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डिपो में बसों की कमी से यात्री होते परेशान
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हमीरपुर। डिपो में बसों की कमी के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घंटों इंतजार के बाद अन्य डिपो से आने वाली बसों में ही ज्यादातर यात्री सफर करने को मजबूर हैं। लेकिन बाहर से आने वाली बसें पहले से ही यात्रियों से भरी होने से लोगों को खड़े होकर सफर करना पड़ता है। वहीं भीड़ के कारण कोरोना गाइडलाइन का कहीं पालन नहीं दिखाई देता है।
जिले में परिवहन निगम नई बसें संचालित करने का दावा करता है, लेकिन शहर के डिपो में जर्जर बसों से ही काम चलाया जा रहा है। यात्रियों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी अतिरिक्त बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है। मुख्यालय से कानपुर-लखनऊ के लिए प्रतिदिन सबसे अधिक लोगों का आवागमन होता है। लेकिन डिपो से कानपुर व लखनऊ के लिए सिर्फ सात बसों का संचालन किया जा रहा है। राठ व महोबा से 25-30 बसों का संचालन होता है। शनिवार को ऐसा ही नजारा रोडवेज बस स्टैंड में देखने को मिला।
बड़ी संख्या में यात्री बसों का कई घंटों से इंतजार करते रहे। जब राठ व महोबा डिपो की बसें आईं तभी लोग अपने गतंव्य को रवाना हुए। वहीं बसों व बस स्टैंड में भीड़ होने के बाद भी कोरोना गाइडलाइन का कहीं भी पालन नहीं दिखाई दिया। इक्का दुक्का यात्री ही मास्क लगाए दिखे। एआरएम अकील अहमद ने बताया डिपो छोटा है, यहां बसों की कमी है। राठ, महोबा व बांदा डिपो की आने वाली बसों में ज्यादातर सवारियां कानपुर व लखनऊ जाती हैं।
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मुख्यालय निवासी अवधेश कुमार ने बताया लखनऊ परीक्षा देने जाना है। सुबह से करीब एक घंटे से लखनऊ जाने वाली बस का इंतजार कर रहे हैं। पूछताछ केंद्र में पूछने पर राठ व महोबा डिपो की बसों के आने की जानकारी दी गई है।
कुरारा कस्बा निवासी शुभम ने बताया उनकी दोपहर बाद कानपुर में परीक्षा है। सुबह से वह भी कानपुर जाने वाली बस के इंतजार में खड़े हैं। लेकिन कोई बस नहीं मिल रही। राठ व महोबा डिपो की आने वाली बसों का इंतजार कर रहे हैं।
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जिले में परिवहन निगम नई बसें संचालित करने का दावा करता है, लेकिन शहर के डिपो में जर्जर बसों से ही काम चलाया जा रहा है। यात्रियों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी अतिरिक्त बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है। मुख्यालय से कानपुर-लखनऊ के लिए प्रतिदिन सबसे अधिक लोगों का आवागमन होता है। लेकिन डिपो से कानपुर व लखनऊ के लिए सिर्फ सात बसों का संचालन किया जा रहा है। राठ व महोबा से 25-30 बसों का संचालन होता है। शनिवार को ऐसा ही नजारा रोडवेज बस स्टैंड में देखने को मिला।
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बड़ी संख्या में यात्री बसों का कई घंटों से इंतजार करते रहे। जब राठ व महोबा डिपो की बसें आईं तभी लोग अपने गतंव्य को रवाना हुए। वहीं बसों व बस स्टैंड में भीड़ होने के बाद भी कोरोना गाइडलाइन का कहीं भी पालन नहीं दिखाई दिया। इक्का दुक्का यात्री ही मास्क लगाए दिखे। एआरएम अकील अहमद ने बताया डिपो छोटा है, यहां बसों की कमी है। राठ, महोबा व बांदा डिपो की आने वाली बसों में ज्यादातर सवारियां कानपुर व लखनऊ जाती हैं।
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मुख्यालय निवासी अवधेश कुमार ने बताया लखनऊ परीक्षा देने जाना है। सुबह से करीब एक घंटे से लखनऊ जाने वाली बस का इंतजार कर रहे हैं। पूछताछ केंद्र में पूछने पर राठ व महोबा डिपो की बसों के आने की जानकारी दी गई है।
कुरारा कस्बा निवासी शुभम ने बताया उनकी दोपहर बाद कानपुर में परीक्षा है। सुबह से वह भी कानपुर जाने वाली बस के इंतजार में खड़े हैं। लेकिन कोई बस नहीं मिल रही। राठ व महोबा डिपो की आने वाली बसों का इंतजार कर रहे हैं।