{"_id":"5c800d6bbdec2213e806ecfb","slug":"10-years-of-imprisonment-in-a-deadly-attack","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानलेवा हमले में 10 साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जानलेवा हमले में 10 साल की कैद
Wed, 06 Mar 2019 11:41 PM IST
gaurav gaurav
हमीरपुर, उत्तर प्रदेश
हमीरपुर, उत्तर प्रदेश
Published by: gaurav gaurav
Updated Wed, 06 Mar 2019 11:41 PM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
राठ थानाक्षेत्र के पहाड़ीगढ़ी में 10 साल पहले पुरानी रंजिश में पड़ोसी पर धारदार हथियार से हमलाकर घायल करने के मामले की सुनवाई बुधवार को अदालत में हुई। जिसमें अपर सत्र न्यायाधीश विजय पाल यादव की अदालत ने दोषी को 10 साल की सजा सुनाई। वहीं मौदहा कस्बा में युवक पर धारदार हथियार से हमला करने के मामले में भी द्वितीय विशेष न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने तीन को दोषी पाते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई।
शासकीय अधिवक्ता राकेश यादव ने बताया पहाड़ीगढ़ी में आठ सितंबर 2008 को दोपहर जयहिंद गांव स्थित तालाब किनारे मंदिर में बैठा था। तभी पड़ोसी जयहिंद व उसका भाई अशवेंद्र बांका लेकर पहुंचे और जयहिंद ने पड़ोसी जयहिंद पर बांके से हमलाकर दिया। वहीं पास खड़ा उसका भाई अशवेंद्र तमंचा लहराकर ग्रामीणों को पास न आने की धमकी देता रहा।
इस घटना में जयहिंद घायल हो गया। हमले के पीछे घटना के करीब छह माह पूर्व ताश खेलते समय दोनों में विवाद हुआ था। इस घटना की रिपोर्ट घायल के चचेरे भाई ब्रजेंद्र सिंह ने जयहिंद और उसके भाई अशवेंद्र के खिलाफ दर्ज कराई थी। विवेचना में पुलिस ने अशवेंद्र का नाम हटा दिया और जयहिंद के खिलाफ चार्जशीट बनाकर अदालत में पेश की थी। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश विजय पाल यादव की अदालत ने दोषी को 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन
उधर, शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार यादव ने बताया मौदहा कस्बा के पूर्वी तरौस निवासी अजय 30 सितंबर 2011 की रात करीब आठ बजे नवरात्रि पर्व पर देवी झांकी देखकर घर जा रहा था। तभी रास्ते में कस्बा निवासी गुड्डू, सग्गन, जमील व जलाल ने उसे पकड़ लिया। गुड्डू ने अजय से कहा कि उसने बाइक क्यों नहीं रोकी थी।
बताया जैसे ही अजय बाइक से चलने को हुआ तभी सग्गन ने उसके पेट में चाकू से वारकर कर दिया। इस पर घायल अजय ने भागकर शिवबालक के मकान में घुसकर जान बचाई। घटना के बाद परिजन उसे गंभीर हालत में सीएचसी ले गए। घटना की रिपोर्ट घायल के परिवार के महेश ने थाने में गुड्डू, सग्गन, जमील व जलाल के खिलाफ दर्ज कराई।
मुकदमे के दौरान अभियुक्त जलाल की मृत्यु हो गई। मामले की सुनवाई के बाद द्वितीय विशेष न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने गुड्डू, सग्गन व जमील को सात सात वर्ष की सजा सुनाई। तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता राकेश यादव ने बताया पहाड़ीगढ़ी में आठ सितंबर 2008 को दोपहर जयहिंद गांव स्थित तालाब किनारे मंदिर में बैठा था। तभी पड़ोसी जयहिंद व उसका भाई अशवेंद्र बांका लेकर पहुंचे और जयहिंद ने पड़ोसी जयहिंद पर बांके से हमलाकर दिया। वहीं पास खड़ा उसका भाई अशवेंद्र तमंचा लहराकर ग्रामीणों को पास न आने की धमकी देता रहा।
विज्ञापन
इस घटना में जयहिंद घायल हो गया। हमले के पीछे घटना के करीब छह माह पूर्व ताश खेलते समय दोनों में विवाद हुआ था। इस घटना की रिपोर्ट घायल के चचेरे भाई ब्रजेंद्र सिंह ने जयहिंद और उसके भाई अशवेंद्र के खिलाफ दर्ज कराई थी। विवेचना में पुलिस ने अशवेंद्र का नाम हटा दिया और जयहिंद के खिलाफ चार्जशीट बनाकर अदालत में पेश की थी। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश विजय पाल यादव की अदालत ने दोषी को 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन
उधर, शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार यादव ने बताया मौदहा कस्बा के पूर्वी तरौस निवासी अजय 30 सितंबर 2011 की रात करीब आठ बजे नवरात्रि पर्व पर देवी झांकी देखकर घर जा रहा था। तभी रास्ते में कस्बा निवासी गुड्डू, सग्गन, जमील व जलाल ने उसे पकड़ लिया। गुड्डू ने अजय से कहा कि उसने बाइक क्यों नहीं रोकी थी।
बताया जैसे ही अजय बाइक से चलने को हुआ तभी सग्गन ने उसके पेट में चाकू से वारकर कर दिया। इस पर घायल अजय ने भागकर शिवबालक के मकान में घुसकर जान बचाई। घटना के बाद परिजन उसे गंभीर हालत में सीएचसी ले गए। घटना की रिपोर्ट घायल के परिवार के महेश ने थाने में गुड्डू, सग्गन, जमील व जलाल के खिलाफ दर्ज कराई।
मुकदमे के दौरान अभियुक्त जलाल की मृत्यु हो गई। मामले की सुनवाई के बाद द्वितीय विशेष न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने गुड्डू, सग्गन व जमील को सात सात वर्ष की सजा सुनाई। तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।