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फरार अभियुक्त ने की थी ग्राम प्रधान के बेटे की हत्या
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राठ। कैंथी गांव के मौजूदा प्रधान के पुत्र की 31 साल पहले हुई हत्या के आरोपी और जमानत पर चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने 18 साल बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा है। आरोपी वृद्घ कोर्ट से जमानत पर चल रहा था। कई बार अदालत ने नोटिस जारी किए लेकिन आरोपी अदालत में हाजिर नहीं हुआ। इस पर अदालत वारंट जारी किया था। मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने छिप कर रह रहे आरोपी बाल कृष्ण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कोतवाली के कैंथी गांव में 11 नवंबर 1988 को दिवाली के समय बदनपुरा गांव की पुलिया के पास वर्तमान प्रधान रामस्वरूप मिश्र के पुत्र सुरेश चंद्र मिश्रा की तीन लोगों ने मामूली विवाद के चलते हत्या कर दी थी। रामस्वरूप ने बताया कि धनौरी गांव के मुन्ना, बाल किशन और उसके भाई लक्ष्मी के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हाईकोर्ट में मामला जाने पर कोर्ट तीनों को जमानत दे दी थी। वर्तमान में लक्ष्मी की मौत हो चुकी है। बाल किशन पिछले 18 सालों से फरार चल रहा था। कोर्ट कई बार वारंट जारी हुआ। लेकिन आरोपी साधु के वेश में महोबा जनपद के चरखारी क्षेत्र में रहने लगा था। साधु वेश धारण करने पर लोग उसे पहचान नहीं पा रहे थे।
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कोतवाली के कैंथी गांव में 11 नवंबर 1988 को दिवाली के समय बदनपुरा गांव की पुलिया के पास वर्तमान प्रधान रामस्वरूप मिश्र के पुत्र सुरेश चंद्र मिश्रा की तीन लोगों ने मामूली विवाद के चलते हत्या कर दी थी। रामस्वरूप ने बताया कि धनौरी गांव के मुन्ना, बाल किशन और उसके भाई लक्ष्मी के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हाईकोर्ट में मामला जाने पर कोर्ट तीनों को जमानत दे दी थी। वर्तमान में लक्ष्मी की मौत हो चुकी है। बाल किशन पिछले 18 सालों से फरार चल रहा था। कोर्ट कई बार वारंट जारी हुआ। लेकिन आरोपी साधु के वेश में महोबा जनपद के चरखारी क्षेत्र में रहने लगा था। साधु वेश धारण करने पर लोग उसे पहचान नहीं पा रहे थे।
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