फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   civic,manrega,hamirpur news

पहले से तैयार थे फंड ट्रांसफर आर्डर

Thu, 25 Feb 2021 06:31 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2021 06:31 PM IST
विज्ञापन
civic,manrega,hamirpur news
भरुआसुमेरपुर। मनरेगा योजना के सामग्री मद में धनराशि आने के पहले ही भुगतान के लिए जिले के दोनों ब्लॉकों में 139 एफटीओ (फंड ट्रांसफर आर्डर) तैयार कर लिए गए थे और धनराशि आते ही महज 17 सेकेंड में 114 एफटीओ में 15 करोड़ का भुगतान नियम विरुद्ध कर लिया गया। इस घटना ने जिले को सुर्खियों में ला दिया। शासन से गठित टीएसी (तकनीकी लेखा परीक्षण समिति) टीम ने इन सभी के खातों पर निकासी पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन

मनरेगा योजना के सामग्री मद में धनराशि आने के पूर्व भुगतान के लिए सुमेरपुर ब्लॉक के मनरेगा पटल में 49 एफटीओ तैयार की गई थीं। जबकि मौदहा में 90 एफटीओ तैयार कर भुगतान के लिए रणनीति बना ली गई थी। 19 फरवरी को देर शाम जैसे ही मनरेगा के प्रशासनिक मद में अवशेष धनराशि सामग्री मद में परिवर्तित की गई। तभी जनपद के इन ब्लाकों के बीडीओ अभिमन्यु सेठ ने देर रात दोनों जगहों पर महज 17 सेकेंड में 15 करोड़ का भुगतान 114 एफटीओ में बनी फर्मों को कर दिया।
विज्ञापन

पूरे प्रदेश के लिए जारी हुए 49 करोड़ में 15 करोड़ जिले के दो ब्लॉकों में ही निकाल लेने से दिल्ली से लेकर लखनऊ तक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सुमेरपुर में 49 एफटीओ के सापेक्ष 34 में तीन करोड़ का भुगतान किया गया। जबकि 15 एफटीओ में भुगतान जाना शेष है। इसी तरह मौदहा में 90 एफटीओ के सापेक्ष 80 में 12 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया। शासन की टीएसी टीम ने सभी एफटीओ में अपलोड की गई फर्मों के खाते में रोक लगाकर धन की निकासी ठप करा दी है। जांच के बाद ही फर्मों के खातों में लगी रोक हटने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खातों में रोक से सप्लायरों का कार्य प्रभावित
भरुआसुमेरपुर। ग्राम पंचायतों को निर्माण सामग्री मुहैया कराने वाली फर्मों के खातों में रोक लगने से सप्लायरों का कार्य प्रभावित है। अब वह किसी भी तरह का लेनदेन नहीं कर पा रहे हैं। कस्बे में संचालित निधि ट्रेडर्स, प्रजापति खाद एवं बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायर, गिरधर ट्रेडर्स, पंकज ट्रेडर्स, कन्हैया बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायर आदि ने बताया उनके यहां से ग्राम पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए सामग्री मुहैया कराई जाती है। जिस पर सामग्री की धनराशि का भुगतान खातों में किया जाता है। विगत दिवस मनरेगा में सामग्री भुगतान किया गया था। खाता संचालन न होने से वह अन्य कारोबार नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed