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हर रोज 40, हर घंटे दो लोगों की जा रही जान
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सड़क दुर्घटनाओं से बचाव को लेकर ड्राई रन करते पुलिस कर्मी (फाइल फोटो)।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। प्रदेश सड़क हादसे किसी भी महामारी से ज्यादा जानलेवा साबित हो रहे हैं। हालात ये हैं कि सड़कें हर रोज 40 और हर घंटे दो लोगों के खून से सन रही हैं। प्रदेश सरकार केे आई रेड एप पर 17 माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो 35,393 सड़क दुर्घटनाओं में 20,138 लोग जान गंवा चुके हैं। 30,263 लोग घायल हुए हैैं। 1,273 सड़क दुर्घटनाओं के साथ प्रयागराज प्रदेश में पहले, 1,241 हादसों के साथ कानपुर दूसरे और 1183 घटनाओं के साथ मेरठ तीसरे स्थान पर है। चित्रकूट मंडल में 386 दुर्घटनाओं के साथ हमीरपुर पहले, चित्रकूट दूसरे, बांदा तीसरे और महोबा चौथे स्थान पर है। ये आंकड़े एक जनवरी 2021 से 27 मई 2022 तक के हैं।
सबसे अधिक दुर्घटनाओं वाले जिले
जिला- दुर्घटनाएं मौत
प्रयागराज 1273 533
कानपुर 1241 454
मेरठ 1183 488
गाजियाबाद1156 499
हरदोई 1032 559
मंडल की स्थिति
जिला- दुर्घटनाएं मौत
हमीरपुर, 386 166
चित्रकूट 309 186
बांदा 267 149
महोबा 211 122
सबसे अधिक दुर्घटनाएं दोपहिया वाहन से
आईरेड के आंकड़ों के अनुसार 17 माह में सबसे अधिक दुर्घटनाएं दोपहिया वाहन से 5310, इसके बाद कार, जीप, वैन, टैक्सी से 2487, ट्रक से 2496, हैवी वाहन से 74 और साइकिल रिक्शा से 46 दुर्घनाएं हुईं हैं। साइकिल से कोई दुर्घटना नहीं हुई है।
नेशनल हाइवे में हो रहे सबसे ज्यादा हादसे
हादसों के आंकड़ों पर नजर डाले तो सबसे अधिक दुर्घटनाएं नेशनल हाइवे पर हो रही हैं। आईरेड एप के 17 माह के आंकड़ों पर देखें तो नेशनल हाइवे पर 6167, स्टेट हाइवे पर 3763, गांव की सड़कों पर 3669, जनपदीय सड़कों पर 3025, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर 671 और कम भीड़भाड़ 730 दुर्घटनाएं हुई हैं।
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हमीरपुर में ब्लैक स्पॉट की स्थिति
बेतवा कोतवाली, राठ तिराहा, कुछेछा, नरायनपुर, कुंडौरा, सुमेरपुर कस्बा, फैक्ट्री एरिया, चंदपुरवा गेट, इंगोहटा, मकरांव, बड़ा चौराहा मौदहा, छिरका मोड़ मौदहा, रोहन नाला, बसवारी मुस्करा, कस्बा मुस्करा, अंबेडकर चौराहा राठ, बसेला तिराहा राठ, गोहांड पेट्रोल पंप के पास जरिया, मगरौठ मोड़ चिकासी, राजामऊ जलालपुर में ब्लैक स्पॉट हैं।
ऐसे चिह्नित करते हैं ब्लैक स्पॉट
किसी 500 मीटर की सड़क पर पिछले तीन साल में पांच बार दुर्घटनाएं हुईं हो या 10 लोगों की जान गई या एक ही हादसे में 10 लोगों की जान गई तो उस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाता है।
मानवीय भूल से हो रहीं ज्यादातर दुर्घटनाएं
हमीरपुर के एआरटीओ आरपी सिंह का कहना है कि जनपद में जहां ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं, वहां वहां संकेतक और ब्रेकर बनाए गए हैं। फिर भी साल में 201 दुर्घटनाएं ब्लैक स्पॉट पर ही हुईं हैं। सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं मानवीय भूल जैसे ओवरटेक करना, ओवर स्पीड, झपकी आना, यातायात नियमों का पालन न करने से हो रहीं हैं।
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सबसे अधिक दुर्घटनाओं वाले जिले
जिला- दुर्घटनाएं मौत
प्रयागराज 1273 533
कानपुर 1241 454
मेरठ 1183 488
गाजियाबाद1156 499
हरदोई 1032 559
मंडल की स्थिति
जिला- दुर्घटनाएं मौत
हमीरपुर, 386 166
चित्रकूट 309 186
बांदा 267 149
महोबा 211 122
सबसे अधिक दुर्घटनाएं दोपहिया वाहन से
आईरेड के आंकड़ों के अनुसार 17 माह में सबसे अधिक दुर्घटनाएं दोपहिया वाहन से 5310, इसके बाद कार, जीप, वैन, टैक्सी से 2487, ट्रक से 2496, हैवी वाहन से 74 और साइकिल रिक्शा से 46 दुर्घनाएं हुईं हैं। साइकिल से कोई दुर्घटना नहीं हुई है।
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नेशनल हाइवे में हो रहे सबसे ज्यादा हादसे
हादसों के आंकड़ों पर नजर डाले तो सबसे अधिक दुर्घटनाएं नेशनल हाइवे पर हो रही हैं। आईरेड एप के 17 माह के आंकड़ों पर देखें तो नेशनल हाइवे पर 6167, स्टेट हाइवे पर 3763, गांव की सड़कों पर 3669, जनपदीय सड़कों पर 3025, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर 671 और कम भीड़भाड़ 730 दुर्घटनाएं हुई हैं।
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हमीरपुर में ब्लैक स्पॉट की स्थिति
बेतवा कोतवाली, राठ तिराहा, कुछेछा, नरायनपुर, कुंडौरा, सुमेरपुर कस्बा, फैक्ट्री एरिया, चंदपुरवा गेट, इंगोहटा, मकरांव, बड़ा चौराहा मौदहा, छिरका मोड़ मौदहा, रोहन नाला, बसवारी मुस्करा, कस्बा मुस्करा, अंबेडकर चौराहा राठ, बसेला तिराहा राठ, गोहांड पेट्रोल पंप के पास जरिया, मगरौठ मोड़ चिकासी, राजामऊ जलालपुर में ब्लैक स्पॉट हैं।
ऐसे चिह्नित करते हैं ब्लैक स्पॉट
किसी 500 मीटर की सड़क पर पिछले तीन साल में पांच बार दुर्घटनाएं हुईं हो या 10 लोगों की जान गई या एक ही हादसे में 10 लोगों की जान गई तो उस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाता है।
मानवीय भूल से हो रहीं ज्यादातर दुर्घटनाएं
हमीरपुर के एआरटीओ आरपी सिंह का कहना है कि जनपद में जहां ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं, वहां वहां संकेतक और ब्रेकर बनाए गए हैं। फिर भी साल में 201 दुर्घटनाएं ब्लैक स्पॉट पर ही हुईं हैं। सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं मानवीय भूल जैसे ओवरटेक करना, ओवर स्पीड, झपकी आना, यातायात नियमों का पालन न करने से हो रहीं हैं।