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Hamirpur News: नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को 14 साल की सजा
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हमीरपुर। नाबालिग को बहला-फुसलाकर से जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आठ साल पुराने मामले में पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने फैसला सुनाया। आरोपी को दोषी करार देते हुए 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए कुल 18 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
मामला राठ कोतवाली क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता ने छह अप्रैल 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री 31 मार्च 2018 को मामा के घर से वापस गांव आई थी। उसी दिन भैसाय निवासी शिवकुमार उनके घर पहुंचा और मौका पाकर किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर शिवकुमार व उसके भाई राजकुमार, अनुज, बोरा, बहन यशोदा व रविंद्र समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पीड़िता को बरामद कर उसके 161 व 164 के बयान दर्ज किए गए। चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेजा गया। जांच में अन्य नामजद लोगों की संलिप्तता नहीं मिलने पर उन्हें विवेचना से अलग कर दिया गया जबकि शिवकुमार के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत ने पीड़िता के बयान, विवेचना और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी शिवकुमार को दोषी माना। विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने शिवकुमार को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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मामला राठ कोतवाली क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता ने छह अप्रैल 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री 31 मार्च 2018 को मामा के घर से वापस गांव आई थी। उसी दिन भैसाय निवासी शिवकुमार उनके घर पहुंचा और मौका पाकर किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
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पुलिस ने तहरीर के आधार पर शिवकुमार व उसके भाई राजकुमार, अनुज, बोरा, बहन यशोदा व रविंद्र समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पीड़िता को बरामद कर उसके 161 व 164 के बयान दर्ज किए गए। चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेजा गया। जांच में अन्य नामजद लोगों की संलिप्तता नहीं मिलने पर उन्हें विवेचना से अलग कर दिया गया जबकि शिवकुमार के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत ने पीड़िता के बयान, विवेचना और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी शिवकुमार को दोषी माना। विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने शिवकुमार को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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