{"_id":"6a87461566fb8c170107aa2c","slug":"five-year-sentence-in-two-molestation-cases-hamirpur-news-c-223-1-ham1013-144034-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: छेड़छाड़ के दो मामलों में पांच साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: छेड़छाड़ के दो मामलों में पांच साल की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने नाबालिग से छेड़छाड़ और घर में घुसकर अपराध करने के दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाया है। आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों मामलों की सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
17 मई 2015 को पीड़िता के पिता ने मौदहा थाने में सूचना दी थी। बताया था कि वह और उसकी पत्नी शादी में गए थे। घर के अन्य बच्चों को आरोपी प्याज खोदवाने ले गया। 15 वर्षीय पुत्री घर पर अकेली थी। खेत से वापस लौटकर आए उमेश ने उसके साथ छेड़छाड़ की। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस पर आरोपी का हौसला बढ़ गया और उसने 15 जुलाई 2015 को उसकी 17 वर्षीय पुत्री को बुरी नीयत से दबोच लिया। पुलिस ने प्राथमिकी नहीं लिखी तो शिकायत 20 जुलाई 2015 को राज्य आयोग व पुलिस उप महानिरीक्षक चित्रकूट मंडल से की।
इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तब कोर्ट में अपील की। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर पीड़िता के बयान दर्ज कराए। आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार देते हुए धारा 354बी आईपीसी के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
वहीं धारा 506 में एक वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इस मामले की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं विशेष वाद संख्या 86/2017 में दोषी को धारा 354बी के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 452 के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।
विज्ञापन
17 मई 2015 को पीड़िता के पिता ने मौदहा थाने में सूचना दी थी। बताया था कि वह और उसकी पत्नी शादी में गए थे। घर के अन्य बच्चों को आरोपी प्याज खोदवाने ले गया। 15 वर्षीय पुत्री घर पर अकेली थी। खेत से वापस लौटकर आए उमेश ने उसके साथ छेड़छाड़ की। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस पर आरोपी का हौसला बढ़ गया और उसने 15 जुलाई 2015 को उसकी 17 वर्षीय पुत्री को बुरी नीयत से दबोच लिया। पुलिस ने प्राथमिकी नहीं लिखी तो शिकायत 20 जुलाई 2015 को राज्य आयोग व पुलिस उप महानिरीक्षक चित्रकूट मंडल से की।
विज्ञापन
इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तब कोर्ट में अपील की। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर पीड़िता के बयान दर्ज कराए। आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार देते हुए धारा 354बी आईपीसी के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
वहीं धारा 506 में एक वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इस मामले की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं विशेष वाद संख्या 86/2017 में दोषी को धारा 354बी के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 452 के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।