्यप्रदेश) की पहचान की गई। इसके बाद कबीरधाम साइबर पुलिस की टीम झांसी पहुंची। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने आरोपी को एक किराये के मकान से हिरासत में लिया।
पूछताछ में एपीके ठगी का खुलासा
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने फर्जी एपीके फाइल के जरिए साइबर ठगी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, दूसरे व्यक्ति के नाम की सिम, बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
दो महीने में पांच साइबर अपराधी गिरफ्तार
कबीरधाम साइबर पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले दो महीनों में पुलिस टीम ने पांच अलग-अलग मामलों में मुख्य साइबर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान एपीके फाइल या लिंक को मोबाइल में डाउनलोड अथवा स्थापित न करें। साथ ही ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, सीवीवी और बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। अगर साइबर ठगी हो जाती है तो तत्काल 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।