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मां के हत्यारोपी बेटे को भेजा गया जेल
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पौथिया (हमीरपुर)। ललपुरा थानाक्षेत्र के कलौलीजार गांव में सोमवार को मां की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या करने के आरोपी बेटे को पुलिस ने मंगलवार को जेल भेज दिया। आरोपी के दोनों भाइयों व बहन ने पोस्टमार्टम हाउस में पुलिस वालों से कहा कि वह लोग भाई का जीवन में कभी भी चेहरा नहीं देखेंगे।
सोमवार को कलौलीजार गांव में लालाराम ने किसी बात से नाराज होकर मां सजनवती की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी थी। साथ ही सबूत मिटाने के लिए घर में ही लकड़ियां डालकर शव में आग लगा दी थी। धुआं उठने पर पड़ोसियों ने घटना की सूचना ललपुरा पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मां की हत्या की खबर पाकर दिल्ली से रामबहादुर, वीरेंद्र व भागवती भी ससुराल से कलौलीजार गांव आ गए। मृतका के बड़े बेटे राम बहादुर ने बताया कि वह 10 मार्च को खरेला गांव में मामा के तेरहवीं संस्कार में शामिल होने आया था। तब गांव आने पर मां से दिल्ली चलने के लिए कहा था, तो वह कहने लगी कि मटर की कटाई मड़ाई हो जाने के बाद में चलेगी। इसके बाद वह दिल्ली लौट गया था। बच्चों के पेपर के चल रहे थे, इसलिए होली में घर नहीं आ सका।
छोटे भाई वीरेंद्र ने कहा कि वह मां से करीब एक वर्ष पहले मिला था। अब शव देखने को मिला है। दोनों भाइयों ने कहा कि सुबह छोटे भाई लालाराम से मिलने ललपुरा थाने गए थे। मगर उसे पुलिस डॉक्टरी के लिए अस्पताल ले गई थी। इसलिए मुलाकात नहीं हुई। कहा अब कभी उसका मुंह नहीं देखेंगे। ललपुरा पुलिस ने मंगलवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया। वहां से न्यायिक हिरासत में उसे जेल भेज दिया गया।
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सोमवार को कलौलीजार गांव में लालाराम ने किसी बात से नाराज होकर मां सजनवती की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी थी। साथ ही सबूत मिटाने के लिए घर में ही लकड़ियां डालकर शव में आग लगा दी थी। धुआं उठने पर पड़ोसियों ने घटना की सूचना ललपुरा पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मां की हत्या की खबर पाकर दिल्ली से रामबहादुर, वीरेंद्र व भागवती भी ससुराल से कलौलीजार गांव आ गए। मृतका के बड़े बेटे राम बहादुर ने बताया कि वह 10 मार्च को खरेला गांव में मामा के तेरहवीं संस्कार में शामिल होने आया था। तब गांव आने पर मां से दिल्ली चलने के लिए कहा था, तो वह कहने लगी कि मटर की कटाई मड़ाई हो जाने के बाद में चलेगी। इसके बाद वह दिल्ली लौट गया था। बच्चों के पेपर के चल रहे थे, इसलिए होली में घर नहीं आ सका।
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छोटे भाई वीरेंद्र ने कहा कि वह मां से करीब एक वर्ष पहले मिला था। अब शव देखने को मिला है। दोनों भाइयों ने कहा कि सुबह छोटे भाई लालाराम से मिलने ललपुरा थाने गए थे। मगर उसे पुलिस डॉक्टरी के लिए अस्पताल ले गई थी। इसलिए मुलाकात नहीं हुई। कहा अब कभी उसका मुंह नहीं देखेंगे। ललपुरा पुलिस ने मंगलवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया। वहां से न्यायिक हिरासत में उसे जेल भेज दिया गया।
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